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Gurugram News: टीबी के खिलाफ जंग में डॉक्टर बने निक्षय मित्र
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अभियान के तहत मरीजों को गोद लेने की पहल चल रही
हर माह दवाइयों, पौष्टिक आहार किट के साथ दी जा रही 1,000 की आर्थिक सहायता
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों के उपचार और पोषण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। टीबी मुक्त अभियान के तहत मरीजों को गोद लेने की पहल चल रही है जिसमें चिकित्सकों के साथ-साथ सक्षम नागरिक भी आगे आ रहे हैं। निक्षय पोषण योजना में ऐसे नागरिक निक्षय मित्र बनकर मरीजों को पौष्टिक आहार किट और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
हर गोद लिए गए टीबी मरीज को प्रतिमाह दवाइयों के साथ 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता और पौष्टिक आहार किट दी जा रही है। आगामी छह माह तक यह सहायता लगातार उपलब्ध कराई जाएगी जिससे मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनका लाभ जिले के मरीजों को मिल रहा है।
अब तक जिले में लगभग 400 टीबी मरीजों को गोद लिया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने समाज के अन्य लोगों से भी अपील की है कि वे आगे आकर निक्षय मित्र बनें और टीबी उन्मूलन में अपना योगदान दें।
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जनवरी से सितंबर 2025 तक का आकंडा
टीबी मरीजों की संख्या- 8462
15 से 30 आयु के बीच-3125 मामले
31 से 45 आयु के बीच-2017 मामले
46 से 60 आयु के बीच-1500 मामले
60 से अधिक वर्ष - 1385 मामले
महिलाएं - 4758
पुरुष - 3702
ट्रांजेडर - 2
निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें डॉक्टरों के अलावा कोई भी व्यक्ति मरीज को गोद ले सकता है। इससे टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और मरीजों को पोषण व अन्य सहायता मिल सकेगी जिससे इलाज में तेजी आएगी और समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
- डाॅ. अलका सिंह, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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हर माह दवाइयों, पौष्टिक आहार किट के साथ दी जा रही 1,000 की आर्थिक सहायता
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों के उपचार और पोषण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। टीबी मुक्त अभियान के तहत मरीजों को गोद लेने की पहल चल रही है जिसमें चिकित्सकों के साथ-साथ सक्षम नागरिक भी आगे आ रहे हैं। निक्षय पोषण योजना में ऐसे नागरिक निक्षय मित्र बनकर मरीजों को पौष्टिक आहार किट और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
हर गोद लिए गए टीबी मरीज को प्रतिमाह दवाइयों के साथ 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता और पौष्टिक आहार किट दी जा रही है। आगामी छह माह तक यह सहायता लगातार उपलब्ध कराई जाएगी जिससे मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनका लाभ जिले के मरीजों को मिल रहा है।
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अब तक जिले में लगभग 400 टीबी मरीजों को गोद लिया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने समाज के अन्य लोगों से भी अपील की है कि वे आगे आकर निक्षय मित्र बनें और टीबी उन्मूलन में अपना योगदान दें।
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जनवरी से सितंबर 2025 तक का आकंडा
टीबी मरीजों की संख्या- 8462
15 से 30 आयु के बीच-3125 मामले
31 से 45 आयु के बीच-2017 मामले
46 से 60 आयु के बीच-1500 मामले
60 से अधिक वर्ष - 1385 मामले
महिलाएं - 4758
पुरुष - 3702
ट्रांजेडर - 2
निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें डॉक्टरों के अलावा कोई भी व्यक्ति मरीज को गोद ले सकता है। इससे टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और मरीजों को पोषण व अन्य सहायता मिल सकेगी जिससे इलाज में तेजी आएगी और समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
- डाॅ. अलका सिंह, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग