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Gurugram News: बंधवाड़ी के आसपास लीगेसी वेस्ट के प्रभाव का अध्ययन कर रही आईआईटी की टीम
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आसपास के जल स्रोत, भूजल और वायु की गुणवत्ता पर लीगेसी वेस्ट के असर का पता लगाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट के आसपास लीगेसी वेस्ट के पड़ रहे प्रभाव का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी की एक टीम ने अध्ययन शुरू किया है। यह टीम लीगेसी वेस्ट की मात्रा और उसके पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव का आंकलन करेगी। यह टीम पता लगाएगी कि आसपास के जल स्रोत, भूजल और वायु की गुणवत्ता पर लीगेसी वेस्ट का क्या असर पड़ रहा है। इस वर्ष जनवरी महीने से बंधवाड़ी लैंड फिल पर कूड़ा डंप करने में लगातार गिरावट आ रही है। जनवरी के मुकाबले अब तक 35 फीसदी कूड़ा कम आ रहा है।
आईआईटी की टीम अपना अध्ययन कई चरणों में करेगी। पहले चरण में टीम एक अंतरिम प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। दूसरे चरण में वेस्ट की मात्रा को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। टीम ने बंधवाड़ी पहुंच कर काम शुरू कर दिया है और वह वहां पर कूड़ा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझ रही है। इसके बाद प्रतिदिन के कूड़ा निस्तारण का डाटा जुटाया जाएगा।
निस्तारण बढ़ रहा, कूड़े का पहुंचना घट रहा
जनवरी 2023 से अप्रैल तक बंधवाड़ी साइट पर पड़े पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) में से छह लाख टन से ज्यादा कचरे का निष्पादन किया जा चुका है। मई माह में शेष बचे 25 लाख टन कचरे में से 6 लाख टन कचरे का निष्पादन कर दिया जाएगा। मई माह के अंत में बंधवाड़ी प्लांट पर प्रतिदिन कचरा निस्तारण की क्षमता 20 हजार टन हो जाएगी
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निस्तारण की क्षमता बढ़कर 340 टन प्रतिदिन हुई
नगर निगम के आयुक्त पीसी मीणा कहते हैं नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन 1200 टन ताजा कचरा पैदा होता है, जिसमें से 340 टन कचरे का निस्तारण स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। जनवरी माह में यहां पर कचरा निष्पादन की क्षमता 270 टन प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर 340 टन प्रतिदिन की हो गई है। इस प्रकार लगभग प्रतिदिन 25 से 30 प्रतिशत ताजा कचरे का निस्तारण यहां किया जा रहा है। इससे बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे का दबाव कम करने में मदद मिली है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट के आसपास लीगेसी वेस्ट के पड़ रहे प्रभाव का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी की एक टीम ने अध्ययन शुरू किया है। यह टीम लीगेसी वेस्ट की मात्रा और उसके पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव का आंकलन करेगी। यह टीम पता लगाएगी कि आसपास के जल स्रोत, भूजल और वायु की गुणवत्ता पर लीगेसी वेस्ट का क्या असर पड़ रहा है। इस वर्ष जनवरी महीने से बंधवाड़ी लैंड फिल पर कूड़ा डंप करने में लगातार गिरावट आ रही है। जनवरी के मुकाबले अब तक 35 फीसदी कूड़ा कम आ रहा है।
आईआईटी की टीम अपना अध्ययन कई चरणों में करेगी। पहले चरण में टीम एक अंतरिम प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। दूसरे चरण में वेस्ट की मात्रा को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। टीम ने बंधवाड़ी पहुंच कर काम शुरू कर दिया है और वह वहां पर कूड़ा निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझ रही है। इसके बाद प्रतिदिन के कूड़ा निस्तारण का डाटा जुटाया जाएगा।
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निस्तारण बढ़ रहा, कूड़े का पहुंचना घट रहा
जनवरी 2023 से अप्रैल तक बंधवाड़ी साइट पर पड़े पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) में से छह लाख टन से ज्यादा कचरे का निष्पादन किया जा चुका है। मई माह में शेष बचे 25 लाख टन कचरे में से 6 लाख टन कचरे का निष्पादन कर दिया जाएगा। मई माह के अंत में बंधवाड़ी प्लांट पर प्रतिदिन कचरा निस्तारण की क्षमता 20 हजार टन हो जाएगी
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निस्तारण की क्षमता बढ़कर 340 टन प्रतिदिन हुई
नगर निगम के आयुक्त पीसी मीणा कहते हैं नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन 1200 टन ताजा कचरा पैदा होता है, जिसमें से 340 टन कचरे का निस्तारण स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। जनवरी माह में यहां पर कचरा निष्पादन की क्षमता 270 टन प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर 340 टन प्रतिदिन की हो गई है। इस प्रकार लगभग प्रतिदिन 25 से 30 प्रतिशत ताजा कचरे का निस्तारण यहां किया जा रहा है। इससे बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे का दबाव कम करने में मदद मिली है।