{"_id":"69f8f1ce378c64bb700e4a1a","slug":"issue-of-shifting-kherki-daula-toll-has-been-hanging-for-five-months-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-86885-2026-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: खेड़कीदौला टोल शिफ्ट करने का मामला पांच माह से लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: खेड़कीदौला टोल शिफ्ट करने का मामला पांच माह से लटका
विज्ञापन
पचगांव में विरोध और कुकरौला में सुरक्षा कारणों से जमीन पर पेच
जमीन नहीं मिलने से टोल शिफ्ट करने का मामला आगे नहीं बढ़ सका
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जमीन नहीं मिलने से करीब पांच माह से खेड़कीदौला टोल को शिफ्ट करने का मामला फंसा हुआ है। प्रशासन अब तक कुकरौला में जमीन विवाद सुलझा नहीं सका है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) स्थित खेड़कीदौला टोल से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग वर्ष 2015 से टोल हटाने की मांग कर रहे हैं। पचगांव में टोल बनाने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को 28 एकड़ जमीन दी थी। एनएचएआई ने पचगांव में टोल शिफ्ट करने का काम शुरू किया था। इसी दौरान गांवों के लोग पचगांव चौक पर अंडरपास और टोल को मानेसर की ओर बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इससे एनएचएआई का कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद पचगांव से टोल को मानेसर की ओर करीब एक किलोमीटर पहले कुकरौला में शिफ्ट करने पर काम शुरू किया गया, लेकिन यहां सुरक्षा कारणों का हवाला देकर काम रोक दिया गया। दूसरी ओर प्रशासन और एनएचएआई इस मामले का समाधान नहीं कर सके। इससे टोल निर्माण का कार्य बीच में ही रुक गया और मामला पिछले साल दिसंबर से लंबित है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने बताया कि टोल के लिए 28 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुकरौला में जमीन का मामला भी फंसा हुआ है, जिसे सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बतादें कि खेड़कीदौला में फिलहाल सामान्य टोल संचालित है। हालांकि नई जगह पर 28 लेन का टोल बनाया जाएगा। यहां मल्टीलेवल फ्री फ्लो टोल कलेक्शन (एमएलएफएफ) प्रणाली अपनाई जाएगी, जिसमें वाहन बिना रुके टोल का भुगतान कर सकेंगे।
विज्ञापन
साल 2003 में बना था टोल
वर्ष 2003 में दिल्ली-जयपुर हाईवे बनने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम सुपर कनेक्टिविटी द्वारा यह टोल शुरू किया गया था। सेक्टर-82 से 95 तक की बिल्डर लाइसेंस प्राप्त सोसाइटियों के लोगों को इससे परेशानी हो रही है। कई बार लोग इसे हटाने की मांग को लेकर जाम, धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक कर चुके हैं।
विज्ञापन
जमीन नहीं मिलने से टोल शिफ्ट करने का मामला आगे नहीं बढ़ सका
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जमीन नहीं मिलने से करीब पांच माह से खेड़कीदौला टोल को शिफ्ट करने का मामला फंसा हुआ है। प्रशासन अब तक कुकरौला में जमीन विवाद सुलझा नहीं सका है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) स्थित खेड़कीदौला टोल से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग वर्ष 2015 से टोल हटाने की मांग कर रहे हैं। पचगांव में टोल बनाने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को 28 एकड़ जमीन दी थी। एनएचएआई ने पचगांव में टोल शिफ्ट करने का काम शुरू किया था। इसी दौरान गांवों के लोग पचगांव चौक पर अंडरपास और टोल को मानेसर की ओर बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इससे एनएचएआई का कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद पचगांव से टोल को मानेसर की ओर करीब एक किलोमीटर पहले कुकरौला में शिफ्ट करने पर काम शुरू किया गया, लेकिन यहां सुरक्षा कारणों का हवाला देकर काम रोक दिया गया। दूसरी ओर प्रशासन और एनएचएआई इस मामले का समाधान नहीं कर सके। इससे टोल निर्माण का कार्य बीच में ही रुक गया और मामला पिछले साल दिसंबर से लंबित है।
विज्ञापन
एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने बताया कि टोल के लिए 28 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुकरौला में जमीन का मामला भी फंसा हुआ है, जिसे सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बतादें कि खेड़कीदौला में फिलहाल सामान्य टोल संचालित है। हालांकि नई जगह पर 28 लेन का टोल बनाया जाएगा। यहां मल्टीलेवल फ्री फ्लो टोल कलेक्शन (एमएलएफएफ) प्रणाली अपनाई जाएगी, जिसमें वाहन बिना रुके टोल का भुगतान कर सकेंगे।
विज्ञापन
साल 2003 में बना था टोल
वर्ष 2003 में दिल्ली-जयपुर हाईवे बनने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम सुपर कनेक्टिविटी द्वारा यह टोल शुरू किया गया था। सेक्टर-82 से 95 तक की बिल्डर लाइसेंस प्राप्त सोसाइटियों के लोगों को इससे परेशानी हो रही है। कई बार लोग इसे हटाने की मांग को लेकर जाम, धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक कर चुके हैं।