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Gurugram News: स्किल पासबुक से गुरुग्राम निखरेगी बच्चों की पढ़ाई
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- हर छात्र की सीखने की प्रगति अब पासबुक में होगी दर्ज
-शिक्षकों को स्किल पासबुक हर 15 दिनों में अपडेट करनी होगी
-निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के लिए क्लासरूम रेडीनेस स्किल पासबुक लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में अब प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई को नए तरीके से परखा जाएगा। निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के लिए क्लासरूम रेडीनेस स्किल पासबुक लागू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और उनकी वास्तविक सीखने की स्थिति का आकलन करना है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक अब केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहेंगे। बल्कि प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत दक्षता का नियमित मूल्यांकन करेंगें। स्किल पासबुक में बच्चों के विभिन्न कौशल को दर्ज किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चा कक्षा के स्तर के अनुसार कितना सक्षम है। यदि कोई बच्चा किसी कौशल में पीछे रह जाता है तो उसे चिन्हित कर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके। जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग सीखने के मानक तय किए गए हैं।
कक्षा पहली के विद्यार्थियों में ध्वनि पहचान, संज्ञानात्मक विकास और प्रांरभिक संख्या ज्ञान पर जोर दिया जाएगा। कक्षा 2 और 3 में बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता को मजबूत करने के साथ हिन्दी में शब्द और वाक्य पढ़ने और गणित में बुनियादी गणना ( जोड़, घटाव, गुणा, भाग) और 99 तक की संख्या समझ विकसित की जाएगी। वहीं कक्षा कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों को प्रवाह के साथ पाठ पढ़ाना, व्याकरण के विभिन्न पहलुओं की पहचान की जाएगी।
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शिक्षकों को स्किल पासबुक हर 15 दिनों में अपडेट करनी होगी। इस कार्यक्रम के समापन के बाद विद्यार्थियों को समर पैकेज दिया जाएगा जो अभिभावकों को पूरा कराना होगा। -मनोज, जिला समन्वयक एफएलएन
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-शिक्षकों को स्किल पासबुक हर 15 दिनों में अपडेट करनी होगी
-निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के लिए क्लासरूम रेडीनेस स्किल पासबुक लागू
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के सरकारी स्कूलों में अब प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई को नए तरीके से परखा जाएगा। निपुण हरियाणा मिशन के तहत कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के लिए क्लासरूम रेडीनेस स्किल पासबुक लागू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और उनकी वास्तविक सीखने की स्थिति का आकलन करना है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक अब केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहेंगे। बल्कि प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत दक्षता का नियमित मूल्यांकन करेंगें। स्किल पासबुक में बच्चों के विभिन्न कौशल को दर्ज किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चा कक्षा के स्तर के अनुसार कितना सक्षम है। यदि कोई बच्चा किसी कौशल में पीछे रह जाता है तो उसे चिन्हित कर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके। जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग सीखने के मानक तय किए गए हैं।
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कक्षा पहली के विद्यार्थियों में ध्वनि पहचान, संज्ञानात्मक विकास और प्रांरभिक संख्या ज्ञान पर जोर दिया जाएगा। कक्षा 2 और 3 में बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता को मजबूत करने के साथ हिन्दी में शब्द और वाक्य पढ़ने और गणित में बुनियादी गणना ( जोड़, घटाव, गुणा, भाग) और 99 तक की संख्या समझ विकसित की जाएगी। वहीं कक्षा कक्षा 4 और 5 के विद्यार्थियों को प्रवाह के साथ पाठ पढ़ाना, व्याकरण के विभिन्न पहलुओं की पहचान की जाएगी।
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शिक्षकों को स्किल पासबुक हर 15 दिनों में अपडेट करनी होगी। इस कार्यक्रम के समापन के बाद विद्यार्थियों को समर पैकेज दिया जाएगा जो अभिभावकों को पूरा कराना होगा। -मनोज, जिला समन्वयक एफएलएन