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Gurugram News: ईएसआईसी ने स्कूल संचालकों को किया जागरूक
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स्प्री 2025 योजना का लाभ लेने की अपील, मातृत्व लाभ अधिनियमों की जानकारी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में स्कूल संचालकों और संस्थान प्रमुखों को सरकार द्वारा लाई गई कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। सेमिनार कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित किया गया।
सेमिनार में बताया गया कि सभी स्कूल, संस्थान, क्लिनिक, अस्पताल, दुकानें और फैक्टरियां जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वे वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट 1923 और मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के अंतर्गत आते हैं। इन अधिनियमों के तहत दुर्घटना, मृत्यु अथवा प्रसव जैसी स्थितियों में कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा मिलती है।
अधिकारियों ने बताया कि अगर ऐसे संस्थानों ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) में पंजीकरण नहीं कराया है, तो अचानक आने वाली वित्तीय देनदारियों का भार संस्थान प्रमुखों को स्वयं उठाना पड़ सकता है। ईएसआईसी योजना में शामिल होकर न केवल इन कानूनी दायित्वों से राहत मिलती है, बल्कि कर्मचारियों को भी चिकित्सा सहित अनेक सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलते हैं।
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पंजीकरण न कराने पर जुर्माना
सेमिनार में यह भी बताया गया कि कई स्कूल और संस्थान ऐसे हैं जो वर्षों से ईएसआईसी में पंजीकरण कराने के लिए पात्र हैं, फिर भी उन्होंने पंजीकरण नहीं कराया। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर संस्थानों को वर्षों के अंशदान, ब्याज व हर्जाने का भुगतान करना पड़ता है, जिससे बचने के लिए कई संचालक पंजीकरण से भी बचते हैं।
स्प्री 2025 योजना एक सुनहरा अवसर
कार्यक्रम में भारत सरकार की नई योजना ‘स्प्री 2025’ के बारे में भी जानकारी दी गई। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक अगर कोई संस्थान या नियोक्ता पंजीकरण कराता है तो उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच नहीं की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार में स्कूल संचालकों और संस्थान प्रमुखों को सरकार द्वारा लाई गई कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। सेमिनार कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित किया गया।
सेमिनार में बताया गया कि सभी स्कूल, संस्थान, क्लिनिक, अस्पताल, दुकानें और फैक्टरियां जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वे वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट 1923 और मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के अंतर्गत आते हैं। इन अधिनियमों के तहत दुर्घटना, मृत्यु अथवा प्रसव जैसी स्थितियों में कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा मिलती है।
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अधिकारियों ने बताया कि अगर ऐसे संस्थानों ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) में पंजीकरण नहीं कराया है, तो अचानक आने वाली वित्तीय देनदारियों का भार संस्थान प्रमुखों को स्वयं उठाना पड़ सकता है। ईएसआईसी योजना में शामिल होकर न केवल इन कानूनी दायित्वों से राहत मिलती है, बल्कि कर्मचारियों को भी चिकित्सा सहित अनेक सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलते हैं।
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पंजीकरण न कराने पर जुर्माना
सेमिनार में यह भी बताया गया कि कई स्कूल और संस्थान ऐसे हैं जो वर्षों से ईएसआईसी में पंजीकरण कराने के लिए पात्र हैं, फिर भी उन्होंने पंजीकरण नहीं कराया। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर संस्थानों को वर्षों के अंशदान, ब्याज व हर्जाने का भुगतान करना पड़ता है, जिससे बचने के लिए कई संचालक पंजीकरण से भी बचते हैं।
स्प्री 2025 योजना एक सुनहरा अवसर
कार्यक्रम में भारत सरकार की नई योजना ‘स्प्री 2025’ के बारे में भी जानकारी दी गई। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक अगर कोई संस्थान या नियोक्ता पंजीकरण कराता है तो उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच नहीं की जाएगी।