{"_id":"6006d1fd8ebc3e32b4380aa8","slug":"farmers-will-rehearse-the-tractor-parade-in-gurugram-gurgaon-news-noi560719227","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरुग्राम में बुधवार को किसान करेंगे ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरुग्राम में बुधवार को किसान करेंगे ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल
विज्ञापन
गुरुग्राम। कृषि कानूनों के विरोध में लघु सचिवालय के सामने दिल्ली-जयपुर हाईवे के समक्ष धरना दे रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन तेज करना शुरू कर दिया है। मोर्चा की ओर से गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में की जाने वाली ट्रैक्टर परेड की बुधवार को इलाके में रिहर्सल की जाएगी। मोर्चा ने इस संबंध में प्रशासन एवं पुलिस को अवगत करा दिया है।
मोर्चा के पदाधिकारी संतोख सिंह, पार्षद आरएस राठी व राव कमलबीर सिंह ने बताया कि बुधवार को ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल बजघेड़ा फ्लाई ओवर से शुरुआत होगी और दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित धरना स्थल पर समापन होगा। रिहर्सल में करीब सौ ट्रैक्टर शामिल किए जाएंगे। सभी ट्रैक्टरों पर मोर्चा के सदस्य मौजूद रहेंगे और उस पर राष्ट्रीय ध्वज लगा लगाया जाएगा।
दूसरी ओर, धरनास्थल पर मंगलवार को बड़ी संख्या में इलाके के निवासियों ने शिरकत की। उनमें कई सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल थे। इस मौके पर संतोख सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को कृषि कानून गलत होने के बारे में मालूम है और वह किसानों की बात से सहमत है, लेकिन अपनी गलती स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इस कारण केंद्र सरकार कृषि कानून रद्द नहीं कर रही है।
विज्ञापन
पार्षद आरएस राठी एवं राव कमलबीर सिंह ने कहा कि तत्काल कृषि कानूनों को रद्द करने में केंद्र सरकार की भलाई है, क्योंकि किसान आंदोलन जनआंदोलन बन चुका है और किसानों के साथ अन्य वर्ग के लोग भी आने शुरू हो गए है।
विज्ञापन
मोर्चा के पदाधिकारी संतोख सिंह, पार्षद आरएस राठी व राव कमलबीर सिंह ने बताया कि बुधवार को ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल बजघेड़ा फ्लाई ओवर से शुरुआत होगी और दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित धरना स्थल पर समापन होगा। रिहर्सल में करीब सौ ट्रैक्टर शामिल किए जाएंगे। सभी ट्रैक्टरों पर मोर्चा के सदस्य मौजूद रहेंगे और उस पर राष्ट्रीय ध्वज लगा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरी ओर, धरनास्थल पर मंगलवार को बड़ी संख्या में इलाके के निवासियों ने शिरकत की। उनमें कई सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल थे। इस मौके पर संतोख सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को कृषि कानून गलत होने के बारे में मालूम है और वह किसानों की बात से सहमत है, लेकिन अपनी गलती स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इस कारण केंद्र सरकार कृषि कानून रद्द नहीं कर रही है।
विज्ञापन
पार्षद आरएस राठी एवं राव कमलबीर सिंह ने कहा कि तत्काल कृषि कानूनों को रद्द करने में केंद्र सरकार की भलाई है, क्योंकि किसान आंदोलन जनआंदोलन बन चुका है और किसानों के साथ अन्य वर्ग के लोग भी आने शुरू हो गए है।