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आज से अरावली में ड्रोन सर्वे, 73 को नोटिस
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गुरुग्राम। अरावली में अवैध कब्जों को चिह्नित करने के लिए बृहस्पतिवार से ड्रोन सर्वे शुरू हो जाएगी। इसके आधार पर पूरी अरावली में हर तरह की गतिविधि को कैमरे से रिकॉर्ड किया जाएगा। प्रशासन ने सर्वे का कार्य जिला विकास एवं पंचायत विभाग को सौंपा है। डीडीपीओ नरेंद्र सारवान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक सप्ताह में हर हाल में यह सर्वे पूरा करने की तैयारी की गई है। सर्वे के बाद ही आगे की कार्रवाई का खाका तैयार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार के आदेश पर प्रशासन और वन विभाग इस मामले में ढिलाई देने की मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। वन विभाग 73 अवैध कब्जों को नोटिस थमा चुका है। इनमें कुछ निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों के साथ ही दूसरी सरकारी संपत्ति भी शामिल हैं। कुछ बड़े नामदारों के फार्म हाउस भी हैं।
सरकार ने कर लिया अरावली पर कब्जा
अरावली को बचाने की जिम्मेदार सरकार ने ही अरावली में अवैध कब्जा कर लिया। यह वन विभाग के सर्वे में पता चला है। पिछले दिनों वन विभाग ने जब अरावली में अपने स्तर पर पर सर्वे कराया तो उसमें कुछ ऐसे स्थान भी चिह्नित हुए हैं जो सरकार के अधीन है। इनमें रिठौज का सरकारी कॉलेज और सोहना के सरकारी टूरिस्ट कांप्लेक्स का कुछ हिस्सा भी शामिल है। वन विभाग ने दोनों को ही नोटिस दिया है। हालांकि अभी तक निजी शिक्षण संस्थानों के इस जद में आने की बात से बचा जा रहा है, लेकिन सूत्रों की माने तो कई बड़े और नामी शिक्षण संस्थानों ने भी अरावली में अवैध कब्जा जमाया है। हालांकि वन विभाग अभी इस बात को साफ तौर पर नहीं मान रहा है। विभाग के मुताबिक कैसा भी निर्माण या कब्जा हो, ड्रोन सर्वे में सामने आ जाएगा।
वन विभाग तय कर रहा है क्षेत्र
अवैध कब्जों की सर्वे का कार्य शुरू हो रहा है, लेकिन वन विभाग अभी तक अरावली का एरिया चिह्नित नहीं कर पाया है। वन विभाग ने सर्वे के लिए डीडीपीओ को 40 गांवों की सूची सौंपी है। इन 40 गांवों के अलावा कुछ दूसरे स्थान भी हैं, जहां ड्रोन सर्वे होनी है। इन गांवों में कासन, मानेसर, नौरंगपुर, राठीवास, सकतपुर, गैरतपुर बांस, रायसीना, बंधवाड़ी, ग्वाल पहाड़ी, सोहना, रिठौज और दमदमा जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं।
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सर्वे से पहले कर लेंगे पूरा टास्क
वन मंडल अधिकारी राजीव तेजयान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि एक दिन पहले ही योजना बनी है। एक सप्ताह में पूरी करनी है। उन्होंने कहा कि सर्वे से पहले जो भी टास्क है वो पूरा किया जाएगा। कितने क्षेत्र में सर्वे करानी है, यह तय किया जाएगा। फिलहाल गांवों की सूची बनाई गई है। उनमें शुरू कर दिया जाएगा। जैसे ही सर्वे शुरू होगी, आगे की रणनीति पर कार्य कर लिया जाएगा। विभाग की ओर से 73 अवैध कब्जे चिह्नित कर उन्हें नोटिस दिया गया है। रिठौज कॉलेज और सोहना टूरिस्ट कांप्लेक्स का कुछ हिस्सा भी इस जद में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसी भी अवैध निर्माण को नहीं छोड़ा जाएगा चाहे वह छोटा या बड़ा कैसा भी हो।
बृहस्पतिवार से एक ड्रोन की मदद से ही सर्वे का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह कार्य विशेषज्ञों से कराया जाएगा। वह केवल मामले की निगरानी करेंगे। एक सप्ताह में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अलग-अलग स्थानों के लिए अलग टीमें बनाई जा रही है। परसों तक सभी टीमों को मैदान में उतार दिया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार सारवान,डीडीपीओ
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सरकार ने कर लिया अरावली पर कब्जा
अरावली को बचाने की जिम्मेदार सरकार ने ही अरावली में अवैध कब्जा कर लिया। यह वन विभाग के सर्वे में पता चला है। पिछले दिनों वन विभाग ने जब अरावली में अपने स्तर पर पर सर्वे कराया तो उसमें कुछ ऐसे स्थान भी चिह्नित हुए हैं जो सरकार के अधीन है। इनमें रिठौज का सरकारी कॉलेज और सोहना के सरकारी टूरिस्ट कांप्लेक्स का कुछ हिस्सा भी शामिल है। वन विभाग ने दोनों को ही नोटिस दिया है। हालांकि अभी तक निजी शिक्षण संस्थानों के इस जद में आने की बात से बचा जा रहा है, लेकिन सूत्रों की माने तो कई बड़े और नामी शिक्षण संस्थानों ने भी अरावली में अवैध कब्जा जमाया है। हालांकि वन विभाग अभी इस बात को साफ तौर पर नहीं मान रहा है। विभाग के मुताबिक कैसा भी निर्माण या कब्जा हो, ड्रोन सर्वे में सामने आ जाएगा।
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वन विभाग तय कर रहा है क्षेत्र
अवैध कब्जों की सर्वे का कार्य शुरू हो रहा है, लेकिन वन विभाग अभी तक अरावली का एरिया चिह्नित नहीं कर पाया है। वन विभाग ने सर्वे के लिए डीडीपीओ को 40 गांवों की सूची सौंपी है। इन 40 गांवों के अलावा कुछ दूसरे स्थान भी हैं, जहां ड्रोन सर्वे होनी है। इन गांवों में कासन, मानेसर, नौरंगपुर, राठीवास, सकतपुर, गैरतपुर बांस, रायसीना, बंधवाड़ी, ग्वाल पहाड़ी, सोहना, रिठौज और दमदमा जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं।
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सर्वे से पहले कर लेंगे पूरा टास्क
वन मंडल अधिकारी राजीव तेजयान ने एक सवाल के जवाब में कहा कि एक दिन पहले ही योजना बनी है। एक सप्ताह में पूरी करनी है। उन्होंने कहा कि सर्वे से पहले जो भी टास्क है वो पूरा किया जाएगा। कितने क्षेत्र में सर्वे करानी है, यह तय किया जाएगा। फिलहाल गांवों की सूची बनाई गई है। उनमें शुरू कर दिया जाएगा। जैसे ही सर्वे शुरू होगी, आगे की रणनीति पर कार्य कर लिया जाएगा। विभाग की ओर से 73 अवैध कब्जे चिह्नित कर उन्हें नोटिस दिया गया है। रिठौज कॉलेज और सोहना टूरिस्ट कांप्लेक्स का कुछ हिस्सा भी इस जद में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसी भी अवैध निर्माण को नहीं छोड़ा जाएगा चाहे वह छोटा या बड़ा कैसा भी हो।
बृहस्पतिवार से एक ड्रोन की मदद से ही सर्वे का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह कार्य विशेषज्ञों से कराया जाएगा। वह केवल मामले की निगरानी करेंगे। एक सप्ताह में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अलग-अलग स्थानों के लिए अलग टीमें बनाई जा रही है। परसों तक सभी टीमों को मैदान में उतार दिया जाएगा।
-नरेंद्र कुमार सारवान,डीडीपीओ