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Gurugram News: ई और एफ टावर खाली कराने में अपने ही फरमान भूले अधिकारी

Mon, 23 Jan 2023 04:40 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Jan 2023 04:40 PM IST
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E and F towers were issued, the officers forgot their orders
अमर उजाला ब्यूरो
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गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में रहने के लिए असुरक्षित घोषित किए गए ई और एफ टावर को खाली करवाने के अपने ही फरमान को प्रशासनिक अधिकारी भूल गए हैं। इस मामले में प्रशासन ने बिल्डर को पांच दिन में कार्ययोजना पेश करने का नोटिस जारी किया था। समय सीमा बीतने के बाद बिल्डर ने जहां उक्त दोनों टावर खाली कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं, वहीं अब अधिकारी भी इन दोनों टावर को दरकिनार करके डी-टावर की बात कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमारी प्राथमिकता पहले डी-टावर के सेटलमेंट की है।
10 फरवरी 2022 को चिनटेल्स की डी-टावर में हादसा होने के बाद प्रशासन ने एडीसी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। पिछले दिनों इस समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया है कि हादसाग्रस्त डी-टावर को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही अन्य टावर ई और एफ को भी खाली करवा कर इनकी सुरक्षा जांच कराई जाए। इनको भी रहने के लिए असुरक्षित बताया गया है। रिपोर्ट आने के बाद उपायुक्त के निर्देश पर डीटीपी प्रवर्तन ने चिनटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस भेजकर पांच दिन के अंदर यह बताने के लिए कहा कि वह ई और एफ टॉवर को किस तरह खाली करवाएंगे और विस्थापितों के लिए क्या इंतजाम रहेंगे।
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इस नोटिस के बाद बिल्डर ने कार्य योजना तो प्रस्तुत नहीं की बल्कि एक पत्र भेजकर टावरों को खाली करवाने में असमर्थता व्यक्त कर दी। साथ ही हादसे के लिए टावरों का निर्माण करने वाली ठेकेदार फर्म भयाना बिल्डर को भी जांच के दायरे में शमिल करने की मांग की। निर्धारित समय में कार्य योजना प्रस्तुत नहीं करने पर अब अधिकारियों ने भी कोई सख्त रुख नहीं अपनाया है। टावरों के निवासी भी अपने मकान छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
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अभी प्राथमिकता डी-टावरों के फ्लैट मालिकों का लेनदेन निपटाना है। ई और एफ टावरों को तो खाली बाद में भी करवाया जा सकता है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है। इसलिए इस बात का भी इंतजार है कि कोर्ट इस संबंध में क्या दिशा निर्देश देता है। - अमित मधोलिया, डीटीपी प्रवर्तन
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दीपक शर्मा
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