फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Municipal officer 15 day salary deducted due to delay in implementation of Urban Ownership Scheme

एक्शन मोड में नायब सरकार: शहरी स्वामित्व योजना लागू होने में देरी, अधिकारियों पर गिरी गाज; एक सस्पेंड

Sat, 09 Nov 2024 11:01 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 09 Nov 2024 11:01 PM IST
सार

हरियाणा के गुरुग्राम शहर में नायब सरकार एक्शन मोड में नजर आई। यहां शहरी स्वामित्व योजना लागू करने में देरी के कारण नगर निगम के संयुक्त आयुक्तों, उप नगर आयुक्तों और एक एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पर कार्रवाई हुई है। गुरुग्राम नगर निगम के क्लर्क को रिश्वत मांगने के मामले में सस्पेंड किया गया है। 

विज्ञापन
Municipal officer 15 day salary deducted due to delay in implementation of Urban Ownership Scheme
सीएम नायब सिंह सैनी (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा की जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ त्वरित और समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से न देने के मामलों पर संज्ञान लेते हुए नायब सरकार एक्शंन मोड में नजर आई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को शहरी स्वामित्व योजना लागू करने में देरी होने के कारण 2 संयुक्त आयुक्तों, 2 उप नगर आयुक्तों और एक एग्जीक्यूटिव ऑफिसर का 15 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, गुरुग्राम नगर निगम के क्लर्क संदीप को 50,000 रुपये की रिश्वत माँगने के एक मामले में तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया गया।

विज्ञापन


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री आवास पर चल रहे सीएम डैशबोर्ड सेल से प्रत्येक विभाग की अलग-अलग स्कीमों को मॉनिटर किया जाता है। इसी कड़ी में एक कन्फर्मेशन सेल द्वारा लाभार्थियों से फोन पर बात कर उनका फीडबैक लिया जाता है, जिसे मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर सुनते हैं। स्कीमों के लागू होने के बाद नागरिकों से उनका अनुभव पूछा जाता है और उसके तहत अधिकारियों को बैठक में दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। 
विज्ञापन


शुक्रवार को कन्फर्मेशन सेल द्वारा जब शहरी स्वामित्व योजना के बारे में लाभार्थियों से पूछा गया तो कुछ गंभीर मामले सामने आए। गुरुग्राम के एक केस में एक लाभार्थी द्वारा पूरी राशि जमा करवाने के बावजूद दो साल से चक्कर लगवाए जा रहे थे और संदीप, क्लर्क ने 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए संदीप कुमार को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अंबाला, सोनीपत और नूह में नागरिकों ने कन्फर्मेशन सेल को फ़ोन पर बताया कि एक साल पहले पूरी राशि जमा करवा दी थी, मगर अधिकारियों ने अभी तक कन्वेयन्स डीड नहीं करवाई और बार बार दफ्तर के चक्कर लगवाए। मुख्यमंत्री ने तुरंत सभी संबंधित अधिकारियों की आधे महीने की तनख्वाह काटने के निर्देश जारी करवाए और कहा कि सरकार की योजनाओं को लागू करने में कोताही बरतने पर किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जायेगा। 

मुख्यमंत्री के आदेशों पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव द्वारा नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त अखिलेश यादव, नगर निगम अंबाला के संयुक्त आयुक्त पुनीत व उप नगर आयुक्त दीपक सूरा, नगर निगम सोनीपत के उप नगर आयुक्त हरदीप तथा नगर निगम नूंह के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरुण नांदल का 15 दिन का वेतन काटा गया है। मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पूरी राशि का भुगतान होने के 2 दिन के भीतर कन्वेयन्स डीड का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। 


शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव द्वारा अधिकारियों को अगले 3 दिनों में शहरी स्वामित्व योजना के तहत लंबित मामलों में कन्वेयन्स डीड का निष्पादन सुनिश्चित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 100 ऐसे मामले, जिनमें पूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है, उनकी कन्वेयन्स डीड का निष्पादन भी 14 नवंबर, 2024 तक पूरा किया जाए। इतना ही नहीं, 2152 लंबित मामलों पर भी आगामी 10 दिनों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed