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Gurugram News: किसान क्लब की मासिक बैठक में उठा प्रवासी पशुओं का मुद्दा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। किसान क्लब की मासिक बैठक में क्षेत्र के किसानों ने बढ़ती पशु जनित समस्याओं को लेकर चिंता जताई। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से सरकार से मांग की है कि प्रवासी पशुओं के हरियाणा में प्रवेश पर तुरंत रोक लगाई जाए।
किसानों ने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी पशुपालक पशुओं के साथ हरियाणा में प्रवेश करते हैं। ये पशु अपने साथ कई तरह की संक्रामक बीमारियों को लेकर आते हैं। इससे स्थानीय पशुओं में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि ये पशुपालक कमजोर, बीमार और विकलांग पशुओं को यहीं छोड़कर चले जाते हैं, जो बाद में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और सड़कों पर हादसों का कारण भी बनते हैं।
क्लब के सदस्यों ने पशुओं में होने वाली लंपी बीमारी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में लंपी बीमारी का बहुत प्रकोप देखने को मिला है, जिससे सैकड़ों पशुओं की मौत हुई है और दूध उत्पादन पर भी असर पड़ा है। किसान क्लब के जिलाध्यक्ष राव मानसिंह ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और प्रवासी पशुओं के प्रदेश में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि स्थानीय किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।
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फर्रुखनगर। किसान क्लब की मासिक बैठक में क्षेत्र के किसानों ने बढ़ती पशु जनित समस्याओं को लेकर चिंता जताई। बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से सरकार से मांग की है कि प्रवासी पशुओं के हरियाणा में प्रवेश पर तुरंत रोक लगाई जाए।
किसानों ने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी पशुपालक पशुओं के साथ हरियाणा में प्रवेश करते हैं। ये पशु अपने साथ कई तरह की संक्रामक बीमारियों को लेकर आते हैं। इससे स्थानीय पशुओं में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि ये पशुपालक कमजोर, बीमार और विकलांग पशुओं को यहीं छोड़कर चले जाते हैं, जो बाद में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और सड़कों पर हादसों का कारण भी बनते हैं।
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क्लब के सदस्यों ने पशुओं में होने वाली लंपी बीमारी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में लंपी बीमारी का बहुत प्रकोप देखने को मिला है, जिससे सैकड़ों पशुओं की मौत हुई है और दूध उत्पादन पर भी असर पड़ा है। किसान क्लब के जिलाध्यक्ष राव मानसिंह ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और प्रवासी पशुओं के प्रदेश में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि स्थानीय किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।
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