फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   IIT experts to provide relief from waterlogging; work on a permanent solution begins.

Gurugram News: आईआईटी विशेषज्ञ दिलाएंगे जलभराव से मुक्ति, स्थायी समाधान शुरू

Wed, 26 Aug 2026 05:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 05:48 PM IST
विज्ञापन
IIT experts to provide relief from waterlogging; work on a permanent solution begins.
आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर्स ने एमसीजी और जीएमडीए अधिकारियों के साथ सुभाष चौक व राजीव चौक का किया दौरा
विज्ञापन

बारिश के पानी से रिचार्ज होगी जिले की धरती

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्य तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में बुधवार को आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर विवेक कपाड़िया और प्रोफेसर उदित भाटिया ने गुरुग्राम का दौरा किया। उन्होंने नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों के साथ जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

टीम ने सुभाष चौक और राजीव चौक के आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान जलभराव की स्थिति और पानी के संग्रहण व निकासी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। स्थायी समाधान के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं पर विचार किया गया। जलभराव वाले स्थानों के पास उच्च क्षमता के भूमिगत स्टोरेज टैंक और इंजेक्शन वेल बनाने की योजना है। बारिश के पानी को पहले स्टोरेज टैंक में जमा किया जाएगा। फिर इंजेक्शन वेल के माध्यम से पानी को जमीन के भीतर पहुंचाया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले इंजेक्शन वेल स्थापित होंगे। इनका लक्ष्य कम समय में अधिक वर्षा जल को जमीन में पहुंचाना है।
विज्ञापन


दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना उद्देश्य
आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसरों के साथ यह कार्य गुरुग्राम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना है। जलभराव वाले क्षेत्रों के आधार पर स्टोरेज और इंजेक्शन वेल की क्षमता तय की जा रही है। यह पहल नागरिकों को जलभराव की परेशानी से राहत देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्काडा तकनीक पर आधारित होगी व्यवस्था
गुरुग्राम में प्रस्तावित यह व्यवस्था स्काडा तकनीक पर आधारित होगी। इसे सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड से जोड़ा जाएगा। इससे जलस्तर और जल प्रबंधन से संबंधित आंकड़ों की बेहतर निगरानी होगी। एमसीजी और जीएमडीए का लक्ष्य केवल पानी निकालने तक सीमित नहीं है। वे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed