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Gurugram News: द्रोण की भूमि में शिक्षकों की कुर्सियां खालीं, बेंच पर बेबस एकलव्य
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- मॉडल संस्कृति और पीएम श्री स्कूलों में 25 फीसदी से ज्यादा पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्रोणाचार्य की भूमि में आज हजारों एकलव्य शिक्षकों की राह ताक रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के कारण जिले के मॉडल संस्कृति और पीएम श्री स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं। आकड़ों के अनुसार गुरुग्राम में शिक्षकों के 153 स्वीकृत हैं जिनमें से 39 पद अभी भी खाली पड़े हैं, यानी जिले में करीब 25.5 फीसदी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
जिले में 109 मॉडल संस्कृति और 8 पीएमश्री स्कूल हैं। शिक्षकों के अभाव में कई स्कूलों एक ही शिक्षक को कई विषयों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई और विषयवार मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। खासतौर पर बोर्ड कक्षाओं के छात्रों को अतिरिक्त तैयारी और डाउट क्लियर करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों की कमी का असर केवल पढ़ाई सीमित नहीं है बल्कि स्कूल की अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विद्यार्थियों की काउंसलिंग जैसी गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई का स्तर पहले की तुलना में कम हुआ है और समय पर सिलेबस पूरी नहीं हो पा रहा। बता दें कि गुरुग्राम में 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम भी उम्मीद के अनुसार नहीं रहा।
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वर्जन
किसी भी स्कूल की गुणवक्ता शिक्षक पर निर्भर करती है। यदि समय रहते खाली पद नहीं भरे गए तो आने वाले समय में शिक्षा का स्तर और प्रभावित हो सकता है। जब एक शिक्षक को कई कक्षाओं और विषयों की जिम्मेदारी दी जाती है तो बच्चों को पर्याप्त मार्गदर्शन नही मिल पाता जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। - अशोक दिवाकर, शिक्षाविद, गुरुग्राम
जिले के मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग स्तर पर प्रक्रिया जारी है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूलों में उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। जहां शिक्षकों की अधिक कमी है, वहां जरूरत के अनुसार समायोजन भी किया जा रहा है।- इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्रोणाचार्य की भूमि में आज हजारों एकलव्य शिक्षकों की राह ताक रहे हैं। प्रशासनिक अनदेखी के कारण जिले के मॉडल संस्कृति और पीएम श्री स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं। आकड़ों के अनुसार गुरुग्राम में शिक्षकों के 153 स्वीकृत हैं जिनमें से 39 पद अभी भी खाली पड़े हैं, यानी जिले में करीब 25.5 फीसदी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
जिले में 109 मॉडल संस्कृति और 8 पीएमश्री स्कूल हैं। शिक्षकों के अभाव में कई स्कूलों एक ही शिक्षक को कई विषयों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई और विषयवार मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। खासतौर पर बोर्ड कक्षाओं के छात्रों को अतिरिक्त तैयारी और डाउट क्लियर करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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शिक्षकों की कमी का असर केवल पढ़ाई सीमित नहीं है बल्कि स्कूल की अन्य गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विद्यार्थियों की काउंसलिंग जैसी गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई का स्तर पहले की तुलना में कम हुआ है और समय पर सिलेबस पूरी नहीं हो पा रहा। बता दें कि गुरुग्राम में 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम भी उम्मीद के अनुसार नहीं रहा।
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किसी भी स्कूल की गुणवक्ता शिक्षक पर निर्भर करती है। यदि समय रहते खाली पद नहीं भरे गए तो आने वाले समय में शिक्षा का स्तर और प्रभावित हो सकता है। जब एक शिक्षक को कई कक्षाओं और विषयों की जिम्मेदारी दी जाती है तो बच्चों को पर्याप्त मार्गदर्शन नही मिल पाता जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। - अशोक दिवाकर, शिक्षाविद, गुरुग्राम
जिले के मॉडल संस्कृति और पीएमश्री स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग स्तर पर प्रक्रिया जारी है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूलों में उपलब्ध स्टाफ के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। जहां शिक्षकों की अधिक कमी है, वहां जरूरत के अनुसार समायोजन भी किया जा रहा है।- इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम