{"_id":"60dcad2b8ebc3ecbfb228e1e","slug":"fake-call-center-busted-in-sector-48-gurgaon-news-noi59076913","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेक्टर-48 में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेक्टर-48 में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
विज्ञापन
गुरुग्राम। शहर में फर्जी कॉल सेंटर खोल कर यूएसए नागरिकों को सिक्योरिटी सिस्टम का भय दिखाकर ठगी करने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। बुधवार को भी पुलिस ने सेक्टर-48 में एक और फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यहां से कॉल सेंटर के मालिक व मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। मौके पर काम करते मिले 8 युवक में दो युवतियों से पूछताछ कर लैपटॉप कंप्यूटर हार्ड डिस्क आदि बरामद की गई हैं।
साइबर थाना पुलिस की टीम ने बताया कि बुधवार को उन्हें सूचना मिली कि सोहना रोड पर सेक्टर 48 में आईआरआईएस टेक पार्क में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। मौके पर जाकर छापे मारे तो फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ।
पूछताछ में पता चला कि यूएसए नागरिकों से फोन पर सिक्योरिटी सिस्टम का भय दिखाकर 100 से 800 डालर तक ठगते थे। वही कॉल सेंटर के मालिक उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी मनमोहन सिंह और मैनेजर झारखंड के टाटा नगर निवासी निशांत को भी मौके पर ही दबोच लिया। दोनों से कॉल सेंटर के दस्तावेज मांगे तो वह कोई कागज उपलब्ध नहीं करा सके। साइबर थाना में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक-युवतियों को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया। वहीं कॉल सेंटर से कंप्यूटर हार्ड डिस्क आदि को बरामद कर जानकारी हासिल की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साइबर थाना पुलिस की टीम ने बताया कि बुधवार को उन्हें सूचना मिली कि सोहना रोड पर सेक्टर 48 में आईआरआईएस टेक पार्क में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। मौके पर जाकर छापे मारे तो फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
पूछताछ में पता चला कि यूएसए नागरिकों से फोन पर सिक्योरिटी सिस्टम का भय दिखाकर 100 से 800 डालर तक ठगते थे। वही कॉल सेंटर के मालिक उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी मनमोहन सिंह और मैनेजर झारखंड के टाटा नगर निवासी निशांत को भी मौके पर ही दबोच लिया। दोनों से कॉल सेंटर के दस्तावेज मांगे तो वह कोई कागज उपलब्ध नहीं करा सके। साइबर थाना में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक-युवतियों को पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया गया। वहीं कॉल सेंटर से कंप्यूटर हार्ड डिस्क आदि को बरामद कर जानकारी हासिल की जा रही है।
विज्ञापन