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Gurugram News: हत्या के मामले में फरार आरोपी की जगह दूसरे आरोपी को भेजा जेल
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- जीजा साले की हत्या से जुड़े मामले में नूंह पुलिस की बड़ी लापरवाही का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। जीजा साला की हत्या से जुड़े करीब 25 साल पुराने मामले में नूंह पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसका खुलासा कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ है। दावा है कि डबल मर्डर व लूट के 25 साल पुराने मामले में फरार घोषित आरोपी के स्थान पर पुलिस ने दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार कर न सिर्फ जेल भेजा बल्कि उसे साढ़े तीन महीने जेल में रखा। फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपी को जमानत मिल गई है।
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता मुजीब ने बताया कि वर्ष 1999 में पीपाका पहाड़ में अज्ञात बदमाशो ने जीजा साले से लूटपाट कर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने जांच में उत्तर प्रदेश के मुन्ना को आरोपी माना था। जिसे वर्ष 2011 में फरार घोषित किया था। लेकिन पुलिस ने बीते साल अक्तूबर में उत्तर प्रदेश के संभल निवासी मोहम्मद जफर उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अधिवक्ता मुजीब ने बताया कि फरार आरोपी मुन्ना था जबकि पुलिस ने अपनी ओर से मुन्ना उर्फ जफर को भी जोड़ दिया। अधिवक्ता ने अदालत में पुलिस के इसी आधार को चुनौती दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्या के असली दोषियों को आज तक गिरफ्तार नहीं किया। जबकि गलत सूचना पर निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार कर करीब साढ़े तीन महीने जेल में रखा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। जीजा साला की हत्या से जुड़े करीब 25 साल पुराने मामले में नूंह पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसका खुलासा कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ है। दावा है कि डबल मर्डर व लूट के 25 साल पुराने मामले में फरार घोषित आरोपी के स्थान पर पुलिस ने दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार कर न सिर्फ जेल भेजा बल्कि उसे साढ़े तीन महीने जेल में रखा। फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपी को जमानत मिल गई है।
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता मुजीब ने बताया कि वर्ष 1999 में पीपाका पहाड़ में अज्ञात बदमाशो ने जीजा साले से लूटपाट कर हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने जांच में उत्तर प्रदेश के मुन्ना को आरोपी माना था। जिसे वर्ष 2011 में फरार घोषित किया था। लेकिन पुलिस ने बीते साल अक्तूबर में उत्तर प्रदेश के संभल निवासी मोहम्मद जफर उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अधिवक्ता मुजीब ने बताया कि फरार आरोपी मुन्ना था जबकि पुलिस ने अपनी ओर से मुन्ना उर्फ जफर को भी जोड़ दिया। अधिवक्ता ने अदालत में पुलिस के इसी आधार को चुनौती दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने हत्या के असली दोषियों को आज तक गिरफ्तार नहीं किया। जबकि गलत सूचना पर निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार कर करीब साढ़े तीन महीने जेल में रखा।
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