{"_id":"69d806e5e8d1828b8a06692d","slug":"homeopathy-centers-a-lack-of-information-due-to-a-lack-of-awareness-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-84433-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: जिले में 16 होम्योपैथी केंद्र, जागरूकता के अभाव में जानकारी ही नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: जिले में 16 होम्योपैथी केंद्र, जागरूकता के अभाव में जानकारी ही नहीं
विज्ञापन
विश्व होम्योपैथिक दिवस
गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ले रहीं होम्योपैथिक दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्वास्थ्य विभाग के आयुष विंग के तहत होम्योपैथी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं लेकिन जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर भी ये केंद्र सक्रिय हैं, जहां मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इन केंद्रों पर सामान्य बीमारियों के साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी होम्योपैथिक उपचार दिया जाता है। हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया जाता है। आज के दिन क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन की जयंती (10 अप्रैल 1755) को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य चिकित्सा की इस पद्धति के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। खासकर गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचाव और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर रही हैं। आयुष विभाग का कहना है कि होम्योपैथी उपचार सुरक्षित और प्रभावी है लेकिन इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। विभाग की ओर से लोगों को इन सेवाओं की जानकारी देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
यहां हैं केंद्र
-नागरिक अस्पताल
-पालम विहार- आयुष विंंग
-सीएचसी- पौटदी, फर्रुखनगर, सोहना, हेलीमंडी
-पीएचसी- दौलताबाद, गढ़ी हरसरू, वजीराबाद
-जीएचडी केंद्र-4/8 मरला, धनकोट, पटौदी, हेलीमंडी, सोहना, कार्टरपूरी, जोनियावास
होम्योपैथिक दवा के फायदे
- शरीर पर कम दुष्प्रभाव
- प्राकृतिक तरीके से उपचार
- रोग को जड़ से ठीक करने पर जोर
- बच्चों के लिए भी उपयुक्त
- सस्ती और किफायती
-- -
कोट्स
मैं लंबे समय से होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग कर रही हूं। असर थोड़ा देर से दिखता है लेकिन समस्या जड़ से खत्म हो जाती है। एंटीबायोटिक के मुकाबले यह सस्ती और शरीर पर कम दुष्प्रभाव डालने वाली होती है। -मंजुला, अशोक विहार
विज्ञापन
आजकल होम्योपैथिक दवाओं के स्टोर काफी कम हो गए हैं। पहले आसानी से मिल जाती थीं लेकिन अब ढूंढना मुश्किल हो गया है। अधिकतर लोगों को इन्हें इंटरनेट के माध्यम से खोजकर ही खरीदना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत बढ़ती है। -अंशू महेश्वरी, सेक्टर-17
होम्योपैथिक दवाएं असर दिखाने में थोड़ा समय लेती हैं लेकिन इनकी खासियत है कि ये शरीर पर एंटीबायोटिक्स की तरह दुष्प्रभाव नहीं डालतीं। इसलिए लोग इन्हें सुरक्षित और प्राकृतिक इलाज के रूप में अपनाना पसंद करते हैं। -मनोरमा, धर्म काॅलोनी
वर्जन
जिले के नागरिक अस्पताल के अलावा अन्य स्थानों पर भी होम्योपैथी केंद्र स्थापित हैं, जहां दवाएं निशुल्क दी जाती हैं। एंटीबायोटिक्स दवाओं की तरह इन दवाओं के साइडइफेक्ट नहीं होते हैं। -डाॅ. गरिमा गुप्ता, होम्योपैथी विशेषज्ञ
विज्ञापन
गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ले रहीं होम्योपैथिक दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में स्वास्थ्य विभाग के आयुष विंग के तहत होम्योपैथी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं लेकिन जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के अलावा जिले के विभिन्न स्थानों पर भी ये केंद्र सक्रिय हैं, जहां मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इन केंद्रों पर सामान्य बीमारियों के साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी होम्योपैथिक उपचार दिया जाता है। हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया जाता है। आज के दिन क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन की जयंती (10 अप्रैल 1755) को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य चिकित्सा की इस पद्धति के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। खासकर गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से बचाव और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर रही हैं। आयुष विभाग का कहना है कि होम्योपैथी उपचार सुरक्षित और प्रभावी है लेकिन इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। विभाग की ओर से लोगों को इन सेवाओं की जानकारी देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
विज्ञापन
यहां हैं केंद्र
-नागरिक अस्पताल
-पालम विहार- आयुष विंंग
-सीएचसी- पौटदी, फर्रुखनगर, सोहना, हेलीमंडी
-पीएचसी- दौलताबाद, गढ़ी हरसरू, वजीराबाद
-जीएचडी केंद्र-4/8 मरला, धनकोट, पटौदी, हेलीमंडी, सोहना, कार्टरपूरी, जोनियावास
होम्योपैथिक दवा के फायदे
- शरीर पर कम दुष्प्रभाव
- प्राकृतिक तरीके से उपचार
- रोग को जड़ से ठीक करने पर जोर
- बच्चों के लिए भी उपयुक्त
- सस्ती और किफायती
कोट्स
मैं लंबे समय से होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग कर रही हूं। असर थोड़ा देर से दिखता है लेकिन समस्या जड़ से खत्म हो जाती है। एंटीबायोटिक के मुकाबले यह सस्ती और शरीर पर कम दुष्प्रभाव डालने वाली होती है। -मंजुला, अशोक विहार
विज्ञापन
आजकल होम्योपैथिक दवाओं के स्टोर काफी कम हो गए हैं। पहले आसानी से मिल जाती थीं लेकिन अब ढूंढना मुश्किल हो गया है। अधिकतर लोगों को इन्हें इंटरनेट के माध्यम से खोजकर ही खरीदना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत बढ़ती है। -अंशू महेश्वरी, सेक्टर-17
होम्योपैथिक दवाएं असर दिखाने में थोड़ा समय लेती हैं लेकिन इनकी खासियत है कि ये शरीर पर एंटीबायोटिक्स की तरह दुष्प्रभाव नहीं डालतीं। इसलिए लोग इन्हें सुरक्षित और प्राकृतिक इलाज के रूप में अपनाना पसंद करते हैं। -मनोरमा, धर्म काॅलोनी
वर्जन
जिले के नागरिक अस्पताल के अलावा अन्य स्थानों पर भी होम्योपैथी केंद्र स्थापित हैं, जहां दवाएं निशुल्क दी जाती हैं। एंटीबायोटिक्स दवाओं की तरह इन दवाओं के साइडइफेक्ट नहीं होते हैं। -डाॅ. गरिमा गुप्ता, होम्योपैथी विशेषज्ञ