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मैनुअली फास्टैग रीडिंग के चलते खेड़कीदौला टोल पर रही जाम की स्थिति

Mon, 15 Feb 2021 11:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 15 Feb 2021 11:08 PM IST
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Fastag reading system is not good, vehicles struggling in jam
खेड़कीदौला टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों पर लगे फास्ट टैग को टोल कर्मियों द्वारा स्कैन करने क? - फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। खेड़कीदौला टोल पर फास्टैग रीडिंग की व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर में वाहनों का जाम 500 मीटर से भी लंबा हो गया था। जाम की स्थिति इसलिए बन रही थी क्योंकि टोल पर आने वाले कई वाहनों की मैनुअली फास्टैग रीडिंग की जा रही थी।
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हालांकि, इस बारे में टोल प्लाजा प्रबंधन की तरफ से स्पष्ट कर दिया गया कि सभी वाहनों में समस्या नहीं थी। कुछ ही ऐसे वाहन थे, जिनमें लगे फास्टैग पर धूल मिट्टी जमे होने व अन्य समस्याओं के चलते फास्टैग को ऑटोमेटिक स्कैनिंग में समस्या आ रही थी, जिसके चलते फास्टैग की रीडिंग मैनुअली करनी पड़ रही थी और कुछ समय के लिए जाम लग रहा था।
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बड़े वाहनों में लग रहा था समय
वाहनों का दबाव कम होने के बाद बीच-बीच में स्थिति सामान्य भी हो रही थी लेकिन जैसे ही वाहनों का दबाव बढ़ता जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती। छोटे वाहनों की मैनुअली फास्टैग रीडिंग में ज्यादा समस्या नहीं हो रही थी लेकिन बड़े वाहनों में लगे फास्टैग स्टीकर को स्कैन करने में काफी समय लग रहा था। दरअसल, ऊंचे ट्रकों, ट्राला व अन्य भारी वाहनों में लगे फास्टैग स्टीकर को स्कैन करने के लिए टोलकर्मी को उसके ऊपर चढ़ना पड़ रहा था। इसमें काफी समय लग रहा था और तब तक पीछे से आने वाले वाहनों की कतार लंबी हो जाती थी।
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क्या है फास्टैग
फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन व्यवस्था है। फास्टैग एक स्टिकर के रूप में होता है, जिसे वाहन की विंडशील्ड पर लगाना होगा। फास्टैग आरएफआईटी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी) के तहत काम करता है। हर फास्टैग के साथ वाहन की पंजीकरण डिटेल जुड़ी होती है। इसे लगाने के बाद टोल प्लाजा पर नकद रूप से टोल टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ता। टोल प्लाजा से वाहन के गुजरने के दौरान वहां पर लगा फास्टैग रीडर वाहन पर लगे फास्टैग के बारकोड को स्कैन करता है और उसकी फीस सीधे बैंक अकाउंट से कट जाती है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ सेकेंड में ही पूरी हो जाती है, जिसके चलते वाहनों को टोल प्लाजा पर ज्यादा वक्त तक रुकना नहीं पड़ता, जिसके चलते जाम भी नहीं लगता।
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