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Gurugram News: जलभराव और जाम के जाल में फंसी मिलेनियम सिटी

Fri, 11 Jul 2025 07:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jul 2025 07:12 PM IST
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Millennium City stuck in the trap of waterlogging and traffic jam
इंट्रो : हर बारिश में डूब जाने वाली मिलेनियम सिटी बुधवार रात हुई बारिश के बाद शुक्रवार को भी जलभराव और जाम के जाल में फंस रही। कई जगह लोग जाम में फंसे रहे है। कीचड़ और सड़कों पर भरे पानी से निकलने में लोगों को दिक्कत हुई। हर साल जलभराव से निजात दिलाने का वादा करने वाले जीएमडीए ने इस बार एआई से समाधान का आश्वासन दिया है।
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कापसहेड़ा बॉर्डर, सेक्टर चार और 40 में अब भी भरा है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में शुक्रवार को भी कई निचले इलाकों में जलभराव रहा। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कीचड़ और गंदगी ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दीं। कई जगहों पर दूषित पानी की सप्लाई हुई। सेक्टर-चार के अधिकतर घरों में गंदा पानी पहुंचा। धनवापुर अंडरपास के नीचे शुक्रवार तक पानी भरा रहा।
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लोगों का कहना है कि कापसहेड़ा बॉर्डर के पास गंदगी से बीमारियों का खतरा है। क्षेत्रवासी राजेश गेरा ने बताया कि नेशनल हाईवे-48 से पानी बहकर तीन किमी दूर कापसहेड़ा बाॅर्डर तक आया है।
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10 साल देख रहा हूं कि जरा-सी बारिश में सड़कों पर जलभराव और जाम लग जाता है ।-मोना शर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सनसिटी, सेक्टर-54
सेक्टर में कई जगहों पर अब भी जलभराव है। डीपीएस स्कूल के पास पानी जमा है। - वीरेंद्र त्यागी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर 47
सड़क निर्माण के कारण सारा पानी सेक्टर-69 व 70 की सोसाइटी के गेट और बेसमेंट में भर गया। -रश्मि अग्रवाल, ट्यूलिप आइवरी, सेक्टर 69
सेक्टर-16 आईडीसी के औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव से आवाजाही कठिन है। नाले साफ न होने यह स्थिति है। -सुमित राव,महासचिव, जीआईए
जहां-जहां पानी जमा है, वहां दवाओं का छिड़काव कर गंदगी हटाना चाहिए।- सुमेर सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, बीपीटीपी एम्स्टोरिया, सेक्टर 102
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सीएमओ कार्यालय के बाहर अब भी भरा है पानी

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-39 स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय और सेक्टर-31 स्थित पॉलिक्लीनिक के मुख्य द्वार के बाहर जलभराव से मरीजों और कर्मचारियों को दिक्कत हुई। स्वास्थ्य विभाग जहां मलेरिया, डेंगू और जलजनित बीमारियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं उसके कार्यालयों के बाहर जलभराव उसकी तैयारियों और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय आने वाले मरीजों और कर्मचारियों को कीचड़ व गंदे पानी से गुजरना पड़ा। हर साल बारिश के बाद यही हाल होता है, लेकिन प्रशासन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं कर पाया। नगर निगम के चीफ इंजीनियर विजय ढ़ाका ने बताया कि जलनिकासी के लिए सफाई की जा रही है।
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जलभराव में मदद करेंगे जवान
गुरुग्राम। यातायात पुलिस में शामिल हुए 40 जवानों को कांवड़ यात्रा और जलभराव में राहत संबंधी व्यवस्था संभालने के लिए लगाया गया है। वे लोगों की मदद करेंगे। पुलिस उपायुक्त (यातायात) डाॅ. राजेश मोहन ने शुक्रवार को जवानों को बरसात में होने वाले जलभराव में राहत कार्य में जुटने और कांवड़ यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण कराने के लिए निर्देश दिए।
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बारिश में शहर से जलनिकासी अब एआई के हवाले होगी
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर में बारिश के पानी की निकासी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये करेगा। उसका दावा है कि एआई से बारिश के स्तर का तत्काल आकलन कर संभावित उपायों को लागू करने में मदद मिलेगी। दो दिन पहले 12 घंटे में रिकॉर्ड 133 एमएम बारिश दर्ज के बाद शहर की सड़कें तालाब बन गई थीं। जीएमडीए ने गुरुग्राम और मानेसर क्षेत्रों में 218 जंक्शनों पर 1200 कैमरे लगाए हैं और आईसीसीसी से निगरानी रखी जा रही है। इन कैमरों की मदद से संबंधित जगहों पर रियल टाइम नजर रखी जा रही है।
जीएमडीए में स्मार्ट सिटी परियोजना के प्रभारी पीके अग्रवाल ने बताया कि बारिश के दौरान पानी निकासी और जाम जैसे मामलों को निपटाने के लिए एआई आधारित तकनीक प्रयोग करने पर काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बताया कि पहले बारिश समेत अन्य का डाटा उपलब्ध नहीं था। उन्होंने कहा कि पांच-छह साल में जीएमडीए के पास शहर में जलभराव और जाम समेत अन्य का ब्योरा है।
दूसरी ओर अब एआई तकनीक आ गई है। ऐसे में अब पानी निकासी के इंतजामों को बेहतर तरीके से करने में इसका प्रयोग हो सकता है। अग्रवाल ने बताया कि कई साल के बारिश के डेटा आकलन यह पता किया जा सकेगा कि कितने देर में पानी का निकासी हो सकती है। उन्होंने बताया कि शहर में प्रमुख चौक पर लगे कैमरे से पता चल जाता है कि शहर में कितनी बारिश हुई। यदि इस डेटा का सही इस्तेमाल किया गया तो हमें पता होगा कि पानी निकासी में कितना समय लग सकता है। इसको लेकर लोगों को अलर्ट किया जा सकेगा। हालांकि दूसरे चरण की योजना में एआई को लागू किया है। इसमें हादसे में सूचना कमांड सेंटर को देने और हादसे की रियल टाइम वीडियो भी उपलब्ध होगा। सीसीटीवी परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत 2,722 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ा जाएगा।

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भारी बारिश में निकासी का इंतजाम नहीं
जीएमडीए के अनुसार शहर में पानी निकासी की योजना हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने तैयार की। 20-25 साल के सिस्टम से भारी बारिश से पानी निकासी का इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में शहर में जलभराव हो जाता। जीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन से 10 हजार क्यूसेक पानी निवासी की क्षमता है। ऐसे में गुरुग्राम से अचानक ज्यादा पानी जाने से नजफगढ़ ड्रेन से निकासी संभव नहीं है। शहर में छोटे-छोटे तालाब बनाकर पानी को रोकने पर भी काम करना होगा।
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