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Gurugram News: आयकर विभाग की टीम ने ठेकेदार के ठिकानों पर दी दबिश
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100 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति होने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आयकर विभाग गुरुग्राम की टीम ने सड़क, फ्लाईओवर, पुल, राजमार्ग और सिंचाई विभाग के इंजीनियरिंग, खरीद व निर्माण आदि का ठेका लेने वाले प्रमुख ठेकेदार राम कुमार के गुरुग्राम व पंचकुला स्थित ठिकानों पर तलाशी ली। आयकर विभाग की टीम द्वारा ठेकेदार द्वारा अर्जित वास्तविक आय का पता लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई। इस दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति होने का अनुमान लगाया। संयुक्त आयकर आयुक्त सुधा यादव (आईआरएस) व आयकर उपायुक्त सोनिया नैन (आईआरएस) की अगुवाई में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। इस दौरान ठेकेदार के कई दस्तावेज जब्त किए गए। आयकर विभाग के अधिकारियों को पता चला कि ठेकेदार ने बड़े पैमाने पर बेहिसाब नकद लेनदेन किया हुआ है। ठेकेदार की कार्यप्रणाली में फर्जी व्यय/उपअनुबंधों की आड़ में दिखावटी व्यय और आवास प्रविष्टियों के माध्यम से धन को नकदी में बदलना भी पाया गया है। वहीं बेहिसाब नकदी के अस्पष्ट व्यय के साक्ष्य भी पाए गए जो जब्त कर लिए गए है। इन साक्ष्यों के आधार पर ठेकेदार के मुख्य कर्मचारी ने स्वीकार किया है कि बेहिसाब नकदी और बेहिसाब व्यय दिखाने के लिए फर्जी बिलिंग की जा रही थी। जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि लंबे समय से कर की चोरी होती है। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी दस्तावेजों से पता चला है कि बेहिसाब आय 100 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। कुछ पाए गए और जब्त किए गए सबूतों के विश्लेषण के आधार पर मुख्य कर्मचारी ने पहले ही रुपये स्वीकार कर लिए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आयकर विभाग गुरुग्राम की टीम ने सड़क, फ्लाईओवर, पुल, राजमार्ग और सिंचाई विभाग के इंजीनियरिंग, खरीद व निर्माण आदि का ठेका लेने वाले प्रमुख ठेकेदार राम कुमार के गुरुग्राम व पंचकुला स्थित ठिकानों पर तलाशी ली। आयकर विभाग की टीम द्वारा ठेकेदार द्वारा अर्जित वास्तविक आय का पता लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई। इस दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति होने का अनुमान लगाया। संयुक्त आयकर आयुक्त सुधा यादव (आईआरएस) व आयकर उपायुक्त सोनिया नैन (आईआरएस) की अगुवाई में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। इस दौरान ठेकेदार के कई दस्तावेज जब्त किए गए। आयकर विभाग के अधिकारियों को पता चला कि ठेकेदार ने बड़े पैमाने पर बेहिसाब नकद लेनदेन किया हुआ है। ठेकेदार की कार्यप्रणाली में फर्जी व्यय/उपअनुबंधों की आड़ में दिखावटी व्यय और आवास प्रविष्टियों के माध्यम से धन को नकदी में बदलना भी पाया गया है। वहीं बेहिसाब नकदी के अस्पष्ट व्यय के साक्ष्य भी पाए गए जो जब्त कर लिए गए है। इन साक्ष्यों के आधार पर ठेकेदार के मुख्य कर्मचारी ने स्वीकार किया है कि बेहिसाब नकदी और बेहिसाब व्यय दिखाने के लिए फर्जी बिलिंग की जा रही थी। जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि लंबे समय से कर की चोरी होती है। आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी दस्तावेजों से पता चला है कि बेहिसाब आय 100 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है। कुछ पाए गए और जब्त किए गए सबूतों के विश्लेषण के आधार पर मुख्य कर्मचारी ने पहले ही रुपये स्वीकार कर लिए हैं।