{"_id":"614383768ebc3eb3b354b34d","slug":"everyone-is-proud-of-tarun-s-martyrdom-cm-gurgaon-news-noi6049973182","type":"story","status":"publish","title_hn":"तरुण की शहादत पर सभी को गर्व : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तरुण की शहादत पर सभी को गर्व : सीएम
विज्ञापन
सोहना। सियाचिन में शहीद हुए सोहना उपमंडल के गांव भोंडसी निवासी तरुण भारद्वाज के परिजनों को सीएम मनोहरलाल ने बृहस्पतिवार को सांत्वना दी। इस दौरान विधायक कुंवर संजय सिंह भी साथ थे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि बेटा तरुण देश के काम आया है, उसकी शहादत पर सभी को गर्व है।
शहीद तरुण के पिता नंद किशोर को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहीदों के लिए नीति बना दी है, जिसके अनुसार उनके परिवार को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने शहीदों के परिवारों से जुड़े 279 व्यक्तियों को नौकरियां दी हैं। इनमें 1971 के भारत-पाक युद्ध के शहीदों के परिजन भी शामिल हैं। हरियाणा सरकार द्वारा शहीदों के लिए बनाई गई नीति अनुसार, शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को नौकरी दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने गांव के सामुदायिक केंद्र का नामकरण शहीद के नाम पर करने की घोषणा करने के साथ कहा कि गांव भोंडसी की पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर उसे सीएचसी या छोटा अस्पताल बनाने की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। उन्होंने एक सड़क का नामकरण भी शहीद तरुण के नाम पर रखने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने तरुण के घर जाकर उनकी तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। तरुण के पिता नंदकिशोर भारद्वाज ने कहा कि हम सबको तरुण की शहादत पर गर्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहीद तरुण के पिता नंद किशोर को ढांढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहीदों के लिए नीति बना दी है, जिसके अनुसार उनके परिवार को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने शहीदों के परिवारों से जुड़े 279 व्यक्तियों को नौकरियां दी हैं। इनमें 1971 के भारत-पाक युद्ध के शहीदों के परिजन भी शामिल हैं। हरियाणा सरकार द्वारा शहीदों के लिए बनाई गई नीति अनुसार, शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक परिजन को नौकरी दी जाती है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने गांव के सामुदायिक केंद्र का नामकरण शहीद के नाम पर करने की घोषणा करने के साथ कहा कि गांव भोंडसी की पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर उसे सीएचसी या छोटा अस्पताल बनाने की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। उन्होंने एक सड़क का नामकरण भी शहीद तरुण के नाम पर रखने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने तरुण के घर जाकर उनकी तस्वीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। तरुण के पिता नंदकिशोर भारद्वाज ने कहा कि हम सबको तरुण की शहादत पर गर्व है।
विज्ञापन