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Gurugram News: बरसात के पानी में बह गईं जलनिकासी की योजनाएं
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तावडू का पावर स्टेशन जलमग्न, बिजली आपूर्ति रही प्रभावित, जिले में आफत बनकर बरसी राहत की बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/तावडू/पिनगवां। जिले में बीती रात आफत बनकर बरसी राहत की बारिश। एक ओर भीषण गर्मी से परेशान हो रहे लोगों को बारिश ने राहत दी तो दूसरी ओर शहर में जगह-जगह हुआ जलभराव लोगों के लिए आफत बन गया। ये हाल तब हैं जब जिले में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री स्तर तक योजनाएं बनीं। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही के कारण यह सभी योजनाएं बारिश के पानी में बह गईं।
जिले में पिछले दो दिन से झमाझम बारिश हो रही है। इससे नूंह शहर में महिला थाना, डाकखाना, रेडक्रॉस सोसाइटी का कार्यालय, कृषि विभाग कार्यालय, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, थाने वाले रोड, खेड़ला मोड, पुरानी तहसील, नई अनाजमंडी समेत कई स्थानों पर पानी भर गया। जिसे लेकर नगरपरिषद प्रशासन करीब एक माह पहले से दावे कर रहा था कि इस बार शहर में जलभराव नहीं होने देंगे। इसके लिए अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप मलिक, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा लाव-लश्कर के साथ शहर में जलभराव के केंद्रों का दौरा कर जिम्मेदारों को निर्देश दे चुके थे। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी उनके दावे खोखले निकले और शहर में जगह-जगह जलभराव देखने को मिल रहा है। जलभराव को लेकर डेढ़ माह पूर्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक कर जरूरी निर्देश दिए थे।
तावड़ू में 133 एमएम बारिश दर्ज
तावडू क्षेत्र में 133 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड है। इस मूसलाधार बारिश के कारण नगर के जाट चौक, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नई अनाज मंडी, तहसील परिसर सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। सबसे गंभीर स्थिति तावडू पावर स्टेशन की रही, जो पूरी तरह डूब गया, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। पावर स्टेशन के कर्मचारियों ने बताया कि देर रात तक बारिश होने से पावर स्टेशन में पानी भर गया। पावर स्टेशन के प्रभारी हाशिम ने बताया कि कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट हैं और पानी निकालने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुटे हैं। जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, नूंह शहर के रेस्ट हाउस रोड पर बिजली की मुख्य लाइन पर पेड गिरने के कारण जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रही।
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घरों में भी घुसा पानी
गांव बिसर अकबरपुर में भी घरों में पानी घुस गया, जिससे पहले से मौजूद जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई। वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बुराका पचगांव और सालाका मालाका फ्लाईओवर के नीचे पानी भरने से रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी भारी जलभराव से घरों, दुकानों और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्केट में बनी नालियों की सफाई नहीं होने से हुई परेशानी
पिनगवां कस्बे की मार्किट में बनी नालियों की सफाई नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या बन गई। कई दिनों से उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीना दुभर किया हुआ था लेकिन जब बुधवार की रात व बृहस्पतिवार की सुबह तेज बरसात हुई तो कस्बे की मार्किट जलमग्न हो गई। दुकानदार इस्माइल, फजल हुसैन, अहमद खान, राजू तनेजा व साबिर हुसैन ने बताया कि नालियों की सफाई कराने के लिए सफाई कर्मचारियों को पंचायत द्वारा रखा गया है लेकिन वह मनमर्जी का काम करते हैं और ठीक ढंग से सफाई नहीं होने के कारण नालियों में गंदगी जमा हो जाती है, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं। यही वजह है कि ज्यादा बरसात के कारण पानी सड़कों पर भर जाता है।
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जलभराव के बाद की गई कार्रवाई
एसडीएम ने जारी किया नोटिस
तावडू शहर में उत्पन्न जलभराव की समस्या पर एसडीएम तावडू जितेंद्र कुमार ने त्वरित और सख्त संज्ञान लिया है। जलभराव से जनजीवन प्रभावित होने पर एसडीएम ने नगरपालिका सचिव एवं नगरपालिका अभियंता, तावडू को भवन निर्माण एवं संरेखण उपविधि अधिनियम की धारा 152 के अंतर्गत नोटिस जारी किए हैं।
एसडीएम ने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों को एसएचओ शहर तावडू के माध्यम से एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी बनाए गए हैं नोडल अधिकारी
जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने एडीसी प्रदीप मलिक को जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
लापरवाही : सरकारी कार्यालयों के पास हो रहे जलभराव को लेकर न तो नगरपरिषद प्रशासन और न ही जिला प्रशासन गंभीर दिख रहा है। यहां तक कि नूंह नगरपरिषद ने पानी निकासी के लिए दो ट्रैक्टर और तीन इंजन किराए पर लिए हैं, जो इन दिनों शहर में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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नूंह नगरपरिषद ने जलनिकासी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। ट्रैक्टर और पंपों के माध्यम से खेड़ला मोड़ और एमडीए परिसर से पानी निकाला जा रहा है। बाकी स्थानों से भी पानी निकालने के लिए पंप सेट लगाए जाएंगे। -संजय मनोचा, नगरपरिषद चेयरमैन, नूंह।
बारिश के कारण पानी भरना और पोल या पेड़ टूटकर लाइन पर गिरने जैसी समस्याओं को सही करने के लिए रात-दिन कर्मचारी फील्ड में डटे रहे। जहां जो समस्याएं आई थीं, उन्हें दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई है। - आशुतोष, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/तावडू/पिनगवां। जिले में बीती रात आफत बनकर बरसी राहत की बारिश। एक ओर भीषण गर्मी से परेशान हो रहे लोगों को बारिश ने राहत दी तो दूसरी ओर शहर में जगह-जगह हुआ जलभराव लोगों के लिए आफत बन गया। ये हाल तब हैं जब जिले में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री स्तर तक योजनाएं बनीं। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही के कारण यह सभी योजनाएं बारिश के पानी में बह गईं।
जिले में पिछले दो दिन से झमाझम बारिश हो रही है। इससे नूंह शहर में महिला थाना, डाकखाना, रेडक्रॉस सोसाइटी का कार्यालय, कृषि विभाग कार्यालय, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, थाने वाले रोड, खेड़ला मोड, पुरानी तहसील, नई अनाजमंडी समेत कई स्थानों पर पानी भर गया। जिसे लेकर नगरपरिषद प्रशासन करीब एक माह पहले से दावे कर रहा था कि इस बार शहर में जलभराव नहीं होने देंगे। इसके लिए अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप मलिक, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा लाव-लश्कर के साथ शहर में जलभराव के केंद्रों का दौरा कर जिम्मेदारों को निर्देश दे चुके थे। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी उनके दावे खोखले निकले और शहर में जगह-जगह जलभराव देखने को मिल रहा है। जलभराव को लेकर डेढ़ माह पूर्व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक कर जरूरी निर्देश दिए थे।
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तावड़ू में 133 एमएम बारिश दर्ज
तावडू क्षेत्र में 133 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड है। इस मूसलाधार बारिश के कारण नगर के जाट चौक, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नई अनाज मंडी, तहसील परिसर सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। सबसे गंभीर स्थिति तावडू पावर स्टेशन की रही, जो पूरी तरह डूब गया, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। पावर स्टेशन के कर्मचारियों ने बताया कि देर रात तक बारिश होने से पावर स्टेशन में पानी भर गया। पावर स्टेशन के प्रभारी हाशिम ने बताया कि कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट हैं और पानी निकालने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुटे हैं। जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, नूंह शहर के रेस्ट हाउस रोड पर बिजली की मुख्य लाइन पर पेड गिरने के कारण जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रही।
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घरों में भी घुसा पानी
गांव बिसर अकबरपुर में भी घरों में पानी घुस गया, जिससे पहले से मौजूद जलभराव की समस्या और गंभीर हो गई। वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बुराका पचगांव और सालाका मालाका फ्लाईओवर के नीचे पानी भरने से रास्ते पूरी तरह बंद हो गए। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी भारी जलभराव से घरों, दुकानों और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्केट में बनी नालियों की सफाई नहीं होने से हुई परेशानी
पिनगवां कस्बे की मार्किट में बनी नालियों की सफाई नहीं होने के कारण जलभराव की समस्या बन गई। कई दिनों से उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीना दुभर किया हुआ था लेकिन जब बुधवार की रात व बृहस्पतिवार की सुबह तेज बरसात हुई तो कस्बे की मार्किट जलमग्न हो गई। दुकानदार इस्माइल, फजल हुसैन, अहमद खान, राजू तनेजा व साबिर हुसैन ने बताया कि नालियों की सफाई कराने के लिए सफाई कर्मचारियों को पंचायत द्वारा रखा गया है लेकिन वह मनमर्जी का काम करते हैं और ठीक ढंग से सफाई नहीं होने के कारण नालियों में गंदगी जमा हो जाती है, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं। यही वजह है कि ज्यादा बरसात के कारण पानी सड़कों पर भर जाता है।
जलभराव के बाद की गई कार्रवाई
एसडीएम ने जारी किया नोटिस
तावडू शहर में उत्पन्न जलभराव की समस्या पर एसडीएम तावडू जितेंद्र कुमार ने त्वरित और सख्त संज्ञान लिया है। जलभराव से जनजीवन प्रभावित होने पर एसडीएम ने नगरपालिका सचिव एवं नगरपालिका अभियंता, तावडू को भवन निर्माण एवं संरेखण उपविधि अधिनियम की धारा 152 के अंतर्गत नोटिस जारी किए हैं।
एसडीएम ने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर जलभराव की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों को एसएचओ शहर तावडू के माध्यम से एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी बनाए गए हैं नोडल अधिकारी
जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने एडीसी प्रदीप मलिक को जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
लापरवाही : सरकारी कार्यालयों के पास हो रहे जलभराव को लेकर न तो नगरपरिषद प्रशासन और न ही जिला प्रशासन गंभीर दिख रहा है। यहां तक कि नूंह नगरपरिषद ने पानी निकासी के लिए दो ट्रैक्टर और तीन इंजन किराए पर लिए हैं, जो इन दिनों शहर में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।
नूंह नगरपरिषद ने जलनिकासी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। ट्रैक्टर और पंपों के माध्यम से खेड़ला मोड़ और एमडीए परिसर से पानी निकाला जा रहा है। बाकी स्थानों से भी पानी निकालने के लिए पंप सेट लगाए जाएंगे। -संजय मनोचा, नगरपरिषद चेयरमैन, नूंह।
बारिश के कारण पानी भरना और पोल या पेड़ टूटकर लाइन पर गिरने जैसी समस्याओं को सही करने के लिए रात-दिन कर्मचारी फील्ड में डटे रहे। जहां जो समस्याएं आई थीं, उन्हें दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई है। - आशुतोष, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम