{"_id":"6855aa4c7ef3ace16406beff","slug":"gambusia-fish-will-eliminate-dengue-larvae-released-in-204-ponds-gurgaon-news-c-24-1-knl1001-60479-2025-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: गंबूजिया मछलियां खत्म करेंगी डेंगू का लार्वा, 204 तालाबों में छोड़ीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: गंबूजिया मछलियां खत्म करेंगी डेंगू का लार्वा, 204 तालाबों में छोड़ीं
विज्ञापन
मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा हुआ सतर्क
अभी तक एक लाख से ज्यादा हो चुकीं रक्त पट्टिकाओं की जांच
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन दिनों जिले में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मलेरिया के केस जहां सामने आ चुके हैं, वहीं डेंगू का लार्वा भी तेजी से मिल रहा है। इसी के चलते स्वास्थ्य महकमा पूरी से सतर्क हो गया है। इसके लिए जिले के तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं। ये मछलियां डेंगू का लार्वा खाती हैं। अब तक ग्रामीण क्षेत्र के 160 और शहरी क्षेत्र के 44 तालाबों में गंबूजिया प्रजाति की मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं।
बारिश शुरू होने के बाद सर्दी शुरू होने तक लोगों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों के तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ रही हैं। यह मछलियां केवल मच्छर का लार्वा ही खाती है।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो पुराने फ्रिज भी डेंगू का खतरा बन सकते हैं। उनमें पीछे की तरफ एक ट्रे लगी होती है उसको समय समय पर साफ करें, जिससे उसमें लार्वा न पनप पाए। बाहर से बचने के साथ साथ घर में भी ध्यान देना जरूरी है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीमें सोसाइटी के लोगों से हफ्ते में एक दिन ड्राई डे मनाने के लिए अपील कर रही है जिससे कूलर, गमलों की सफाई हो सके। हालांकि फाॅगिंग के लिए नगर निगम को दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं ताकि फाॅगिंग में कोई परेशानी न हो। अब तक कुल 985 डेंगू सैंपलों की जांच हुई है लेकिन एक भी डेंगू मरीज सामने नहीं आया है। उधर तीन साल बाद वर्ष 2024 में पहला मलेरिया का मामला सामने आया था। वर्तमान में बीते दो दिनों से दो मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं।
जिले की सभी पीएचसी और सीएचसी पर मैपिंग कर जांच के लिए निर्देश जारी किए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मलेरिया की टेस्टिंग पीबीएस किट द्वारा की जा रही है, जिससे 100 प्रतिशत परिणाम मिलते हैं। अब तक कुल एक लाख 19 हजार 213 रक्त पट्टिकाओं की जांच की जा चुकी है। जिससे मलेरिया व डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं।
डेंगू के मामले
वर्ष मामले
2021 327
2022 440
2023 276
2024 186
मलेरिया से बचाव के उपाय
- मलेरिया का मच्छर अधिकतर शाम व रात के समय काटता है। शाम के समय में घर के दरवाजे को बंद रखें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- दो दिन से ज्यादा आसपास के क्षेत्र में पानी जमा न होने दें।
- जमा पानी में तारपीन का तेल डाल दें, जिससे लार्वा न पनप पाए।
अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधियां चलाई जा रही हैं। जिन घरों व विभागों में लार्वा मिलता है, वहां नोटिस जारी किया जा रहा है।
- डाॅ. विकास स्वामी, जिला मलेरिया अधिकारी
विज्ञापन
अभी तक एक लाख से ज्यादा हो चुकीं रक्त पट्टिकाओं की जांच
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इन दिनों जिले में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मलेरिया के केस जहां सामने आ चुके हैं, वहीं डेंगू का लार्वा भी तेजी से मिल रहा है। इसी के चलते स्वास्थ्य महकमा पूरी से सतर्क हो गया है। इसके लिए जिले के तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं। ये मछलियां डेंगू का लार्वा खाती हैं। अब तक ग्रामीण क्षेत्र के 160 और शहरी क्षेत्र के 44 तालाबों में गंबूजिया प्रजाति की मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं।
बारिश शुरू होने के बाद सर्दी शुरू होने तक लोगों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों के तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ रही हैं। यह मछलियां केवल मच्छर का लार्वा ही खाती है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो पुराने फ्रिज भी डेंगू का खतरा बन सकते हैं। उनमें पीछे की तरफ एक ट्रे लगी होती है उसको समय समय पर साफ करें, जिससे उसमें लार्वा न पनप पाए। बाहर से बचने के साथ साथ घर में भी ध्यान देना जरूरी है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीमें सोसाइटी के लोगों से हफ्ते में एक दिन ड्राई डे मनाने के लिए अपील कर रही है जिससे कूलर, गमलों की सफाई हो सके। हालांकि फाॅगिंग के लिए नगर निगम को दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं ताकि फाॅगिंग में कोई परेशानी न हो। अब तक कुल 985 डेंगू सैंपलों की जांच हुई है लेकिन एक भी डेंगू मरीज सामने नहीं आया है। उधर तीन साल बाद वर्ष 2024 में पहला मलेरिया का मामला सामने आया था। वर्तमान में बीते दो दिनों से दो मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं।
जिले की सभी पीएचसी और सीएचसी पर मैपिंग कर जांच के लिए निर्देश जारी किए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मलेरिया की टेस्टिंग पीबीएस किट द्वारा की जा रही है, जिससे 100 प्रतिशत परिणाम मिलते हैं। अब तक कुल एक लाख 19 हजार 213 रक्त पट्टिकाओं की जांच की जा चुकी है। जिससे मलेरिया व डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं।
डेंगू के मामले
वर्ष मामले
2021 327
2022 440
2023 276
2024 186
मलेरिया से बचाव के उपाय
- मलेरिया का मच्छर अधिकतर शाम व रात के समय काटता है। शाम के समय में घर के दरवाजे को बंद रखें।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- दो दिन से ज्यादा आसपास के क्षेत्र में पानी जमा न होने दें।
- जमा पानी में तारपीन का तेल डाल दें, जिससे लार्वा न पनप पाए।
अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधियां चलाई जा रही हैं। जिन घरों व विभागों में लार्वा मिलता है, वहां नोटिस जारी किया जा रहा है।
- डाॅ. विकास स्वामी, जिला मलेरिया अधिकारी