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Gurugram News: पूर्व डिप्टी स्पीकर पर लगाए फ्लैट हड़पवाने के आरोप
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आरोप : फर्जीवाड़ा कर इनेलो के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी वीरेंद्र राणा के नाम कराया फ्लैट
जांच के बाद डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में एफआईआर दर्ज की
फर्जी हस्ताक्षर कर एमएलए ग्रुप हाउसिंग समिति में त्यागपत्र दिखाया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। महम विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान ने प्रदेश के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत पर उसका फ्लैट हड़पवाने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि एमएलए ग्रुप हाउसिंग समिति के चेयरमैन गोपीचंद गहलोत ने साजबाज करके उसका फर्जी त्यागपत्र दिखाकर यह फ्लैट गुरुग्राम लोकसभा चुनाव में वर्ष 2019 में इनेलो के प्रत्याशी रहे वीरेंद्र राणा के नाम कर दिया। आर्थिक अपराध शाखा-2 (ईओडब्ल्यू-2) की जांच के बाद डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
महम के मोखरा गांव निवासी बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे हरियाणा जन प्रतिनिधि सहकारी ग्रुप हाउसिंग समिति लिमिटेड पंचकूला एट गुरुग्राम के सदस्य हैं। उन्होंने 21 मार्च 2003 में समिति की सदस्यता ग्रहण की थी और सदस्य बनने के बाद समिति में पांच लाख रुपये जमा कराए थे। 15 फरवरी 2005 में उनके नाम फ्लैट नंबर-507 अलॉट किया गया जिसके वे समय-समय पर रुपये भरते रहे। उन्होंने कुल 30.50 लाख रुपये समिति में जमा करवा दिए थे। बाली पहलवान इस फ्लैट में नहीं रहते थे तो समिति के प्रधान व प्रदेश के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत ने उनसे पार्टी कार्यों के लिए फ्लैट का प्रयोग करने की बात कही। बाली पहलवान इसके लिए मान गए।
वर्ष 2011 में एक केस के चलते बाली पहलवान को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली जिसमें उनसे कहा गया कि वे रोहतक जिले में नहीं जाएंगे। इस पर उन्होंने अपने फ्लैट में जाने के बारे में सोचा और गोपीचंद गहलोत से इस बारे में बात की। उन्होंने एक-दो माह में फ्लैट देने की बात कही। इस दौरान जमानत अवधि समाप्त हो गई और बाली पहलवान दोबारा से जेल चले गए। फरवरी 2019 में फिर से सशर्त जमानत मिली कि उन्हें रोहतक जिला में नहीं जाना है। इस बार उन्होंने गोपीचंद गहलोत से अपने फ्लैट के बारे में पूछा तो गोपीचंद ने
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कहा कि यह फ्लैट तो वीरेंद्र राणा का हो गया है। बाली पहलवान ने उनसे कागजात दिखाने को कहा तो गोपीचंद गहलोत ने कहा कि उनकी समिति में रिकार्ड पूरी तरह सही है। आरटीआई के तहत बाली पहलवान को पता चला कि उन्होंने समिति से त्यागपत्र दिया हुआ है, जबकि उनका कहना है कि उन्होंने कोई त्यागपत्र ही नहीं दिया।
बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान ने वर्ष 2020 में एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसकी जांच एसीपी डीएलएफ व एसआईटी की ओर से की गई थी। आरोप है कि कमेटी ने इस मामले की पूर्णत: जांच नहीं की और बिना तथ्यों के आधार पर शिकायत को बंद कर दिया गया था। बाली पहलवान का आरोप है कि किसी ने उनके हस्ताक्षर कॉपी करके त्याग पत्र पर पेस्ट किए हैं या उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। त्यागपत्र के दौरान यह भी लिखा हुआ था कि उन्होंने अपने हिस्से की शेयर मनी ले ली है। वीरेंद्र राणा ने पूर्व में जांच कमेटी को यह भी बताया था कि फ्लैट के संबंध में पैसे उनके पिता खजान सिंह ने दिए हैं, जबकि उनके पिता की मौत हो चुकी थी। यह सब फर्जीवाड़ा करके हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा-2 (ईओडब्ल्यू-2) की जांच के बाद सेक्टर-29 थाने में 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध शाखा-2 की पुलिस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है।
गोपीचंद गहलोत ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
मामले में पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत ने फ्लैट हड़पने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि बाली पहलवान ने पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कमेटी की जांच में उनके आरोप सही नहीं पाए जाने पर शिकायत को बंद कर दिया गया था।
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जांच के बाद डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में एफआईआर दर्ज की
फर्जी हस्ताक्षर कर एमएलए ग्रुप हाउसिंग समिति में त्यागपत्र दिखाया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। महम विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान ने प्रदेश के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत पर उसका फ्लैट हड़पवाने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि एमएलए ग्रुप हाउसिंग समिति के चेयरमैन गोपीचंद गहलोत ने साजबाज करके उसका फर्जी त्यागपत्र दिखाकर यह फ्लैट गुरुग्राम लोकसभा चुनाव में वर्ष 2019 में इनेलो के प्रत्याशी रहे वीरेंद्र राणा के नाम कर दिया। आर्थिक अपराध शाखा-2 (ईओडब्ल्यू-2) की जांच के बाद डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
महम के मोखरा गांव निवासी बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे हरियाणा जन प्रतिनिधि सहकारी ग्रुप हाउसिंग समिति लिमिटेड पंचकूला एट गुरुग्राम के सदस्य हैं। उन्होंने 21 मार्च 2003 में समिति की सदस्यता ग्रहण की थी और सदस्य बनने के बाद समिति में पांच लाख रुपये जमा कराए थे। 15 फरवरी 2005 में उनके नाम फ्लैट नंबर-507 अलॉट किया गया जिसके वे समय-समय पर रुपये भरते रहे। उन्होंने कुल 30.50 लाख रुपये समिति में जमा करवा दिए थे। बाली पहलवान इस फ्लैट में नहीं रहते थे तो समिति के प्रधान व प्रदेश के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत ने उनसे पार्टी कार्यों के लिए फ्लैट का प्रयोग करने की बात कही। बाली पहलवान इसके लिए मान गए।
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वर्ष 2011 में एक केस के चलते बाली पहलवान को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिली जिसमें उनसे कहा गया कि वे रोहतक जिले में नहीं जाएंगे। इस पर उन्होंने अपने फ्लैट में जाने के बारे में सोचा और गोपीचंद गहलोत से इस बारे में बात की। उन्होंने एक-दो माह में फ्लैट देने की बात कही। इस दौरान जमानत अवधि समाप्त हो गई और बाली पहलवान दोबारा से जेल चले गए। फरवरी 2019 में फिर से सशर्त जमानत मिली कि उन्हें रोहतक जिला में नहीं जाना है। इस बार उन्होंने गोपीचंद गहलोत से अपने फ्लैट के बारे में पूछा तो गोपीचंद ने
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कहा कि यह फ्लैट तो वीरेंद्र राणा का हो गया है। बाली पहलवान ने उनसे कागजात दिखाने को कहा तो गोपीचंद गहलोत ने कहा कि उनकी समिति में रिकार्ड पूरी तरह सही है। आरटीआई के तहत बाली पहलवान को पता चला कि उन्होंने समिति से त्यागपत्र दिया हुआ है, जबकि उनका कहना है कि उन्होंने कोई त्यागपत्र ही नहीं दिया।
बलबीर सिंह उर्फ बाली पहलवान ने वर्ष 2020 में एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसकी जांच एसीपी डीएलएफ व एसआईटी की ओर से की गई थी। आरोप है कि कमेटी ने इस मामले की पूर्णत: जांच नहीं की और बिना तथ्यों के आधार पर शिकायत को बंद कर दिया गया था। बाली पहलवान का आरोप है कि किसी ने उनके हस्ताक्षर कॉपी करके त्याग पत्र पर पेस्ट किए हैं या उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। त्यागपत्र के दौरान यह भी लिखा हुआ था कि उन्होंने अपने हिस्से की शेयर मनी ले ली है। वीरेंद्र राणा ने पूर्व में जांच कमेटी को यह भी बताया था कि फ्लैट के संबंध में पैसे उनके पिता खजान सिंह ने दिए हैं, जबकि उनके पिता की मौत हो चुकी थी। यह सब फर्जीवाड़ा करके हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा-2 (ईओडब्ल्यू-2) की जांच के बाद सेक्टर-29 थाने में 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध शाखा-2 की पुलिस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है।
गोपीचंद गहलोत ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
मामले में पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत ने फ्लैट हड़पने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि बाली पहलवान ने पहले भी शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कमेटी की जांच में उनके आरोप सही नहीं पाए जाने पर शिकायत को बंद कर दिया गया था।