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Gurugram News: प्रशासन की सतर्कता से रोका गया नाबालिग का विवाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने के लिए प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में एडीसी सोनू भट्ट के नेतृत्व में सोहना ब्लॉक के गांव दोहला में एक नाबालिग लड़की का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया।
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि 20 अप्रैल को एक नाबालिग का विवाह तय किया गया है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में लड़की की उम्र 17 वर्ष पाई गई, जो कानूनन निर्धारित आयु से कम है। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए विवाह को रुकवा दिया।
संरक्षण व बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन के नेतृत्व में टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें जागरूक किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
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गुरुग्राम। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने के लिए प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में एडीसी सोनू भट्ट के नेतृत्व में सोहना ब्लॉक के गांव दोहला में एक नाबालिग लड़की का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया।
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि 20 अप्रैल को एक नाबालिग का विवाह तय किया गया है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में लड़की की उम्र 17 वर्ष पाई गई, जो कानूनन निर्धारित आयु से कम है। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए विवाह को रुकवा दिया।
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संरक्षण व बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन के नेतृत्व में टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें जागरूक किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।
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