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Gurugram News: दस्तावेजों में त्रुटि बनी छात्रों के लिए परेशानी, स्कूलों में शुरू होगा रिकॉर्ड सुधार अभियान
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पात्र छात्र छात्रवृत्ति और यूनिफॉर्म सहायता राशि से हो रहे वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए आधार, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और बैंक खाते से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ियां बड़ी समस्या बन गई हैं। इन्हीं त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र छात्र छात्रवृत्ति और यूनिफॉर्म सहायता राशि से वंचित रह रहे हैं। शिक्षा विभाग अब जुलाई से स्कूल स्तर पर रिकॉर्ड सत्यापन और दस्तावेजों में सुधार का विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार कई विद्यार्थियों के आधार कार्ड का परिवार पहचान पत्र से लिंक नहीं है, बैंक खाते अपडेट नहीं हैं या नाम, जन्मतिथि जैसी जानकारी में अंतर है। ऐसे मामलों में ऑनलाइन सत्यापन पूरा नहीं हो पाता, जिससे सहायता राशि का भुगतान अटक जाता है। सबसे अधिक परेशानी उन विद्यार्थियों को होती है, जिन्होंने हाल ही में स्कूल बदला है और जिनका रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं हो पाया। शिक्षकों का कहना है कि दस्तावेजों की छोटी-छोटी गलतियां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से रोक रही हैं। विभाग का मानना है कि समय रहते रिकॉर्ड दुरुस्त होने पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों के लिए आधार, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और बैंक खाते से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ियां बड़ी समस्या बन गई हैं। इन्हीं त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र छात्र छात्रवृत्ति और यूनिफॉर्म सहायता राशि से वंचित रह रहे हैं। शिक्षा विभाग अब जुलाई से स्कूल स्तर पर रिकॉर्ड सत्यापन और दस्तावेजों में सुधार का विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार कई विद्यार्थियों के आधार कार्ड का परिवार पहचान पत्र से लिंक नहीं है, बैंक खाते अपडेट नहीं हैं या नाम, जन्मतिथि जैसी जानकारी में अंतर है। ऐसे मामलों में ऑनलाइन सत्यापन पूरा नहीं हो पाता, जिससे सहायता राशि का भुगतान अटक जाता है। सबसे अधिक परेशानी उन विद्यार्थियों को होती है, जिन्होंने हाल ही में स्कूल बदला है और जिनका रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं हो पाया। शिक्षकों का कहना है कि दस्तावेजों की छोटी-छोटी गलतियां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से रोक रही हैं। विभाग का मानना है कि समय रहते रिकॉर्ड दुरुस्त होने पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा।
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