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Gurugram News: यूपी के सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले की खुलने लगीं परतें
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नेचर वेली रिजोर्ट में मिले कई पुख्ता सबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम/मानेसर। मानेसर के गांव कासन के प्रेमनगर के पास नेचर वेली रिजोर्ट में यूपी सिपाही भर्ती के पेपर लीक मामले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। अभी भी मौके पर नकल को लेकर कई सबूत देखे गए हैं। यूपी पेपर लीक मामले की जांच वैसे तो मेरठ एसटीएफ कर रही है, जिसमें अभी तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन रिजोर्ट के मालिक को एसटीएफ का नोटिस मिलने के बाद भी वे अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं। इसके साथ ही एसटीएफ द्वारा जारी किया गया पेपर हल करते समय का फोटो व मौके के फोटो के मेल खाने के साथ वहां पर विद्यार्थियों द्वारा पेपर हल करने के लिए प्रयुक्त पैंसिल रिजोर्ट के पार्क में अब भी पड़ी देखी गई है।
पेपर लीक मामले की जांच के दौरान 2 मार्च को यूपी की एसटीएफ ने सीसीटीवी की फुटेज, गेट एंट्री रजिस्टर तथा विजिटर एंट्री रजिस्टर की फोटो व अन्य सबूत अपने कब्जे में ले लिए थे। रिजोर्ट के विजिटर रजिस्टर में 14 फरवरी से 28 फरवरी तक किसी भी विजिटर की एंट्री नहीं दर्शाई गई जबकि इस रिजोर्ट में 15 फरवरी को लगभग 400 अभ्यर्थी पेपर हल करने के लिए आए थे तथा अगले दिन 16 फरवरी की सुबह लगभग 800 अभ्यर्थी और यहां आए थे। रिजोर्ट के लाॅन में अभ्यर्थियों को पेपर हल करवाने के लिए बैठाया गया था। पेपर हल करवाते समय कुछ लोग उनकी मदद करते भी देखे गए हैं। लॉन के पीछे 35 कमरों के तीन मंजिला भवन में परीक्षार्थियों को रोकने की व्यवस्था की गई थी। इन सब आरोपों के बीच रिसोर्ट के मालिक सतीश धनखड़ ने इन सबका खंडन करते हुए पूरे प्रकरण को गलत बताया है।
एसटीएफ द्वारा जारी फोटो व वर्तमान समय के फोटो का सही मिलान हो रहा
एसटीएफ मेरठ द्वारा परीक्षार्थियों के पेपर हल करते समय का जारी किया गया फोटो व रिजोर्ट का फोटो दोनों मैच कर रहे हैं। एसटीएफ द्वारा जारी फोटो रिजोर्ट के बड़े लाॅन की है जिसके पीछे दो मंजिला भवन है तथा सामने किचन व प्रबंधक का कार्यालय है। दोनों फोटो का मिलान करने पर देखा गया है कि सामने पाम ट्री हैं तथा सामने एक दो मंजिला भवन भी दिखाई दे रहा है। लाॅन में लगभग चार हजार बच्चों
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की बैठने का बड़ा परिसर है।
2 मार्च को यहां यूपी के मेरठ की एसटीएफ की टीम ने रिजोर्ट के रिकाॅर्ड की जांच पड़ताल के बाद रिजोर्ट के मालिक सतीश धनखड़ को नोटिस देते हुए उसे जांच में सहयोग के लिए बुलाया था। रिजोर्ट मालिक यह कहते हुए जांच में शामिल नहीं हुए कि नोटिस में कोई समय व तारीख नहीं दर्शाई गई थी। आज तक भी रिजोर्ट मालिक जांच में शामिल नहीं हुए हैं तथा दूसरे नोटिस का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय पुलिस ने मौके पर जाकर रिकार्ड की जांच की
बृहस्पतिवार सुबह आईएमटी थाना मानेसर के प्रभारी योगेश कुमार ने रिजोर्ट में जाकर वहां के रिकाॅर्ड की जांच की है तथा रिजोर्ट मालिक से कुछ पूछताछ की। रिकार्ड के अनुसार विजिटर रजिस्टर में 14 फरवरी से 28 फरवरी के बीच कोई भी एंट्री नहीं दिखाई गई। रिजोर्ट में अब भी कार्य चल रहा है।
क्या कहते हैं रिजोर्ट मालिक
रिजोर्ट मालिक सतीश धनखड़ ने उक्त आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि उसके रिजोर्ट में इस तरह की कोई गतिविधि नहीं हुई। भविष्य में यदि जांच के लिए उसे बुलाया गया तो वे हर जांच में शामिल होंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम/मानेसर। मानेसर के गांव कासन के प्रेमनगर के पास नेचर वेली रिजोर्ट में यूपी सिपाही भर्ती के पेपर लीक मामले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। अभी भी मौके पर नकल को लेकर कई सबूत देखे गए हैं। यूपी पेपर लीक मामले की जांच वैसे तो मेरठ एसटीएफ कर रही है, जिसमें अभी तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन रिजोर्ट के मालिक को एसटीएफ का नोटिस मिलने के बाद भी वे अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं। इसके साथ ही एसटीएफ द्वारा जारी किया गया पेपर हल करते समय का फोटो व मौके के फोटो के मेल खाने के साथ वहां पर विद्यार्थियों द्वारा पेपर हल करने के लिए प्रयुक्त पैंसिल रिजोर्ट के पार्क में अब भी पड़ी देखी गई है।
पेपर लीक मामले की जांच के दौरान 2 मार्च को यूपी की एसटीएफ ने सीसीटीवी की फुटेज, गेट एंट्री रजिस्टर तथा विजिटर एंट्री रजिस्टर की फोटो व अन्य सबूत अपने कब्जे में ले लिए थे। रिजोर्ट के विजिटर रजिस्टर में 14 फरवरी से 28 फरवरी तक किसी भी विजिटर की एंट्री नहीं दर्शाई गई जबकि इस रिजोर्ट में 15 फरवरी को लगभग 400 अभ्यर्थी पेपर हल करने के लिए आए थे तथा अगले दिन 16 फरवरी की सुबह लगभग 800 अभ्यर्थी और यहां आए थे। रिजोर्ट के लाॅन में अभ्यर्थियों को पेपर हल करवाने के लिए बैठाया गया था। पेपर हल करवाते समय कुछ लोग उनकी मदद करते भी देखे गए हैं। लॉन के पीछे 35 कमरों के तीन मंजिला भवन में परीक्षार्थियों को रोकने की व्यवस्था की गई थी। इन सब आरोपों के बीच रिसोर्ट के मालिक सतीश धनखड़ ने इन सबका खंडन करते हुए पूरे प्रकरण को गलत बताया है।
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एसटीएफ द्वारा जारी फोटो व वर्तमान समय के फोटो का सही मिलान हो रहा
एसटीएफ मेरठ द्वारा परीक्षार्थियों के पेपर हल करते समय का जारी किया गया फोटो व रिजोर्ट का फोटो दोनों मैच कर रहे हैं। एसटीएफ द्वारा जारी फोटो रिजोर्ट के बड़े लाॅन की है जिसके पीछे दो मंजिला भवन है तथा सामने किचन व प्रबंधक का कार्यालय है। दोनों फोटो का मिलान करने पर देखा गया है कि सामने पाम ट्री हैं तथा सामने एक दो मंजिला भवन भी दिखाई दे रहा है। लाॅन में लगभग चार हजार बच्चों
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की बैठने का बड़ा परिसर है।
2 मार्च को यहां यूपी के मेरठ की एसटीएफ की टीम ने रिजोर्ट के रिकाॅर्ड की जांच पड़ताल के बाद रिजोर्ट के मालिक सतीश धनखड़ को नोटिस देते हुए उसे जांच में सहयोग के लिए बुलाया था। रिजोर्ट मालिक यह कहते हुए जांच में शामिल नहीं हुए कि नोटिस में कोई समय व तारीख नहीं दर्शाई गई थी। आज तक भी रिजोर्ट मालिक जांच में शामिल नहीं हुए हैं तथा दूसरे नोटिस का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय पुलिस ने मौके पर जाकर रिकार्ड की जांच की
बृहस्पतिवार सुबह आईएमटी थाना मानेसर के प्रभारी योगेश कुमार ने रिजोर्ट में जाकर वहां के रिकाॅर्ड की जांच की है तथा रिजोर्ट मालिक से कुछ पूछताछ की। रिकार्ड के अनुसार विजिटर रजिस्टर में 14 फरवरी से 28 फरवरी के बीच कोई भी एंट्री नहीं दिखाई गई। रिजोर्ट में अब भी कार्य चल रहा है।
क्या कहते हैं रिजोर्ट मालिक
रिजोर्ट मालिक सतीश धनखड़ ने उक्त आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि उसके रिजोर्ट में इस तरह की कोई गतिविधि नहीं हुई। भविष्य में यदि जांच के लिए उसे बुलाया गया तो वे हर जांच में शामिल होंगे।