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Gurugram News: अवैध अरावली खनन मामले में फरार आरोपियों पर इनाम बढ़ा, अब मिलेगा 1 लाख
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-सात के खिलाफ हो चुकी चार्जशीट दाखिल
- अधिकारियों और निजी व्यक्तियों ने खनन माफिया से मिलकर वन विभाग की जमीन पर दो अवैध सड़कें बनवाईं
मोहम्मद शाहिद मेवाती।
नूंह। अरावली की पारिस्थितिकी के लिए संवेदनशील क्षेत्र मेवात में अवैध खनन माफिया को फायदा पहुंचाने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फरार चल रहे तीन आरोपियों पर इनामी राशि बढ़ा दी है। पहले इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था, जिसे अब बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया है।
फरार आरोपियों में गांव बसई मेव का पूर्व सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना, साबिर और शौकत शामिल हैं। तीनों को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और इनके बारे में सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा।
एसीबी के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सतर्कता ब्यूरो ने इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जिनमें बिजेंद्र राणा, तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) नूंह (अतिरिक्त प्रभार), रामकुमार, तत्कालीन समेकन अधिकारी; जान मोहम्मद, सहायक समेकन अधिकारी; अख्तर हुसैन, तत्कालीन कानूनगो; और निजी व्यक्ति शेर मोहम्मद, मोहम्मद लतीफ तथा शकूल निवासी बसई मेव शामिल हैं।
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चार्जशीट में साफ तौर पर कहा गया है कि इन अधिकारियों और निजी व्यक्तियों ने खनन माफिया से मिलीभगत कर वन विभाग की जमीन पर दो अवैध सड़कें बनवाईं। ये सड़कें बसई मेव से नागला और राजस्थान के छपरा गांव तक जाती थीं। इन्हीं रास्तों से अवैध खनन किए गए पत्थरों व खनिज पदार्थों की ढुलाई की जाती थी।
गांव पंचायत बसई मेव के पूर्व सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। कहा जा रहा है कि उसने शौकत और साबिर के साथ मिलकर खनन माफिया और अधिकारियों से सांठगांठ कर सड़क निर्माण करवाया। इस पूरे नेटवर्क में हरियाणा और राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय खनन गिरोहों की सीधी संलिप्तता रही है। अब पहली चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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- अधिकारियों और निजी व्यक्तियों ने खनन माफिया से मिलकर वन विभाग की जमीन पर दो अवैध सड़कें बनवाईं
मोहम्मद शाहिद मेवाती।
नूंह। अरावली की पारिस्थितिकी के लिए संवेदनशील क्षेत्र मेवात में अवैध खनन माफिया को फायदा पहुंचाने वाले आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने फरार चल रहे तीन आरोपियों पर इनामी राशि बढ़ा दी है। पहले इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था, जिसे अब बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया है।
फरार आरोपियों में गांव बसई मेव का पूर्व सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना, साबिर और शौकत शामिल हैं। तीनों को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और इनके बारे में सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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एसीबी के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सतर्कता ब्यूरो ने इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जिनमें बिजेंद्र राणा, तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) नूंह (अतिरिक्त प्रभार), रामकुमार, तत्कालीन समेकन अधिकारी
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चार्जशीट में साफ तौर पर कहा गया है कि इन अधिकारियों और निजी व्यक्तियों ने खनन माफिया से मिलीभगत कर वन विभाग की जमीन पर दो अवैध सड़कें बनवाईं। ये सड़कें बसई मेव से नागला और राजस्थान के छपरा गांव तक जाती थीं। इन्हीं रास्तों से अवैध खनन किए गए पत्थरों व खनिज पदार्थों की ढुलाई की जाती थी।
गांव पंचायत बसई मेव के पूर्व सरपंच हनीफ उर्फ हन्ना की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। कहा जा रहा है कि उसने शौकत और साबिर के साथ मिलकर खनन माफिया और अधिकारियों से सांठगांठ कर सड़क निर्माण करवाया। इस पूरे नेटवर्क में हरियाणा और राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय खनन गिरोहों की सीधी संलिप्तता रही है। अब पहली चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जबकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।