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Gurugram News: जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
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किडनी कांड: अब तक सात लोगों की हुई गिरफ्तारी
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने किडनी कांड के मामले की छानबीन के दौरान चारों बांग्लादेशियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। पुलिस ने आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया है। पुलिस टीम ने जयपुर जेल में बंद तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया है।
जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद भोंडसी जेल में बंद चार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। उनसे पूछताछ के बाद अपने केस में आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था। इसी मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने जेल में बंद एनओसी जारी करने वाले आरोपी गौरव सिंह, फोर्टिस अस्पताल के समन्वयक विनोद सिंह व गिरीराज शर्मा को इस मामले में गिरफ्तार किया है, जबकि यह तीनों आरोपी एसीबी की ओर से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। जयपुर कमिश्नरेट की ओर से अब तक इस केस में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि जांच में अगला नंबर फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन व सर्जरी करने वाले डाक्टरों का है। दूसरी ओर किडनी कांड मामले की जांच कर रही कमिश्नरेट की पुलिस ने मामले का खुलासा करने वाली एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से संपर्क किया है। उसकी ओर से अब तक की गई छानबीन और गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी ली है। पुलिस ने किडनी प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी जारी करने वाले गौरव सिंह से बरामद कागजात और उसके बयान की जानकारी के साथ संबंधित अस्पतालों के समन्वयक की ओर हुई पूछताछ का ब्यौरा लिया है।
मुतुर्जा के बैंक खाते पर पुलिस की कड़ी नजर
गुरुग्राम। किडनी कांड के मास्टरमाइंड की जांच के दौरान एक के बाद एक हो रहे खुलासे से पुलिस के होश उड़े हुए हैं। पुलिस को उसके बैंक खाते में 22 हजार रुपये होने की जानकारी मिली है, जबकि उसके खाते में कोई बड़ी ट्रांजेक्शन नहीं है। अब वह यह जानने में जुटी है कि उसके खाते में आने वाले पैसे किस डॉक्टर या किस अस्पताल प्रबंधन की ओर से आए हैं।
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पुलिस को मुर्तुजा अंसारी का पासपोर्ट न मिलना, उसके बैंक खाते में हाई ट्रांजेक्शन न होना, उसकी कॉल डिटेल की छानबीन के नतीजे यह बता रहे हैं कि या तो वह बहुत शातिर था या बहुत ही सामान्य। पुलिस के हाथ ज्यों-ज्यों खाली होते नजर आ रहे हैं वैसे ही परेशानी बढ़ती जा रही है। पुलिस का मानना है कि वह कोई न कोई गलती जरूर करेगा, जिससे उसे दबोचा जा सके।
वर्जन
किडनी प्रत्यारोपण मामले में शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही प्रत्यारोपण करने वाले चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की जांच चल रही है। - गोपाल सिंह, एसीपी गांधी नगर, जयपुर।
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मयंक तिवारी
गुरुग्राम। जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने किडनी कांड के मामले की छानबीन के दौरान चारों बांग्लादेशियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की। पुलिस ने आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया है। पुलिस टीम ने जयपुर जेल में बंद तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया है।
जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद भोंडसी जेल में बंद चार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। उनसे पूछताछ के बाद अपने केस में आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था। इसी मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने जेल में बंद एनओसी जारी करने वाले आरोपी गौरव सिंह, फोर्टिस अस्पताल के समन्वयक विनोद सिंह व गिरीराज शर्मा को इस मामले में गिरफ्तार किया है, जबकि यह तीनों आरोपी एसीबी की ओर से गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। जयपुर कमिश्नरेट की ओर से अब तक इस केस में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि जांच में अगला नंबर फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन व सर्जरी करने वाले डाक्टरों का है। दूसरी ओर किडनी कांड मामले की जांच कर रही कमिश्नरेट की पुलिस ने मामले का खुलासा करने वाली एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से संपर्क किया है। उसकी ओर से अब तक की गई छानबीन और गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी ली है। पुलिस ने किडनी प्रत्यारोपण की फर्जी एनओसी जारी करने वाले गौरव सिंह से बरामद कागजात और उसके बयान की जानकारी के साथ संबंधित अस्पतालों के समन्वयक की ओर हुई पूछताछ का ब्यौरा लिया है।
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मुतुर्जा के बैंक खाते पर पुलिस की कड़ी नजर
गुरुग्राम। किडनी कांड के मास्टरमाइंड की जांच के दौरान एक के बाद एक हो रहे खुलासे से पुलिस के होश उड़े हुए हैं। पुलिस को उसके बैंक खाते में 22 हजार रुपये होने की जानकारी मिली है, जबकि उसके खाते में कोई बड़ी ट्रांजेक्शन नहीं है। अब वह यह जानने में जुटी है कि उसके खाते में आने वाले पैसे किस डॉक्टर या किस अस्पताल प्रबंधन की ओर से आए हैं।
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पुलिस को मुर्तुजा अंसारी का पासपोर्ट न मिलना, उसके बैंक खाते में हाई ट्रांजेक्शन न होना, उसकी कॉल डिटेल की छानबीन के नतीजे यह बता रहे हैं कि या तो वह बहुत शातिर था या बहुत ही सामान्य। पुलिस के हाथ ज्यों-ज्यों खाली होते नजर आ रहे हैं वैसे ही परेशानी बढ़ती जा रही है। पुलिस का मानना है कि वह कोई न कोई गलती जरूर करेगा, जिससे उसे दबोचा जा सके।
वर्जन
किडनी प्रत्यारोपण मामले में शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही प्रत्यारोपण करने वाले चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले की जांच चल रही है। - गोपाल सिंह, एसीपी गांधी नगर, जयपुर।