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Gurugram News: पुलिस अधिकारियों को दी नए आपराधिक कानूनों, गिरफ्तारी प्रक्रिया व अनुसंधान संबंधी जानकारी
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पोक्सो मामलों में पीड़ितों को कानूनी सहायता एवं मुआवजा प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नए आपराधिक कानूनों, प्राथमिकी पंजीकरण प्रक्रिया, गिरफ्तारी प्रक्रिया, अनुसंधान की कार्यप्रणाली की जानकारी सेमिनार के दौरान पुलिसकर्मियों को दी गई। इस दौरान पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता एवं मुआवजा प्रक्रिया विषय पर भी जानकारी दी गई। इसके लिए बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के चौथे तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए अनुसंधान कार्य को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं विधिसम्मत बनाना था। सेमिनार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नारनौल की सीजेएम नीलम द्वारा एफआईआर पंजीकरण, गिरफ्तारी के विधिक प्रावधान, अनुसंधान के दौरान अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया, न्यायालयीन कार्यवाही से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया गया। इसके साथ ही अनुसंधान के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके विधिसम्मत समाधान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने अधिकारियों को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सेमिनार के दौरान पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में पीड़ितों के अधिकार के बारे में बताया गया। अभियोग दर्ज होने के बाद अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया को समझाया गया। पीड़ितों को उपलब्ध सहायता योजनाओं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। पीड़ित क्षतिपूर्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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सेमिनार में एसीपी हेडक्वार्टर अभिलक्ष जोशी, एसीपी ट्रैफिक हेडक्वार्टर सतपाल, एसीपी महिला अपराध सुशीला, एसीपी यशवंत यादव सहित जिले के सभी एसीपी, एसएचओ, जांच अधिकारी विभिन्न पुलिस थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विषय विशेषज्ञ से विभिन्न कानूनी विषयों पर चर्चा की तथा अपने प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया। गुरुग्राम पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन कानूनों एवं न्यायिक प्रक्रियाओं से अद्यतन रखने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाना, पीड़ितों के अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित करना तथा आमजन को पारदर्शी, संवेदनशील एवं विधिसम्मत पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नए आपराधिक कानूनों, प्राथमिकी पंजीकरण प्रक्रिया, गिरफ्तारी प्रक्रिया, अनुसंधान की कार्यप्रणाली की जानकारी सेमिनार के दौरान पुलिसकर्मियों को दी गई। इस दौरान पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता एवं मुआवजा प्रक्रिया विषय पर भी जानकारी दी गई। इसके लिए बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के चौथे तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए अनुसंधान कार्य को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं विधिसम्मत बनाना था। सेमिनार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नारनौल की सीजेएम नीलम द्वारा एफआईआर पंजीकरण, गिरफ्तारी के विधिक प्रावधान, अनुसंधान के दौरान अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया, न्यायालयीन कार्यवाही से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया गया। इसके साथ ही अनुसंधान के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके विधिसम्मत समाधान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने अधिकारियों को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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सेमिनार के दौरान पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में पीड़ितों के अधिकार के बारे में बताया गया। अभियोग दर्ज होने के बाद अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया को समझाया गया। पीड़ितों को उपलब्ध सहायता योजनाओं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। पीड़ित क्षतिपूर्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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सेमिनार में एसीपी हेडक्वार्टर अभिलक्ष जोशी, एसीपी ट्रैफिक हेडक्वार्टर सतपाल, एसीपी महिला अपराध सुशीला, एसीपी यशवंत यादव सहित जिले के सभी एसीपी, एसएचओ, जांच अधिकारी विभिन्न पुलिस थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विषय विशेषज्ञ से विभिन्न कानूनी विषयों पर चर्चा की तथा अपने प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया। गुरुग्राम पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीन कानूनों एवं न्यायिक प्रक्रियाओं से अद्यतन रखने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार लाना, पीड़ितों के अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित करना तथा आमजन को पारदर्शी, संवेदनशील एवं विधिसम्मत पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना है।