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Gurugram News: संस्था की पहल से तीन राज्यों में 70 से अधिक जल निकायों का पुनरुद्धार
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- विश्व जल दिवस: लोगों को जल संचयन और जल प्रबंधन के बारे में किया गया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी।
तावडू। क्षेत्र के पांच गांवों के तालाबों का पुनरुद्धार किया गया है। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों को जल संचयन और जल प्रबंधन की जानकारी दी गई है। यह पहल अखिल भारतीय ग्रामीण उत्थान समिति और एसबीआई फाउंडेशन की संयुक्त साझेदारी से हुई है। क्षेत्र में जल संरक्षण और वाटरशेड प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इस पहल के तहत संस्थाओं द्वारा प्रदेश के रेवाड़ी, नूंह और सोनीपत जिलों के अलावा राजस्थान के अलवर जिले, यूपी के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और पंजाब के पटियाला में अब तक 70 से अधिक जल निकायों का कायाकल्प और विकास किया गया है। इस प्रयास का उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र में पानी की वापसी, भूजल स्तर में सुधार और स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक संजय प्रकाश का कहना है कि पानी मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। वाटरशेड विकास और टिकाऊ जल प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देना हमारे ग्राम सेवा कार्यक्रम का मुख्य फोकस रहा है। क्षेत्र के रंगाला, पाड़ा, ऊंटोंन और कालरपुरी गांव के चार तालाबों का पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पुनरुद्धार किया गया है। इसमें जलग्रहण क्षेत्र की ऊबड़-खाबड़ भूमि को समतल करना, तालाबों की धारण क्षमता बढ़ाना, गाद और कीचड़ हटाकर भूजल पुनर्भरण को बेहतर करना आदि शामिल है। अब तक 34 ग्राम जल समितियों को सशक्त बनाया गया है। 1,54,267 लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया गया है, 1537 हेक्टेयर जलग्रहण क्षेत्र का विकास हुआ है। इसके साथ ही, भूजल पर निर्भरता कम करते हुए सतही जल की उपलब्धता बढ़ाई गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी।
तावडू। क्षेत्र के पांच गांवों के तालाबों का पुनरुद्धार किया गया है। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों को जल संचयन और जल प्रबंधन की जानकारी दी गई है। यह पहल अखिल भारतीय ग्रामीण उत्थान समिति और एसबीआई फाउंडेशन की संयुक्त साझेदारी से हुई है। क्षेत्र में जल संरक्षण और वाटरशेड प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। इस पहल के तहत संस्थाओं द्वारा प्रदेश के रेवाड़ी, नूंह और सोनीपत जिलों के अलावा राजस्थान के अलवर जिले, यूपी के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और पंजाब के पटियाला में अब तक 70 से अधिक जल निकायों का कायाकल्प और विकास किया गया है। इस प्रयास का उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र में पानी की वापसी, भूजल स्तर में सुधार और स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक संजय प्रकाश का कहना है कि पानी मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। वाटरशेड विकास और टिकाऊ जल प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देना हमारे ग्राम सेवा कार्यक्रम का मुख्य फोकस रहा है। क्षेत्र के रंगाला, पाड़ा, ऊंटोंन और कालरपुरी गांव के चार तालाबों का पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पुनरुद्धार किया गया है। इसमें जलग्रहण क्षेत्र की ऊबड़-खाबड़ भूमि को समतल करना, तालाबों की धारण क्षमता बढ़ाना, गाद और कीचड़ हटाकर भूजल पुनर्भरण को बेहतर करना आदि शामिल है। अब तक 34 ग्राम जल समितियों को सशक्त बनाया गया है। 1,54,267 लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया गया है, 1537 हेक्टेयर जलग्रहण क्षेत्र का विकास हुआ है। इसके साथ ही, भूजल पर निर्भरता कम करते हुए सतही जल की उपलब्धता बढ़ाई गई है।
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