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ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाएगी रखरखाव नीति : उपायुक्त
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-अधिकारियों को दिए सभी पेयजल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और टिकाऊ बनाने के लिए सरकार की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) पॉलिसी-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि जिले की सभी पेयजल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि केवल पेयजल ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव के लिए मजबूत व्यवस्था आवश्यक है। इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी, संस्थागत सहयोग और निरंतर निगरानी जरूरी है। उपायुक्त ने अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नई नीति के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां जलापूर्ति योजनाओं की प्लानिंग, मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण, बिलिंग और उपभोक्ता शुल्क संग्रहण का कार्य संभालेंगी। समितियों में महिलाओं की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल, सेवा ऐप और टोल-फ्री नंबर 1800-180-5678 के माध्यम से केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली भी लागू की गई है।
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नूंह। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और टिकाऊ बनाने के लिए सरकार की ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओ एंड एम) पॉलिसी-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि जिले की सभी पेयजल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि केवल पेयजल ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव के लिए मजबूत व्यवस्था आवश्यक है। इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी, संस्थागत सहयोग और निरंतर निगरानी जरूरी है। उपायुक्त ने अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों की नियमित समीक्षा कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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नई नीति के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां जलापूर्ति योजनाओं की प्लानिंग, मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण, बिलिंग और उपभोक्ता शुल्क संग्रहण का कार्य संभालेंगी। समितियों में महिलाओं की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल, सेवा ऐप और टोल-फ्री नंबर 1800-180-5678 के माध्यम से केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली भी लागू की गई है।
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