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Gurugram News: ड्यूटी नहीं तो वेतन नहीं, निजी एजेंसियां करेंगी शहर में सफाई
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सफाई कर्मियों के धरना प्रदर्शन और हड़ताल को देखते हुए नगर निगम ने किए वैकल्पिक इंतजाम
कूड़ा उठाने से रोका या गंदगी फैलाने पर दर्ज कराया जाएगा मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ठेका कर्मचारियों को काम से हटाए जाने के विरोध में नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन और हड़ताल के लिए बृहस्पतिवार को नगर निगम ने भी सख्त रुख अपना लिया। निगम के संयुक्त आयुक्त ने कहा कि जो कर्मचारी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं उनका वेतन रोक दिया जाए। सफाई व्यवस्था में निजी एजेंसियों को लगाया जाएगा। तय किया है कि अगर हड़ताली कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने से रोकने या गंदगी फैलाने का काम किया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बृहस्पतिवार को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) डॉ. नरेश कुमार ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि एक महीने से नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत के बावजूद धरने पर बैठे कर्मचारी और उनकी यूनियन मनमाना रवैया अपना रही है। इसके कारण कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तय किया है कि जो कर्मचारी काम पर वापस नहीं आ रहे हैं उन कर्मचारियों का गैर हाजिरी के हिसाब से वेतन रोका जाएगा। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निजी एजेंसियों से कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने का कार्य कराया जाएगा।
डॉ. नरेश कुमार को कुछ निजी एजेंसियों के ठेकेदारों ने बताया कि धरने पर बैठे कर्मचारी एवं उनके नेता शहर में कूड़ा उठाने के दौरान विरोध जताते हैं। लड़ाई-झगड़े पर उतारू रहते हैं। डॉ नरेश कुमार ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या कर्मचारी सफाई संबंधित कोई भी कार्य करने में बाधा डालते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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सोसाइटियों के लोगों ने की संयुक्त आयुक्त से मुलाकात
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर अलग-अलग क्षेत्र के और विभिन्न सोसाइटी के लोगों ने संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) डॉ. नरेश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जब से निगम के रोल के कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं तब से शहर में सफाई व्यवस्था खराब हुई है। धरने पर बैठे कर्मचारी शहर को कूड़े के ढेर पर रखने की फिराक में हैं। इसी तरह धरना प्रदर्शन रहा तो शहर में सफाई व्यवस्था खराब होगी।
कर्मचारी नेताओं का एलान-मांगें पूरी नहीं होने आंदोलन जारी
गुरुग्राम। हटाए गए 3480 ठेका कर्मचारियों को बहाल कराने की मांग को लेकर पुराने नगर निगम कार्यालय पर सफाई कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं तब तक हड़ताल जारी रहेगी। 15 अक्तूबर को रोहतक में होने वाली आक्रोश रैली में पांच हजार कर्मचारी पैदल मार्च करते हुए भाग लेंगे। इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जा सकती है। पुराने निगम कार्यालय पर धरने पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि जब तक हरियाणा सरकार छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को विभाग के रोल पर नहीं करेगी, हड़ताल जारी रहेगी। इसके अलावा समान काम समान वेतन, सभी अनुबंध दैनिक वेतन भोगी व पार्ट-2 और अन्य कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने ,अग्निशमन विभाग को शहरी स्थानीय निकाय विभाग में शामिल करने, 1327 ड्राइवर व फायरमैनों को सृजित पदों पर समायोजित करने, सफाई, सीवर पार्क, सिविल वर्क, वाटर सप्लाई, इलेक्ट्रिकल कार्य तथा अन्य कामों में दिए गए सभी प्रकार के ठेकों , मैनपॉवर, वर्कआउट सोर्स, डोर टू डोर, आरपीएफ स्टैंडर्ड, ऑपरेशनल मेंटेनेंस के ठेकों को समाप्त करने की मांग की गई है। इस मौके पर राज्य सचिव नरेश मलक्ट, संघ की सह सचिव सुशीला देवी, केंद्र कमेटी के नेता सोनिया, संघ के जिला प्रधान राजेश बोहत, इकाई की वरिष्ठ उप प्रधान कैलाश सांगलिया आदि मौजूद रहे। हड़ताल की अध्यक्षता नगर निगम इकाई के प्रधान राम सिंह ने की। संचालन संगठन सचिव धर्मेंद्र जंघाल ने किया।
सोहना में भी हड़ताल पर रहे ग्रामीण सफाई कर्मी
सोहना। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय पर ग्रामीण सफाई कर्मी भी बृहस्पतिवार को दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मियों के खंड स्तर की प्रधान विमलेश ने बताया कि यह धरना प्रदर्शन सीटू के आह्वान पर किया गया। 10 अक्तूबर को उपायुक्त कार्यालय पर भी धरना प्रदर्शन कर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं। उन्होंने बताया कि पिछले 17 वर्षों से सभी सफाई कर्मचारी कच्चे हैं जिन्हें पक्का नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी हमें स्कूल में कभी आंगनबाड़ी केंद्र में भेज देते हैं। पिछले कई वर्षों से हमारे पास औजार तक नहीं है। उन्होंने बताया कि यह हड़ताल आगे भी बढ़ सकती है। संवाद
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कूड़ा उठाने से रोका या गंदगी फैलाने पर दर्ज कराया जाएगा मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ठेका कर्मचारियों को काम से हटाए जाने के विरोध में नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन और हड़ताल के लिए बृहस्पतिवार को नगर निगम ने भी सख्त रुख अपना लिया। निगम के संयुक्त आयुक्त ने कहा कि जो कर्मचारी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं उनका वेतन रोक दिया जाए। सफाई व्यवस्था में निजी एजेंसियों को लगाया जाएगा। तय किया है कि अगर हड़ताली कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने से रोकने या गंदगी फैलाने का काम किया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बृहस्पतिवार को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) डॉ. नरेश कुमार ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि एक महीने से नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत के बावजूद धरने पर बैठे कर्मचारी और उनकी यूनियन मनमाना रवैया अपना रही है। इसके कारण कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर समस्याएं पैदा हो रही हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तय किया है कि जो कर्मचारी काम पर वापस नहीं आ रहे हैं उन कर्मचारियों का गैर हाजिरी के हिसाब से वेतन रोका जाएगा। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निजी एजेंसियों से कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने का कार्य कराया जाएगा।
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डॉ. नरेश कुमार को कुछ निजी एजेंसियों के ठेकेदारों ने बताया कि धरने पर बैठे कर्मचारी एवं उनके नेता शहर में कूड़ा उठाने के दौरान विरोध जताते हैं। लड़ाई-झगड़े पर उतारू रहते हैं। डॉ नरेश कुमार ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या कर्मचारी सफाई संबंधित कोई भी कार्य करने में बाधा डालते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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सोसाइटियों के लोगों ने की संयुक्त आयुक्त से मुलाकात
शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर अलग-अलग क्षेत्र के और विभिन्न सोसाइटी के लोगों ने संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) डॉ. नरेश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जब से निगम के रोल के कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं तब से शहर में सफाई व्यवस्था खराब हुई है। धरने पर बैठे कर्मचारी शहर को कूड़े के ढेर पर रखने की फिराक में हैं। इसी तरह धरना प्रदर्शन रहा तो शहर में सफाई व्यवस्था खराब होगी।
कर्मचारी नेताओं का एलान-मांगें पूरी नहीं होने आंदोलन जारी
गुरुग्राम। हटाए गए 3480 ठेका कर्मचारियों को बहाल कराने की मांग को लेकर पुराने नगर निगम कार्यालय पर सफाई कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं तब तक हड़ताल जारी रहेगी। 15 अक्तूबर को रोहतक में होने वाली आक्रोश रैली में पांच हजार कर्मचारी पैदल मार्च करते हुए भाग लेंगे। इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जा सकती है। पुराने निगम कार्यालय पर धरने पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि जब तक हरियाणा सरकार छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को विभाग के रोल पर नहीं करेगी, हड़ताल जारी रहेगी। इसके अलावा समान काम समान वेतन, सभी अनुबंध दैनिक वेतन भोगी व पार्ट-2 और अन्य कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने ,अग्निशमन विभाग को शहरी स्थानीय निकाय विभाग में शामिल करने, 1327 ड्राइवर व फायरमैनों को सृजित पदों पर समायोजित करने, सफाई, सीवर पार्क, सिविल वर्क, वाटर सप्लाई, इलेक्ट्रिकल कार्य तथा अन्य कामों में दिए गए सभी प्रकार के ठेकों , मैनपॉवर, वर्कआउट सोर्स, डोर टू डोर, आरपीएफ स्टैंडर्ड, ऑपरेशनल मेंटेनेंस के ठेकों को समाप्त करने की मांग की गई है। इस मौके पर राज्य सचिव नरेश मलक्ट, संघ की सह सचिव सुशीला देवी, केंद्र कमेटी के नेता सोनिया, संघ के जिला प्रधान राजेश बोहत, इकाई की वरिष्ठ उप प्रधान कैलाश सांगलिया आदि मौजूद रहे। हड़ताल की अध्यक्षता नगर निगम इकाई के प्रधान राम सिंह ने की। संचालन संगठन सचिव धर्मेंद्र जंघाल ने किया।
सोहना में भी हड़ताल पर रहे ग्रामीण सफाई कर्मी
सोहना। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय पर ग्रामीण सफाई कर्मी भी बृहस्पतिवार को दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मियों के खंड स्तर की प्रधान विमलेश ने बताया कि यह धरना प्रदर्शन सीटू के आह्वान पर किया गया। 10 अक्तूबर को उपायुक्त कार्यालय पर भी धरना प्रदर्शन कर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं। उन्होंने बताया कि पिछले 17 वर्षों से सभी सफाई कर्मचारी कच्चे हैं जिन्हें पक्का नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी हमें स्कूल में कभी आंगनबाड़ी केंद्र में भेज देते हैं। पिछले कई वर्षों से हमारे पास औजार तक नहीं है। उन्होंने बताया कि यह हड़ताल आगे भी बढ़ सकती है। संवाद