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गुरुग्राम के युवक को भी 15 लाख का ठग चुके हैं आरोपी जीजा-साला
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गुरुग्राम। करीब एक साल पहले ग्रेटर नोएडा में प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी कर कथित आईपीएस अधिकारी व उसके साले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना गुरुग्राम पुलिस को मिल गई है, पुलिस अब दोनों आरोपियों को खेड़कीदौला थाना पुलिस प्रोडक्शन रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। आरोपियों से गुरुग्राम में अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
बीते साल 24 अक्तूबर को सेक्टर-82 निवासी लोकेश शर्मा ने खेड़कीदौला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। पीड़ित के मुताबिक 2014 में रूद्रपुर स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी में काम करने के दौरान दिवाली के समय उत्तर प्रदेश के कथित दरोगा निरीक्षक आरके सिंह का कॉल आया, जिसने आईपीएस गौरव मिश्रा से फोन पर बात करवाई। गौरव ने उन्हें बताया कि नौकरी छोडने के बाद वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे थे और वर्ष 2012 के आईपीएस बैच में चयनित होकर दिल्ली आईएनए मुख्यालय में कार्यरत है। इसके बाद वह कथित दरोगा आरके सिंह के साथ दो बार उनके घर भी आए। गौरव ने उन्हें मिलने के लिए गुरुग्राम एमजी रोड स्थित बार में बुलवाया। इस दौरान गौरव मिश्रा ने अपनी कथित आईपीएस अधिकारी पत्नी अनिकेता से बात कराई जो मोहाली में कार्यरत हैं व अपने दोस्त नसीब सिंह की मुलाकात कराई।
गौरव ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित सोसाइटी गोल्फ लिंक-1 में अनिकेता व उनके साले आशुतोष राठी का 100 गज का प्लॉट है जो वह 15 लाख रुपये में दिलवा देंगे। सौदा तय होने पर पीड़ित के दोस्त नसीब सिंह ने 23 व 24 जून 2015 को पांच लाख रुपये आशुतोष के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। जबकि दस लाख रुपये कई बार में गौरव मिश्रा को भुगतान कर दिया। भुगतान होने के बाद शिकायतकर्ता ने प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने की मांग की, लेकिन उन्होंने प्लॉट नहीं दिया। इसके बाद जब वह गौरव मिश्रा के घर गए तो उन्होंने शिकायतकर्ता व उसके परिवार के साथ अभद्रता की तथा रुपये वापस व प्लॉट मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में करीब 10 माह तक पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद खेड़कीदौला थाना पुलिस ने कथित आईपीएस समेत तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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बीते साल 24 अक्तूबर को सेक्टर-82 निवासी लोकेश शर्मा ने खेड़कीदौला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। पीड़ित के मुताबिक 2014 में रूद्रपुर स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी में काम करने के दौरान दिवाली के समय उत्तर प्रदेश के कथित दरोगा निरीक्षक आरके सिंह का कॉल आया, जिसने आईपीएस गौरव मिश्रा से फोन पर बात करवाई। गौरव ने उन्हें बताया कि नौकरी छोडने के बाद वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे थे और वर्ष 2012 के आईपीएस बैच में चयनित होकर दिल्ली आईएनए मुख्यालय में कार्यरत है। इसके बाद वह कथित दरोगा आरके सिंह के साथ दो बार उनके घर भी आए। गौरव ने उन्हें मिलने के लिए गुरुग्राम एमजी रोड स्थित बार में बुलवाया। इस दौरान गौरव मिश्रा ने अपनी कथित आईपीएस अधिकारी पत्नी अनिकेता से बात कराई जो मोहाली में कार्यरत हैं व अपने दोस्त नसीब सिंह की मुलाकात कराई।
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गौरव ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित सोसाइटी गोल्फ लिंक-1 में अनिकेता व उनके साले आशुतोष राठी का 100 गज का प्लॉट है जो वह 15 लाख रुपये में दिलवा देंगे। सौदा तय होने पर पीड़ित के दोस्त नसीब सिंह ने 23 व 24 जून 2015 को पांच लाख रुपये आशुतोष के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। जबकि दस लाख रुपये कई बार में गौरव मिश्रा को भुगतान कर दिया। भुगतान होने के बाद शिकायतकर्ता ने प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने की मांग की, लेकिन उन्होंने प्लॉट नहीं दिया। इसके बाद जब वह गौरव मिश्रा के घर गए तो उन्होंने शिकायतकर्ता व उसके परिवार के साथ अभद्रता की तथा रुपये वापस व प्लॉट मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में करीब 10 माह तक पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद खेड़कीदौला थाना पुलिस ने कथित आईपीएस समेत तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
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