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Gurugram News: बंधवाड़ी टोल पर नहीं है फास्टैग की सुविधा, वाहन चालकों हो होती है परेशानी
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सरकार योजना को दे चुकी है मंजूरी, बैंक की एनओसी के बाद होगा आगे का काम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद स्टेट हाईवे स्थित बंधवाड़ी टोल पर फास्टैग लगाने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। सरकार की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड बनाने वाली एजेंसी से इस परियोजना के लिए ऋण उपलब्ध कराने वाले बैंक से एनओसी लेने को कहा है, जिससे काम को आगे बढ़ाया जाए। फास्टैग लगने से बैंक को जो नुकसान होगा, हरियाणा सरकार वहन करेगी।
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बंधवाड़ी के पास टोल प्लाजा है और यहां से रोज करीब 50 हजार वाहन चालक गुजरते हैं। टोल प्लाजा पर अभी मैन्युअल और लोकल टैग से टोल टैक्स की वसूली होती है। ऐसे में एनएचएआई के फास्टैग टोल पर काम नहीं करते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों के वाहन चालकों को बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर मैन्युअल टोल देना पड़ता है। इससे व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम की समस्या बन जाती है। लोगों की मांग पर लोक निर्माण विभाग ने टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम लगाने की योजना तैयार कर प्रशासनिक मंजूरी के लिए पिछले साल दिसंबर में प्रदेश सरकार को भेजी थी।
प्रदेश सरकार ने इस योजना को इस साल मार्च में मंजूरी दे दी थी। अब लोकसभा चुनाव को देखते हुए आदर्श आचार संहिता लग गई है। पहले लोक निर्माण विभाग की योजना थी कि टेंडर लगाकर अलग से कार्य कराया जाए लेकिन अब एनएचएआई के बैंकों से इसे कनेक्ट कराया जाएगा। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से तय पैसे भी प्रदेश सरकार फास्टैग को देगी। फास्टैग का संचालन करने वाली एजेंसी को केंद्र सरकार एक करोड़ पर 1.43 फीसदी देती है। ऐसे में प्रदेश सरकार को भी इसी रेट पर एजेंसी को पैसे देगी। लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड बनाने वाली कंपनी ने इस परियोजना के लिए एक बैंक से लोन लिया हुआ है। ऐसे में बैंक से एनओसी जरूरी है। इसके बाद इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि फास्टैग से बैंक के जो पैसे कटेंगे इसे सरकार भुगतान करेगी। इसके लिए बैंक को हर माह इसका बिल देना होगा। उनका कहना है कि लोगों की परेशानी को देखते हुए ठेकेदार / एजेंसी को बैंक द्वारा जल्द एनओसी देने को कहा गया है।
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बता दें कि गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बाहरी वाहनों के साथ स्थानीय लोगों के वाहनों का आवागमन काफी होता है। इसके अलावा टोल के आसपास के गांवों के वाहनों को टोल पर छूट भी है। अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन गया है। इसके अलावा गुरुग्राम-जयपुर व दिल्ली-मथुरा हाईवे पर एनएचएआई के टोल हैं। कई बार वाहन चालक दिल्ली में जाम के चक्कर में गुरुग्राम-फरीदाबाद होकर नाेएडा निकलते हैं। ऐसे में बंधवाड़ी में फास्टैग नहीं होने से उन्हें परेशानी और जाम लगता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद स्टेट हाईवे स्थित बंधवाड़ी टोल पर फास्टैग लगाने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। सरकार की मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड बनाने वाली एजेंसी से इस परियोजना के लिए ऋण उपलब्ध कराने वाले बैंक से एनओसी लेने को कहा है, जिससे काम को आगे बढ़ाया जाए। फास्टैग लगने से बैंक को जो नुकसान होगा, हरियाणा सरकार वहन करेगी।
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बंधवाड़ी के पास टोल प्लाजा है और यहां से रोज करीब 50 हजार वाहन चालक गुजरते हैं। टोल प्लाजा पर अभी मैन्युअल और लोकल टैग से टोल टैक्स की वसूली होती है। ऐसे में एनएचएआई के फास्टैग टोल पर काम नहीं करते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों के वाहन चालकों को बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर मैन्युअल टोल देना पड़ता है। इससे व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम की समस्या बन जाती है। लोगों की मांग पर लोक निर्माण विभाग ने टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम लगाने की योजना तैयार कर प्रशासनिक मंजूरी के लिए पिछले साल दिसंबर में प्रदेश सरकार को भेजी थी।
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प्रदेश सरकार ने इस योजना को इस साल मार्च में मंजूरी दे दी थी। अब लोकसभा चुनाव को देखते हुए आदर्श आचार संहिता लग गई है। पहले लोक निर्माण विभाग की योजना थी कि टेंडर लगाकर अलग से कार्य कराया जाए लेकिन अब एनएचएआई के बैंकों से इसे कनेक्ट कराया जाएगा। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से तय पैसे भी प्रदेश सरकार फास्टैग को देगी। फास्टैग का संचालन करने वाली एजेंसी को केंद्र सरकार एक करोड़ पर 1.43 फीसदी देती है। ऐसे में प्रदेश सरकार को भी इसी रेट पर एजेंसी को पैसे देगी। लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड बनाने वाली कंपनी ने इस परियोजना के लिए एक बैंक से लोन लिया हुआ है। ऐसे में बैंक से एनओसी जरूरी है। इसके बाद इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा जाएगा। अधिकारी ने बताया कि फास्टैग से बैंक के जो पैसे कटेंगे इसे सरकार भुगतान करेगी। इसके लिए बैंक को हर माह इसका बिल देना होगा। उनका कहना है कि लोगों की परेशानी को देखते हुए ठेकेदार / एजेंसी को बैंक द्वारा जल्द एनओसी देने को कहा गया है।
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बता दें कि गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर बाहरी वाहनों के साथ स्थानीय लोगों के वाहनों का आवागमन काफी होता है। इसके अलावा टोल के आसपास के गांवों के वाहनों को टोल पर छूट भी है। अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन गया है। इसके अलावा गुरुग्राम-जयपुर व दिल्ली-मथुरा हाईवे पर एनएचएआई के टोल हैं। कई बार वाहन चालक दिल्ली में जाम के चक्कर में गुरुग्राम-फरीदाबाद होकर नाेएडा निकलते हैं। ऐसे में बंधवाड़ी में फास्टैग नहीं होने से उन्हें परेशानी और जाम लगता है।