केएमपी एक्सप्रेस-वे बनेगा विकास का मॉडल, 4 राज्यों में हो रहे चुनावों में फायदा उठाएगी केंद्र सरकार
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कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही दिल्ली को एक और आउटर रिंग रोड मिल जाएगा। इससे दिल्ली में करीब 50 हजार ट्रकों समेत 70 हजार छोटे वाहनों का भार कम होगा। जाम मुक्त आवाजाही और दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा सुधरने के आसार बढ़ेंगे। इसके साथ ही भाजपा की कोशिश सियासी हवा को भी अपने पक्ष में करने की है। केएमपी एक्सप्रेसवे और इसके साथ बसाई जाने वाली पांच स्मार्ट सिटी को विकास के नये मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते हुए भाजपा राजस्थान और मध्यप्रदेश में चुनाव के वक्त भुनाने में जुटी है।
हरियाणा भाजपा अध्यक्ष से लेकर कई चेयरमैन की ड्यूटी राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनावों में लगी है। केएमपी एक्सप्रेसवे का शुरू होना और प्रधानमंत्री मोदी की जन विकास रैली इसका सबसे बड़ा जरिया बन सकती है। एक्सप्रेसवे शुरू होने से आठ राज्यों के 50 हजार वाहनों का भार दिल्ली के ऊपर कम पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के वाहन दिल्ली में प्रवेश किए बिना आउटर रिंग रोड के जरिये बाहर निकल जाएंगे। वाहनों से होने वाले प्रदूषण और इस पर होने वाली सियासत पर भी कुछ हद तक लगाम लग सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने 2004 में एक्सप्रेसवे मार्ग जैसे रिंग रोड बनाने के प्रस्ताव को पेश किया। 135 किमी लंबा कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) पहले ही तैयार हो चुका है।
दिल्ली के प्रदूषण में आएगी कमी
दिल्ली से होकर गुजरने वाले ट्रक और भारी वाहन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वायु प्रदूषण का बहुत बड़ा कारण है। जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान समेत आठ राज्यों के ट्रक दिल्ली में प्रवेश किए बिना दूसरे प्रदेशों में जा सकेंगे। इससे उम्मीद की जा रही है कि केएमपी एक्सप्रेसवे के कारण दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे प्रदूषण और भीड़भाड़ काफी हद तक कम हो जाएंगे।
मोदी के लिए चार चाय, मंत्री खाएंगे चूरमा-जलेबा
पीएम की जन विकास रैली को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। रैली स्थल से लेकर मोदी के खाने-पीने की व्यवस्था भी देख रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री के लिए चार तरह की चाय उपलब्ध रहेगी। इसमें तुलसी और गुड़ की चाय प्रमुख है। इसके अलावा रेवड़ी और जलेबी की भी व्यवस्था होगी। वहीं अन्य केंद्रीय व राज्यमंत्री समेत विशिष्ट अतिथियों के स्वागत में हरियाणवी जायका उपलब्ध रहेगा। पहले प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी विशेष भोजन तैयार कराया जाना था, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश और समयाभाव के कारण भोजन की व्यवस्था नहीं की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी अतिथियों के लिए शाकाहारी भोजन तैयार किया गया है। दोपहर के भोजन में हरियाणवी खानपान की झलक मिलेगी। घी और मसाले का भरपूर समायोजन होगा। इसमें बेसन की रोटी, बूरा-रोटी घी, मिक्स दाल, खीर मालपुआ के साथ बासमती चावल के पुलाव, जीरा राइस, तवा रोटी होगी।