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Gurugram News: आईआईटी विशेषज्ञ दिलाएंगे जलभराव से मुक्ति, स्थायी समाधान शुरू
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आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर्स ने एमसीजी और जीएमडीए अधिकारियों के साथ सुभाष चौक व राजीव चौक का किया दौरा
बारिश के पानी से रिचार्ज होगी जिले की धरती
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्य तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर विवेक कपाड़िया और प्रोफेसर उदित भाटिया ने गुरुग्राम का दौरा किया। उन्होंने नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों के साथ जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
टीम ने सुभाष चौक और राजीव चौक के आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान जलभराव की स्थिति और पानी के संग्रहण व निकासी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। स्थायी समाधान के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विचार किया गया। जलभराव वाले स्थानों के पास उच्च क्षमता के भूमिगत स्टोरेज टैंक और इंजेक्शन वेल बनाने की योजना है। बारिश के पानी को पहले स्टोरेज टैंक में जमा किया जाएगा। फिर इंजेक्शन वेल के माध्यम से पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले इंजेक्शन वेल स्थापित होंगे। इनका लक्ष्य कम समय में अधिक वर्षा जल को जमीन में पहुंचाना है।
दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना उद्देश्य
आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसरों के साथ यह कार्य गुरुग्राम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना है। जलभराव वाले क्षेत्रों के आधार पर स्टोरेज और इंजेक्शन वेल की क्षमता तय की जा रही है। यह पहल नागरिकों को जलभराव की परेशानी से राहत देगी।
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स्काडा तकनीक पर आधारित होगी व्यवस्था
गुरुग्राम में प्रस्तावित यह व्यवस्था स्काडा तकनीक पर आधारित होगी। इसे सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे जलस्तर और जल प्रबंधन से संबंधित आंकड़ों की बेहतर निगरानी होगी। एमसीजी और जीएमडीए का लक्ष्य केवल पानी निकालने तक सीमित नहीं है। वे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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बारिश के पानी से रिचार्ज होगी जिले की धरती
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्य तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर विवेक कपाड़िया और प्रोफेसर उदित भाटिया ने गुरुग्राम का दौरा किया। उन्होंने नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों के साथ जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
टीम ने सुभाष चौक और राजीव चौक के आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान जलभराव की स्थिति और पानी के संग्रहण व निकासी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। स्थायी समाधान के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विचार किया गया। जलभराव वाले स्थानों के पास उच्च क्षमता के भूमिगत स्टोरेज टैंक और इंजेक्शन वेल बनाने की योजना है। बारिश के पानी को पहले स्टोरेज टैंक में जमा किया जाएगा। फिर इंजेक्शन वेल के माध्यम से पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले इंजेक्शन वेल स्थापित होंगे। इनका लक्ष्य कम समय में अधिक वर्षा जल को जमीन में पहुंचाना है।
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दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना उद्देश्य
आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसरों के साथ यह कार्य गुरुग्राम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना है। जलभराव वाले क्षेत्रों के आधार पर स्टोरेज और इंजेक्शन वेल की क्षमता तय की जा रही है। यह पहल नागरिकों को जलभराव की परेशानी से राहत देगी।
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स्काडा तकनीक पर आधारित होगी व्यवस्था
गुरुग्राम में प्रस्तावित यह व्यवस्था स्काडा तकनीक पर आधारित होगी। इसे सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे जलस्तर और जल प्रबंधन से संबंधित आंकड़ों की बेहतर निगरानी होगी। एमसीजी और जीएमडीए का लक्ष्य केवल पानी निकालने तक सीमित नहीं है। वे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।