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Gurugram News: स्वचलित होगी पानी में क्लोरीन मिलाने के काम की निगरानी
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बसई और चंदू बुढेरा स्थित जल शोधन संयंत्रों में पानी में क्लोरीन मिलाने के काम की निगरानी स्वचलित होगी। जीएमडीए (गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी) इसके लिए केंद्रीकृत एकीकृत जल प्रबंधन प्रणाली (सीआईडब्ल्यूएएमएस) को अपनाएगा। मंगलवार को जीएमडीए की कोर प्लानिंग सेल (सीपीसी) की बैठक में इसको स्वीकृति दी गई। बैठक में जल निकासी, सीवेज और सड़क की मरम्मत से संबंधित बुनियादी विकास परियोजनाओं आदि को भी मंजूरी दी गई।
पानी में क्लोरीन मिलाने का काम अब तक मैनुअली किया जाता है। इसकी रिपोर्ट को विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाता है। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल ने कहा कि हम उन परियोजनाओं की पहचान कर रहे हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पूरा करने की आवश्यकता है। हनुमान चौक से दिल्ली सीमा तक लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क पर जीएमडीए साइकिल ट्रैक और आरसीसी ड्रेन-कम-फुटपाथ का निर्माण करेगा। साइकिल ट्रैक को विशेष रूप से साइकिल चालकों के लिए क्षेत्र का सीमांकन करने के लिए ग्रिल के साथ पंक्तिबद्ध किया जाना चाहिए।
उन्होंने टीम को इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में मानसून के दौरान जलभराव को रोकने के लिए जल निकासी कार्य पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी जारी किए। सेक्टर 112/114 के मास्टर डिवाइडिंग रोड की विशेष मरम्मत का कार्य भी चल रहा है, निर्देश दिया कि इस सड़क पर भारी लदे वाहनों/पटरियों के प्रवेश को रोकने के संबंध में गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस टीम को पत्र लिखा जाए।
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यह काम हुए स्वीकृत
सेक्टर- 30-41 के डिवाइडिंग रोड के साथ-साथ आरसीसी बॉक्स टाइप सरफेस कम मास्टर ड्रेन के निर्माण को मंजूरी मिली।
इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन, एमजी रोड, गैलेरिया क्षेत्र के आस-पास मानसून में जलभराव के समाधान के लिए इफ्को चौक पर मास्टर ड्रेन के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई।
सेक्टर-29-41, 27-28, 27-43, 25-28 और 43-44 की सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के साथ सरफेस ड्रेन स्लैब लगाने का प्रस्ताव मंजूर।
सेक्टर-43, वजीराबाद बांध के साथ-साथ क्रीक नंबर 1 की ईंट लाइनिंग भी होगी, जिससे क्रीक के किनारे मिट्टी के कटाव को रोका जा सके।
शहर की मास्टर सीवर लाइन को गाद मुक्त बनाने के लिए सीवर लाइनों की रुकावटों और प्रवाह के लिए, लाइनों की सफाई आदि के निर्देश।
सोहना रोड, सेक्टर-49-66, 30-31, 40-41 और 56-57 की सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के साथ-साथ मास्टर सीवर लाइनों की डिसिल्टिंग होगी।
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गुरुग्राम। बसई और चंदू बुढेरा स्थित जल शोधन संयंत्रों में पानी में क्लोरीन मिलाने के काम की निगरानी स्वचलित होगी। जीएमडीए (गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी) इसके लिए केंद्रीकृत एकीकृत जल प्रबंधन प्रणाली (सीआईडब्ल्यूएएमएस) को अपनाएगा। मंगलवार को जीएमडीए की कोर प्लानिंग सेल (सीपीसी) की बैठक में इसको स्वीकृति दी गई। बैठक में जल निकासी, सीवेज और सड़क की मरम्मत से संबंधित बुनियादी विकास परियोजनाओं आदि को भी मंजूरी दी गई।
पानी में क्लोरीन मिलाने का काम अब तक मैनुअली किया जाता है। इसकी रिपोर्ट को विभाग की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाता है। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल ने कहा कि हम उन परियोजनाओं की पहचान कर रहे हैं जिन्हें प्राथमिकता के आधार पूरा करने की आवश्यकता है। हनुमान चौक से दिल्ली सीमा तक लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क पर जीएमडीए साइकिल ट्रैक और आरसीसी ड्रेन-कम-फुटपाथ का निर्माण करेगा। साइकिल ट्रैक को विशेष रूप से साइकिल चालकों के लिए क्षेत्र का सीमांकन करने के लिए ग्रिल के साथ पंक्तिबद्ध किया जाना चाहिए।
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उन्होंने टीम को इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में मानसून के दौरान जलभराव को रोकने के लिए जल निकासी कार्य पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी जारी किए। सेक्टर 112/114 के मास्टर डिवाइडिंग रोड की विशेष मरम्मत का कार्य भी चल रहा है, निर्देश दिया कि इस सड़क पर भारी लदे वाहनों/पटरियों के प्रवेश को रोकने के संबंध में गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस टीम को पत्र लिखा जाए।
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यह काम हुए स्वीकृत
सेक्टर- 30-41 के डिवाइडिंग रोड के साथ-साथ आरसीसी बॉक्स टाइप सरफेस कम मास्टर ड्रेन के निर्माण को मंजूरी मिली।
इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन, एमजी रोड, गैलेरिया क्षेत्र के आस-पास मानसून में जलभराव के समाधान के लिए इफ्को चौक पर मास्टर ड्रेन के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई।
सेक्टर-29-41, 27-28, 27-43, 25-28 और 43-44 की सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के साथ सरफेस ड्रेन स्लैब लगाने का प्रस्ताव मंजूर।
सेक्टर-43, वजीराबाद बांध के साथ-साथ क्रीक नंबर 1 की ईंट लाइनिंग भी होगी, जिससे क्रीक के किनारे मिट्टी के कटाव को रोका जा सके।
शहर की मास्टर सीवर लाइन को गाद मुक्त बनाने के लिए सीवर लाइनों की रुकावटों और प्रवाह के लिए, लाइनों की सफाई आदि के निर्देश।
सोहना रोड, सेक्टर-49-66, 30-31, 40-41 और 56-57 की सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के साथ-साथ मास्टर सीवर लाइनों की डिसिल्टिंग होगी।