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बिल्डर वित्तीय अनुशासन बनाए रखें तो कोई भी परियोजना विफल नहीं हो सकती : संजीव कुमार
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हरेरा सदस्य संजीव कुमार नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थेअमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के सदस्य संजीव कुमार अरोड़ा ने कहा कि यदि डेवलपर्स शुरू से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हैं तो कोई भी रियल एस्टेट परियोजना विफल नहीं हो सकती है। विकसित भारत के लिए रियल एस्टेट की बदलती गतिशीलता पर एसोचैम के नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आवास ऋण पर ब्याज दरों में कमी की भी वकालत की।
अरोड़ा ने कहा कि कोई भी परियोजना विफल नहीं हो सकती है, बशर्ते प्रमोटर परियोजना की शुरुआत से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की कोशिश करे और ऋण-इक्विटी का अनुपात बनाए रखें। यदि प्रमोटर परियोजना की शुरुआत से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हैं, तो कोई भी परियोजना विफल नहीं हो सकती है। बिल्डर भी कम से कम संभव लागत पर काम करने को लेकर खुश हैं। हरेरा के सदस्य अरोड़ा ने कहा कि रेरा के लागू होने के बाद से पूरे भारत में लगभग 1,25,000 प्रोजेक्ट इसके तहत पंजीकृत हुए हैं, जबकि 75,000 ब्रोकर भी पंजीकृत हुए हैं। एसोचैम में नेशनल काउंसिल ऑन रियल एस्टेट, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि यह सेक्टर भारत को एक शीर्ष अर्थव्यवस्था बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। रियल एस्टेट 24 लाख करोड़ रुपये का बाजार है और इसका जीडीपी में योगदान लगभग 13.8 प्रतिशत है।
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गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के सदस्य संजीव कुमार अरोड़ा ने कहा कि यदि डेवलपर्स शुरू से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हैं तो कोई भी रियल एस्टेट परियोजना विफल नहीं हो सकती है। विकसित भारत के लिए रियल एस्टेट की बदलती गतिशीलता पर एसोचैम के नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आवास ऋण पर ब्याज दरों में कमी की भी वकालत की।
अरोड़ा ने कहा कि कोई भी परियोजना विफल नहीं हो सकती है, बशर्ते प्रमोटर परियोजना की शुरुआत से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की कोशिश करे और ऋण-इक्विटी का अनुपात बनाए रखें। यदि प्रमोटर परियोजना की शुरुआत से ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हैं, तो कोई भी परियोजना विफल नहीं हो सकती है। बिल्डर भी कम से कम संभव लागत पर काम करने को लेकर खुश हैं। हरेरा के सदस्य अरोड़ा ने कहा कि रेरा के लागू होने के बाद से पूरे भारत में लगभग 1,25,000 प्रोजेक्ट इसके तहत पंजीकृत हुए हैं, जबकि 75,000 ब्रोकर भी पंजीकृत हुए हैं। एसोचैम में नेशनल काउंसिल ऑन रियल एस्टेट, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि यह सेक्टर भारत को एक शीर्ष अर्थव्यवस्था बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। रियल एस्टेट 24 लाख करोड़ रुपये का बाजार है और इसका जीडीपी में योगदान लगभग 13.8 प्रतिशत है।
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