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Gurugram News: भ्रष्टाचार में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक व उप निरीक्षक निलंबित
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भ्रष्टाचार में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक व उप निरीक्षक निलंबित
एसीबी के दर्ज मामले का एक आरोपी व सहयोगी निलंबित
- अतिरिक्त उपायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद एसीबी ने दर्ज किया है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गरीब जनता के नाम पर आवंटित राशन गोलमाल कर डिपो होल्डर के साथ भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी खाद्य आपूर्ति निरीक्षक व उप निरीक्षक को निलंबित किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने उपायुक्त की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
तत्कालीन उपायुक्त निशांत यादव ने एडीसी रहे हितेश मीणा से पूरे मामले की जांच कराई थी। जांच के दौरान पूरे मामले में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रहे अनिल कुमार, एएफएसओ विजय, निरीक्षक प्रेम पूर्ण को दोषी पाया गया था। इसके बाद उपायुक्त की रिपोर्ट पर एसीबी मामले दर्ज कर जांच कर रही है। भ्रष्टाचार के दूसरे मामले में निदेशक खाद्य आपूर्ति की ओर से आरोपी निरीक्षक प्रेम पूर्ण व उप निरीक्षक अजीत कुमार को निलंबित किया गया है।
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के निलंबित इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वह जिले के सभी डिपो होल्डर से 10 प्रतिशत वसूली करता था। उसमें से पांच प्रतिशत जिले में तैनात तत्कालीन अधिकारी लेता था। जुलाई 2024 में गुरुग्राम में कार्यरत रहे तत्कालीन डीएफएससी समेत तीन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मदनपुर गुरुग्राम के डिपो होल्डर से इन्होंने आई-फोन, घड़ी, एसी और 35 हजार कैश बैंक खाते में लिया है। 11 जुलाई 2024 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम को दी गई शिकायत के आधार पर 16 अप्रैल को गुरुग्राम में ही आरोपी डीएफएससी, एएफएसओ व निरीक्षक पर केस दर्ज किया है।
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एसीबी को दी गई शिकायत में मदनपुरी गुरुग्राम के डिपो होल्डर रूपेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जारी कमीशन के एवज में अधिकारियों को 10 प्रतिशत कमीशन में से रिश्वत दी जाती है। जिसमें निरीक्षक प्रेम पूर्ण का दो प्रतिशत, विजय का 3 प्रतिशत और अनिल कुमार का 5 प्रतिशत हिस्सा लेते थे।
वर्जन
बजघेड़ा क्षेत्र में हुए मामले की जांच के बाद मुख्यालय से निरीक्षक खाद्य आपूर्ति प्रेम पूर्ण व उप निरीक्षक खाद्य आपूर्ति अजीत को निलंबित किया गया गया है। इसमें से एसीबी की ओर से दर्ज मामले में उप निरीक्षक खाद्य आपूर्ति आरोपी हैं। - सौरभ, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, गुरुग्राम।
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भ्रष्टाचार में खाद्य आपूर्ति निरीक्षक व उप निरीक्षक निलंबित
एसीबी के दर्ज मामले का एक आरोपी व सहयोगी निलंबित
- अतिरिक्त उपायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद एसीबी ने दर्ज किया है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गरीब जनता के नाम पर आवंटित राशन गोलमाल कर डिपो होल्डर के साथ भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी खाद्य आपूर्ति निरीक्षक व उप निरीक्षक को निलंबित किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने उपायुक्त की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
तत्कालीन उपायुक्त निशांत यादव ने एडीसी रहे हितेश मीणा से पूरे मामले की जांच कराई थी। जांच के दौरान पूरे मामले में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी रहे अनिल कुमार, एएफएसओ विजय, निरीक्षक प्रेम पूर्ण को दोषी पाया गया था। इसके बाद उपायुक्त की रिपोर्ट पर एसीबी मामले दर्ज कर जांच कर रही है। भ्रष्टाचार के दूसरे मामले में निदेशक खाद्य आपूर्ति की ओर से आरोपी निरीक्षक प्रेम पूर्ण व उप निरीक्षक अजीत कुमार को निलंबित किया गया है।
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जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के निलंबित इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वह जिले के सभी डिपो होल्डर से 10 प्रतिशत वसूली करता था। उसमें से पांच प्रतिशत जिले में तैनात तत्कालीन अधिकारी लेता था। जुलाई 2024 में गुरुग्राम में कार्यरत रहे तत्कालीन डीएफएससी समेत तीन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मदनपुर गुरुग्राम के डिपो होल्डर से इन्होंने आई-फोन, घड़ी, एसी और 35 हजार कैश बैंक खाते में लिया है। 11 जुलाई 2024 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम को दी गई शिकायत के आधार पर 16 अप्रैल को गुरुग्राम में ही आरोपी डीएफएससी, एएफएसओ व निरीक्षक पर केस दर्ज किया है।
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एसीबी को दी गई शिकायत में मदनपुरी गुरुग्राम के डिपो होल्डर रूपेश कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जारी कमीशन के एवज में अधिकारियों को 10 प्रतिशत कमीशन में से रिश्वत दी जाती है। जिसमें निरीक्षक प्रेम पूर्ण का दो प्रतिशत, विजय का 3 प्रतिशत और अनिल कुमार का 5 प्रतिशत हिस्सा लेते थे।
वर्जन
बजघेड़ा क्षेत्र में हुए मामले की जांच के बाद मुख्यालय से निरीक्षक खाद्य आपूर्ति प्रेम पूर्ण व उप निरीक्षक खाद्य आपूर्ति अजीत को निलंबित किया गया गया है। इसमें से एसीबी की ओर से दर्ज मामले में उप निरीक्षक खाद्य आपूर्ति आरोपी हैं। - सौरभ, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, गुरुग्राम।