फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Lakhs spent, zero use, sanitary pad machine lying idle

Gurugram News: लाखों का खर्च शून्य इस्तेमाल, सेनेटरी पैड की मशीन पड़ी बेकार

Sat, 31 Jan 2026 07:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 07:09 PM IST
विज्ञापन
Lakhs spent, zero use, sanitary pad machine lying idle
सेनेटरी पैड उपलब्ध न होने के कारण छात्राओं को करना पड़ता है परेशानी का सामना
विज्ञापन

स्वरांजलि
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में छात्राओं को दिए जाने वाले सेनेटरी पैड की सुविधा को लेकर विद्यालय प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। शहर के कई स्कूलों में जहां पिछले दो वर्षों से छात्राओं को सेनेटरी पैड नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, कुछ स्कूलों में यह सुविधा सीमित रूप में ही नजर आ रही है। छात्राओं का कहना है कि मासिक धर्म के दौरान स्कूल में सेनेटरी पैड उपलब्ध न होने के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अदालत ने मासिक धर्म को स्वास्थ्य से जुड़ा मौलिक अधिकार मानते हुए सभी स्कूलों में छात्राओं को आवश्यक सुविधाएं देने के निर्देश दिए हैं। जिले में कुल 366 प्राथमिक स्कूल, 78 मिडिल स्कूल, 130 सीनियर सेकेंडरी स्कूल और 19 हाई स्कूल संचालित हैं। हालांकि, जिले के कुछ सरकारी स्कूलों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीनें एनजीओ के सहयोग से जरूर लगाई गई हैं, लेकिन सरकार की ओर से सेनेटरी पैड के पैकेट समय पर नहीं पहुंचने के कारण ये मशीनें लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रही हैं। कई स्कूलों में मशीनें तो लगी हैं, लेकिन उनमें पैड न होने के कारण वे सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं और उन पर धूल जमती नजर आ रही है।
विज्ञापन


------------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार की ओर से सेनेटरी पैड आमतौर पर कक्षा पांचवीं से ऊपर की छात्राओं को वितरित किए जाते हैं। अगर छात्राओं को सेनेटरी पैड नहीं मिल पा रहे हैं, तो यह व्यवस्था में गंभीर कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को बुनियादी स्वच्छता सुविधा से वंचित रखना बेहद चिंताजनक है और यह सरकार की बड़ी चूक है। - अशोक प्रजापति , राजकीय प्राथमिक संघ प्रधान
विभाग की ओर से स्कूलों में सेनेटरी पैड की व्यवस्था पहले से ही की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए जिला शिक्षा अधिकारी डीईओ कार्यालय नोडल एजेंसी है। स्कूलों को आवश्यकतानुसार सेनेटरी पैड डीईओ कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध कराए जाते हैं। - सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed