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पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर वन विभाग को आपत्ति
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गुरुग्राम। सेक्टर और आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। वन विभाग के पास पेड़ काटने की अनुमति प्रदान करने के बारे में जितने आवेदन आ रहे हैं। उससे कहीं अधिक पेड़ विकास के नाम पर काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, नगर निगम की ओर से अधिकांश ऐसे पेड़ों को काटने के लिए आवेदन भेजे जा रहे हैं जिनको काटे बिना काम चल सकता है।
कई स्थानों की ग्रीन बेल्ट में स्थापित पेड़ों को काटने के लिए निगम की ओर से सिफारिश की गई है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के उप वन संरक्षक ने निगमायुक्त को पत्र लिखा है। जिसमें पूरी तरह से पड़ताल करके ही संस्तुति करने का अनुरोध किया है। उप वन संरक्षक ने निगमायुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि शहर में चार मंजिला भवन बनाने में अवरोध बने पेड़ों को काटने की सिफारिश करने के बारे में किसी एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। वह पहले से ही वन संरक्षण नियमों को देखें, उसी के बाद आवेदन वन विभाग को अनुमति के लिए भेजें। जबकि शहर के पर्यावरण प्रेमी की ओर से कहा जाता है कि नियमों के विपरीत हरे पेड़ काटने की अनुमति दी जा रही है।
डीएलएफ निवासी आनंद कुमार की शिकायत का हवाला देते हुए उप वन संरक्षक ने कहा है कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों और एचएसवीपी क्षेत्रों ने हरित पट्टी चिह्नित की गई हैं। वहां के हरे पेड़ काटे गए हैं। पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए गेट का उल्लेख किया है। जबकि इस क्षेत्र में पहले से ही गेट हैं।
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इन इलाकों में काटे गए नियमों के विपरीत हरे पेड़
पुराने शहर के सेक्टर 15, सेक्टर 11, सेक्टर 10, शीतला माता मंदिर के आसपास, सेक्टर 16 सहित कई इलाके शामिल हैं। इनके अलावा नए गुरुग्राम एवं डीएलएफ के सेक्टर शामिल हैं। इन सेक्टरों में 31, 43, 45, 67 आदि हैं। इन सभी स्थानों पर पेड़ काटने के लिए मांगी गईं अनुमति का उल्लेख किया है।
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कई स्थानों की ग्रीन बेल्ट में स्थापित पेड़ों को काटने के लिए निगम की ओर से सिफारिश की गई है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के उप वन संरक्षक ने निगमायुक्त को पत्र लिखा है। जिसमें पूरी तरह से पड़ताल करके ही संस्तुति करने का अनुरोध किया है। उप वन संरक्षक ने निगमायुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि शहर में चार मंजिला भवन बनाने में अवरोध बने पेड़ों को काटने की सिफारिश करने के बारे में किसी एक अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। वह पहले से ही वन संरक्षण नियमों को देखें, उसी के बाद आवेदन वन विभाग को अनुमति के लिए भेजें। जबकि शहर के पर्यावरण प्रेमी की ओर से कहा जाता है कि नियमों के विपरीत हरे पेड़ काटने की अनुमति दी जा रही है।
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डीएलएफ निवासी आनंद कुमार की शिकायत का हवाला देते हुए उप वन संरक्षक ने कहा है कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों और एचएसवीपी क्षेत्रों ने हरित पट्टी चिह्नित की गई हैं। वहां के हरे पेड़ काटे गए हैं। पेड़ काटने की अनुमति लेने के लिए गेट का उल्लेख किया है। जबकि इस क्षेत्र में पहले से ही गेट हैं।
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इन इलाकों में काटे गए नियमों के विपरीत हरे पेड़
पुराने शहर के सेक्टर 15, सेक्टर 11, सेक्टर 10, शीतला माता मंदिर के आसपास, सेक्टर 16 सहित कई इलाके शामिल हैं। इनके अलावा नए गुरुग्राम एवं डीएलएफ के सेक्टर शामिल हैं। इन सेक्टरों में 31, 43, 45, 67 आदि हैं। इन सभी स्थानों पर पेड़ काटने के लिए मांगी गईं अनुमति का उल्लेख किया है।