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Gurugram News: सक्षम युवा सर्वे में पिछड़े कई कॉलेज, कारण बताओ नोटिस
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- 18 से 25 वर्ष के युवाओं की रोजगार स्थिति सहित जन्मतिथि अपडेट के लिए करना है सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उच्च शिक्षा से दूर हुए युवाओं को एक बार फिर शिक्षा की डोर थामने के लिए कराए जा रहे सक्षम युवा सर्वे में ज्यादातर कॉलेज और जिले फिसड्डी साबित हो रहे हैं। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने ऐसे कॉलेजों को नामांकित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सर्वे का खाता खोलने में शून्य पर मौजूद कॉलेजों को भी कारण स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
सर्वे के जरिए घर-घर कॉलेज ड्रॉप आउट (कॉलेज बीच में ही छोड़ने वाले) ढूंढे जाएगें। ऐसे युवाओं को एक बार फिर से कॉलेज शिक्षा से जोड़ने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए प्रयास है कि जिले में 18 से 25 वर्षीय युवाओं को एक बार फिर से शिक्षा की डोर सौंपी जाए।
इसके लिए सामाजिक-आर्थिक सर्वे कर कॉलेज छोड़ने वाले युवाओं का पता लगाया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ऐसे छात्रों का पता लगाने के लिए परिवार पहचान पत्र का सहारा ले रहा है। निदेशालय ने सर्वे के तहत तीन बिंदुओं में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसमें छात्रों की जन्म तिथि और रोजगार का स्टेटस अपडेट करने के निर्देश दिए गए। ज्यादातर जिलों में मात्र 10 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। राजकीय कॉलेज की प्राचार्या रेनू ने बताया कि कॉलेज अपने स्तर पर जीईआर सर्वे में जुटे हैं। इसमें वक्त लग रहा है। हाल ही में विभागीय बैठक के दौरान इसके कारण भी स्पष्ट कर दिए गए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उच्च शिक्षा से दूर हुए युवाओं को एक बार फिर शिक्षा की डोर थामने के लिए कराए जा रहे सक्षम युवा सर्वे में ज्यादातर कॉलेज और जिले फिसड्डी साबित हो रहे हैं। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने ऐसे कॉलेजों को नामांकित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सर्वे का खाता खोलने में शून्य पर मौजूद कॉलेजों को भी कारण स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
सर्वे के जरिए घर-घर कॉलेज ड्रॉप आउट (कॉलेज बीच में ही छोड़ने वाले) ढूंढे जाएगें। ऐसे युवाओं को एक बार फिर से कॉलेज शिक्षा से जोड़ने का मौका मिलेगा। नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए प्रयास है कि जिले में 18 से 25 वर्षीय युवाओं को एक बार फिर से शिक्षा की डोर सौंपी जाए।
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इसके लिए सामाजिक-आर्थिक सर्वे कर कॉलेज छोड़ने वाले युवाओं का पता लगाया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ऐसे छात्रों का पता लगाने के लिए परिवार पहचान पत्र का सहारा ले रहा है। निदेशालय ने सर्वे के तहत तीन बिंदुओं में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसमें छात्रों की जन्म तिथि और रोजगार का स्टेटस अपडेट करने के निर्देश दिए गए। ज्यादातर जिलों में मात्र 10 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। राजकीय कॉलेज की प्राचार्या रेनू ने बताया कि कॉलेज अपने स्तर पर जीईआर सर्वे में जुटे हैं। इसमें वक्त लग रहा है। हाल ही में विभागीय बैठक के दौरान इसके कारण भी स्पष्ट कर दिए गए हैं।
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