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खुलासा: 500 करोड़ से कागजों में बन गया फाइव स्टार होटल, सीबीआई जांच में खुलासे के बाद ईडी ने की कार्रवाई
Fri, 30 Jul 2021 08:23 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 30 Jul 2021 08:23 AM IST
सार
खुफिया सूत्रों का कहना है कि बैंक से 800 करोड़ रुपये का कर्जा मिला था। जम्मू कश्मीर में एक राजनेता की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस राशि को लेकर मनी लांड्रिंग से तार जुड़े हुए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी और जम्मू कश्मीर पुलिस इस मामले में राज सिंह गहलोत को जम्मू ले गई थी।
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एंबिएंस मॉल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एंबियंस मॉल के मालिक राज सिंह गहलोत ने जम्मू एंड कश्मीर बैंक से 800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। 500 करोड़ रुपये से दिल्ली में फाइव स्टार होटल का निर्माण होना था। शेष राशि से अन्य कार्य कराए जाने थे, लेकिन कागजों में ही निर्माण हो गया। जबकि इस राशि का काफी हिस्सा राज सिंह गहलोत ने अपने भाई और बेटे को हस्तांतरित कर दिया था।
खुफिया सूत्रों का कहना है कि बैंक से 800 करोड़ रुपये का कर्जा मिला था। जम्मू कश्मीर में एक राजनेता की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस राशि को लेकर मनी लांड्रिंग से तार जुड़े हुए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी और जम्मू कश्मीर पुलिस इस मामले में राज सिंह गहलोत को जम्मू ले गई थी।
जांच के दौरान मनी लांड्रिंग का खुलासा होने पर यह जांच ईडी को सौंप दी गई थी। इस मामले में सीबीआई की टीम पिछले महीने से चंडीगढ़, जम्मू और दिल्ली में डेरा डाले हुई थी। इन टीमों ने राज सिंह गहलोत तथा इनकी तीन कंपनियों के निदेशकों के घर तथा अन्य प्रतिष्ठानों पर गोपनीय पड़ताल की।
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छापे भी मारे, इस दौरान पालम बिहार स्थित जे एंड के बैंक के अभिलेख भी देखे। जिनके माध्यम से राज गहलोत की कंपनियों को 800 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। इस मामले की जांच में सीबीआई के साथ-साथ ईडी की टीम भी शामिल थी। इस मामले में राज गहलोत की तीन कंपनियों के निदेशकों, बेटा तथा भाई भी ईडी तथा सीबीआई पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही इस प्रकरण से जुड़े कई और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
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खुफिया सूत्रों का कहना है कि बैंक से 800 करोड़ रुपये का कर्जा मिला था। जम्मू कश्मीर में एक राजनेता की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस राशि को लेकर मनी लांड्रिंग से तार जुड़े हुए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी और जम्मू कश्मीर पुलिस इस मामले में राज सिंह गहलोत को जम्मू ले गई थी।
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जांच के दौरान मनी लांड्रिंग का खुलासा होने पर यह जांच ईडी को सौंप दी गई थी। इस मामले में सीबीआई की टीम पिछले महीने से चंडीगढ़, जम्मू और दिल्ली में डेरा डाले हुई थी। इन टीमों ने राज सिंह गहलोत तथा इनकी तीन कंपनियों के निदेशकों के घर तथा अन्य प्रतिष्ठानों पर गोपनीय पड़ताल की।
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छापे भी मारे, इस दौरान पालम बिहार स्थित जे एंड के बैंक के अभिलेख भी देखे। जिनके माध्यम से राज गहलोत की कंपनियों को 800 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। इस मामले की जांच में सीबीआई के साथ-साथ ईडी की टीम भी शामिल थी। इस मामले में राज गहलोत की तीन कंपनियों के निदेशकों, बेटा तथा भाई भी ईडी तथा सीबीआई पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही इस प्रकरण से जुड़े कई और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
एंबियंस मॉल मामले की भी हो रही है जांच
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीबीआई को गुरुग्राम में लगभग 18.98 एकड़ भूमि पर एक एंबियंस मॉल के कथित अवैध निर्माण के मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। जिसमें अन्य लोगों की मिलीभगत से इमारत के उप-नियमों और वैधानिक प्रावधानों का खुले तौर पर भी उल्लंघन करने की शिकायतें की गईं थी।
डीएलएफ में 2007 में एंबिएंस माल का निर्माण ग्रुप हाउसिंग की जमीन पर हुआ था। जिसे उन दिनों गुरुग्राम एवं पंचकूला स्थित कंट्री एवं टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों ने साठगांठ करके आवास के स्थान पर मॉल बनाने के लिए आवंटित कर दिया था।
सीबीआई ने जुलाई 2020 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर एंबियंस माल के मालिक राज गहलोत, एंबियंस लिमिटेड व एंबियंस डेवलपर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दयानंद सिंह, मोहन सिंह गहलौत, हुडा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था ।
डीएलएफ में 2007 में एंबिएंस माल का निर्माण ग्रुप हाउसिंग की जमीन पर हुआ था। जिसे उन दिनों गुरुग्राम एवं पंचकूला स्थित कंट्री एवं टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों ने साठगांठ करके आवास के स्थान पर मॉल बनाने के लिए आवंटित कर दिया था।
सीबीआई ने जुलाई 2020 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर एंबियंस माल के मालिक राज गहलोत, एंबियंस लिमिटेड व एंबियंस डेवलपर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दयानंद सिंह, मोहन सिंह गहलौत, हुडा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था ।