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पेड़ काटने को लेकर एम3एम बिल्डर की बढ़ी मुसीबतें
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पेड़ काटने को लेकर एम3एम बिल्डर की मुसीबतें बढ़ी
गुरुग्राम। गांव चौमा में 2200 पेड़ काटने को लेकर एम3एम बिल्डर की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। वन विभाग ने मामले में एनजीटी को बिल्डर पर 1.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। इसके लिए मंडल वन अधिकारी की तरफ पीसीसीएफ को जुर्माना राशि बनाकर भेज दी है जो इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को भेजेंगे।
वर्ष 2017 में एम3एम बिल्डर ने गांव चौमा में अपना प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 22 पेड़ काटने की वन विभाग से अनुमति मांगी थी। इस दौरान बिल्डर ने यहां 2200 पेड़ काट दिए। पेड़ काटने की बात जब मंडल वन अधिकारी को पता लगा तो इसकी जांच करवाई गई। जांच के दौरान पाया गया कि वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सहित 3 कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता है।
इस पर उन्होंने पालम विहार थाना पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पिछले महीने वन विभाग के एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया जबकि क्षेत्रीय अधिकारी सहित दो कर्मी फरार है। इस मामले की सुनवाई एनजीटी में भी चल रही है।
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एनजीटी ने बिल्डर को मामले में तलब किया था। मामले में एनजीटी ने बिल्डर पर जुर्माना लगाने के लिए उसकी गणना करने के आदेश वन विभाग को दिए थे। इस पर वन विभाग ने 2200 पेड़ों को काटने पर 1.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश एनजीटी को की है। इस बाबत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य वन संरक्षक अधिकारी (पीसीसीएफ) को भेजी जा चुकी है जो मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर इसे एनजीटी में दाखिल करेंगे।
मामले में जुर्माना लगाने की सिफारिश की जा चुकी है। उच्चाधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करनी है।
-सुभाष यादव, मंडल वन अधिकारी, गुरुग्राम
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गुरुग्राम। गांव चौमा में 2200 पेड़ काटने को लेकर एम3एम बिल्डर की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। वन विभाग ने मामले में एनजीटी को बिल्डर पर 1.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। इसके लिए मंडल वन अधिकारी की तरफ पीसीसीएफ को जुर्माना राशि बनाकर भेज दी है जो इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को भेजेंगे।
वर्ष 2017 में एम3एम बिल्डर ने गांव चौमा में अपना प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 22 पेड़ काटने की वन विभाग से अनुमति मांगी थी। इस दौरान बिल्डर ने यहां 2200 पेड़ काट दिए। पेड़ काटने की बात जब मंडल वन अधिकारी को पता लगा तो इसकी जांच करवाई गई। जांच के दौरान पाया गया कि वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी सहित 3 कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता है।
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इस पर उन्होंने पालम विहार थाना पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पिछले महीने वन विभाग के एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया जबकि क्षेत्रीय अधिकारी सहित दो कर्मी फरार है। इस मामले की सुनवाई एनजीटी में भी चल रही है।
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एनजीटी ने बिल्डर को मामले में तलब किया था। मामले में एनजीटी ने बिल्डर पर जुर्माना लगाने के लिए उसकी गणना करने के आदेश वन विभाग को दिए थे। इस पर वन विभाग ने 2200 पेड़ों को काटने पर 1.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश एनजीटी को की है। इस बाबत रिपोर्ट तैयार कर मुख्य वन संरक्षक अधिकारी (पीसीसीएफ) को भेजी जा चुकी है जो मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर इसे एनजीटी में दाखिल करेंगे।
मामले में जुर्माना लगाने की सिफारिश की जा चुकी है। उच्चाधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करनी है।
-सुभाष यादव, मंडल वन अधिकारी, गुरुग्राम