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Gurugram News: प्रदूषण के आगोश में गुरुग्राम, एक्यूआई कितना, पता नहीं
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एक्यूआई मापने वाले सभी यंत्र बंद, खुले में जल रहे कचरे से बढ़ रहा प्रदूषण
ग्वाल पहाड़ी का एकमात्र संचालित स्टेशन भी हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण की निगरानी के लिए लगाए गए सभी एक्यूआई मापने वाले यंत्र बंद पड़े हैं। छह महीनों से तीन यंत्र काम नहीं कर रहे थे और अब आखिरी सक्रिय यंत्र से भी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का डेटा नहीं मिल पा रहा है। आने वाले समय में ठंड, दशहरा, दिवाली और शादियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा लेकिन प्रशासन का निगरानी तंत्र ठप हो गया है। यह चिंता का विषय है।
सेक्टर-37, बसई और मानेसर जैसे इंडस्ट्रियल क्षेत्रों के कारण इन इलाकों में प्रदूषण का स्तर सामान्य दिनों में भी अधिक रहता है। सामान्य दिनों में शहर का एक्यूआई 100 के आसपास रहता है, लेकिन हाल के दिनों में यह 200 से ऊपर जा रहा है। वहीं, खुले में कचरा जलाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे धूल और धुआं सड़कों पर फैल रहा है। सड़कें गड्ढों से भरी होने के कारण भी मॉनिटरिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। प्रशासनिक लापरवाही और यंत्रों की खराब स्थिति के चलते शहर में प्रदूषण स्तर की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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यहां लगे हैं यंत्र
- विकास सदन
- टेरी ग्राम
- सेक्टर 51 स्थित गुरुग्राम विवि
-ग्वाल पहाड़ी स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएससी)
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ग्वाल पहाड़ी का एकमात्र संचालित स्टेशन भी हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण की निगरानी के लिए लगाए गए सभी एक्यूआई मापने वाले यंत्र बंद पड़े हैं। छह महीनों से तीन यंत्र काम नहीं कर रहे थे और अब आखिरी सक्रिय यंत्र से भी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का डेटा नहीं मिल पा रहा है। आने वाले समय में ठंड, दशहरा, दिवाली और शादियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा लेकिन प्रशासन का निगरानी तंत्र ठप हो गया है। यह चिंता का विषय है।
सेक्टर-37, बसई और मानेसर जैसे इंडस्ट्रियल क्षेत्रों के कारण इन इलाकों में प्रदूषण का स्तर सामान्य दिनों में भी अधिक रहता है। सामान्य दिनों में शहर का एक्यूआई 100 के आसपास रहता है, लेकिन हाल के दिनों में यह 200 से ऊपर जा रहा है। वहीं, खुले में कचरा जलाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे धूल और धुआं सड़कों पर फैल रहा है। सड़कें गड्ढों से भरी होने के कारण भी मॉनिटरिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। प्रशासनिक लापरवाही और यंत्रों की खराब स्थिति के चलते शहर में प्रदूषण स्तर की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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यहां लगे हैं यंत्र
- विकास सदन
- टेरी ग्राम
- सेक्टर 51 स्थित गुरुग्राम विवि
-ग्वाल पहाड़ी स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएससी)