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Gurugram News: चंदू बुढ़ेरा जल संयंत्र पर बनेगी नई यूनिट
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विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की जा रही है तैयार, सन 2025 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य
100 एमएलडी की एक अन्य यूनिट का निर्माण पहले ही जारी, 2024 तक होगा पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आने वाले समय में पेजयल की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चंदू बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 100 एमएलडी क्षमता की नई यूनिट स्थापित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। यहां पर 100 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता की एक यूनिट के निर्माण का काम पहले से ही चल रहा है। इस तरह यहां पर कुल यूनिट की संख्या पांच हो जाएगी।
शहर की लगातार बढ़ रही पानी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) चंदू बुढेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 100-100 एमएलडी क्षमता की नई यूनिट तैयार कर रहा है। 100 एमएलएडी क्षमता की एक यूनिट बसई स्थित प्लांट पर भी तैयार होनी है।
मौजूदा समय में चंदू प्लांट पर 100 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट हैं और इनकी कुल क्षमता 300 एमएलडी है। बसई प्लांट पर 90 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट है और इनकी कुल क्षमता 270 एमएलडी है। चंदू बुढेरा स्थित प्लांट पर 100 एमएलडी की दो यूनिट और बसई स्थित प्लांट पर 100 एमएलडी की एक यूनिट बन जाने से कुल क्षमता 870 एमएलडी हो जाएगी। इसके लिए सन 2025 तक की समय सीमा तय की गई है। जीएमडीए के मुताबिक चंदू बुढेरा स्थित प्लांट पर जिस यूनिट के निर्माण का काम चल रहा है, उसके दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाने की संभावना है।
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यमुना से नहर के माध्यम से आता है प्लांट तक पानी
शहर में पानी की आपूर्ति करने वाली एकमात्र संस्था गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) है। बसई स्थित जल शोधन संयंत्र पर पश्चिमी यमुना नहर से 69 किलोमीटर का चैनल बनाकर पानी लाया जाता है। इसी प्रकार चंदू बुढेरा जल शोधन संयंत्र पर 65 किलोमीटर के एनसीआर चैनल के माध्यम से पानी पहुंचता है। यहीं से शहर के सभी 115 सेक्टरों में पानी की आपूर्ति होती है।
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100 एमएलडी की एक अन्य यूनिट का निर्माण पहले ही जारी, 2024 तक होगा पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आने वाले समय में पेजयल की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चंदू बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 100 एमएलडी क्षमता की नई यूनिट स्थापित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। यहां पर 100 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता की एक यूनिट के निर्माण का काम पहले से ही चल रहा है। इस तरह यहां पर कुल यूनिट की संख्या पांच हो जाएगी।
शहर की लगातार बढ़ रही पानी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) चंदू बुढेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 100-100 एमएलडी क्षमता की नई यूनिट तैयार कर रहा है। 100 एमएलएडी क्षमता की एक यूनिट बसई स्थित प्लांट पर भी तैयार होनी है।
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मौजूदा समय में चंदू प्लांट पर 100 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट हैं और इनकी कुल क्षमता 300 एमएलडी है। बसई प्लांट पर 90 एमएलडी क्षमता के तीन प्लांट है और इनकी कुल क्षमता 270 एमएलडी है। चंदू बुढेरा स्थित प्लांट पर 100 एमएलडी की दो यूनिट और बसई स्थित प्लांट पर 100 एमएलडी की एक यूनिट बन जाने से कुल क्षमता 870 एमएलडी हो जाएगी। इसके लिए सन 2025 तक की समय सीमा तय की गई है। जीएमडीए के मुताबिक चंदू बुढेरा स्थित प्लांट पर जिस यूनिट के निर्माण का काम चल रहा है, उसके दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाने की संभावना है।
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यमुना से नहर के माध्यम से आता है प्लांट तक पानी
शहर में पानी की आपूर्ति करने वाली एकमात्र संस्था गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) है। बसई स्थित जल शोधन संयंत्र पर पश्चिमी यमुना नहर से 69 किलोमीटर का चैनल बनाकर पानी लाया जाता है। इसी प्रकार चंदू बुढेरा जल शोधन संयंत्र पर 65 किलोमीटर के एनसीआर चैनल के माध्यम से पानी पहुंचता है। यहीं से शहर के सभी 115 सेक्टरों में पानी की आपूर्ति होती है।