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Gurugram News: एससीओ री-अलाटमेंट मामले में पूर्व एचसीएस अधिकारी न्यायिक हिरासत में
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दूसरे मामले में एसीबी ले सकती है रिमांड पर, एक मामले में एसीबी कर चुकी है पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एससीओ री-अलॉटमेंट मामले में पूर्व एचसीएस अधिकारी मुकेश कुमार सोलंकी को पूछताछ के बाद एसीबी ने शनिवार को अदालत में पेश किया। अदालत के निर्देश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया है। अब एसीबी दूसरे मामले में पूछताछ के लिए फिर से मुकेश कुमार सोलंकी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में चल रहा है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में तत्कालीन संपदा अधिकारी का पद होते हुए सेक्टर-23/23ए की एससीओ साइटों के दोबारा से आवंटन करने के मामले में आरोपी एचसीएस अधिकारी मुकेश कुमार सोलंकी ने शुक्रवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। वहां से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर ले लिया था। आरोप है कि संपदा अधिकारी रहते हुए उन्होंने अलग-अलग एसीओ का आवंटन रद्द होने पर भी पुराने दर पर जारी करने का आरोप है। अधिकारी के खिलाफ दो मामले में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एसीबी ने 28 नवंबर 2022 को दर्ज किए गए मामले में एचसीएस अधिकारी मुकेश कुमार सोलंकी ने वर्ष 2018 में एससीओ नंबर आठ और 30 के आवंटन रद्द होने पर 1997 की मूल्य पर ही आवंटित कर दिया।
26 मई 2023 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने सोलंकी की अग्रिम जमानत खारिज करते हुए मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता बताई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने पांच मार्च 2023 को दर्ज किए गए मामले में सेक्टर-23/23ए स्थित एससीओ नंबर 13 के दोबारा आवंटन से संबंधित है। इस एससीओ को भी पुराने रेट पर ही आवंटित कर दिया था। सोलंकी को 26 नवंबर 2018 को निलंबित किया गया था। उस समय वह एचएसवीपी के संपदा अधिकारी और नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त थे। सात जून 2023 को हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, जिसे 20 मार्च 2024 को खारिज कर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। एससीओ री-अलॉटमेंट मामले में पूर्व एचसीएस अधिकारी मुकेश कुमार सोलंकी को पूछताछ के बाद एसीबी ने शनिवार को अदालत में पेश किया। अदालत के निर्देश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया है। अब एसीबी दूसरे मामले में पूछताछ के लिए फिर से मुकेश कुमार सोलंकी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में चल रहा है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) में तत्कालीन संपदा अधिकारी का पद होते हुए सेक्टर-23/23ए की एससीओ साइटों के दोबारा से आवंटन करने के मामले में आरोपी एचसीएस अधिकारी मुकेश कुमार सोलंकी ने शुक्रवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। वहां से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर ले लिया था। आरोप है कि संपदा अधिकारी रहते हुए उन्होंने अलग-अलग एसीओ का आवंटन रद्द होने पर भी पुराने दर पर जारी करने का आरोप है। अधिकारी के खिलाफ दो मामले में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। एसीबी ने 28 नवंबर 2022 को दर्ज किए गए मामले में एचसीएस अधिकारी मुकेश कुमार सोलंकी ने वर्ष 2018 में एससीओ नंबर आठ और 30 के आवंटन रद्द होने पर 1997 की मूल्य पर ही आवंटित कर दिया।
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26 मई 2023 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने सोलंकी की अग्रिम जमानत खारिज करते हुए मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता बताई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने पांच मार्च 2023 को दर्ज किए गए मामले में सेक्टर-23/23ए स्थित एससीओ नंबर 13 के दोबारा आवंटन से संबंधित है। इस एससीओ को भी पुराने रेट पर ही आवंटित कर दिया था। सोलंकी को 26 नवंबर 2018 को निलंबित किया गया था। उस समय वह एचएसवीपी के संपदा अधिकारी और नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त थे। सात जून 2023 को हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत दी थी, जिसे 20 मार्च 2024 को खारिज कर दिया गया।
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