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Gurugram News: जीयू में मनोदैहिक सद्भाव विषय पर मंथन
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तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में 150 से अधिक काउंसलरों और शिक्षकों ने कराया पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूराे
गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय (जीयू) में बुधवार से मनोदैहिक सद्भाव विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ। जीयू के मनोविज्ञान विभाग द्वारा इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) और यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन (यूएसआईईएफ) के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है।
मनोविज्ञान विभाग की चेयरपर्सन प्राे. गायत्री रैना ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को प्री-सेमिनार वर्कशॉप में मनोविज्ञान विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। 150 से अधिक काउंसलरों और स्कूल शिक्षकों ने पंजीकरण कराया हुआ है। उन्होंने बताया कि प्री-सेमिनार वर्कशॉप के पहले सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एसवीके जैना ने विशिष्ट शिक्षण विकलांगता विषय पर चर्चा की। उन्हाेंने काउंसलरों व स्कूल शिक्षकों को बताया कि मानसिक तौर पर दिव्यांग बच्चों को किस तरह से पढ़ना सिखाया जा सकता है।
वहीं दूसरे सत्र में एशियन सीबीटी एसोसिएशन (एसीबीटीए) की अध्यक्ष डॉ. निमिशा कुमार ने संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी पर चर्चा की। वहीं, अन्य विशेषज्ञों ने तनाव और मानसिक स्वास्थ्य, संगठनात्मक और कार्यस्थल कल्याण, स्थिरता का मनोविज्ञान: बदलती दुनिया में कल्याण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्राे. गायत्री रैना ने बताया कि बृहस्पतिवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन भारत के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालय व कॉलेजों से रिसर्च स्कॉलर्स, प्रोफेसर्स, फैकल्टी सदस्य शामिल होंगे।
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गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय (जीयू) में बुधवार से मनोदैहिक सद्भाव विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ। जीयू के मनोविज्ञान विभाग द्वारा इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) और यूनाइटेड स्टेट्स-इंडिया एजुकेशनल फाउंडेशन (यूएसआईईएफ) के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है।
मनोविज्ञान विभाग की चेयरपर्सन प्राे. गायत्री रैना ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को प्री-सेमिनार वर्कशॉप में मनोविज्ञान विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। 150 से अधिक काउंसलरों और स्कूल शिक्षकों ने पंजीकरण कराया हुआ है। उन्होंने बताया कि प्री-सेमिनार वर्कशॉप के पहले सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एसवीके जैना ने विशिष्ट शिक्षण विकलांगता विषय पर चर्चा की। उन्हाेंने काउंसलरों व स्कूल शिक्षकों को बताया कि मानसिक तौर पर दिव्यांग बच्चों को किस तरह से पढ़ना सिखाया जा सकता है।
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वहीं दूसरे सत्र में एशियन सीबीटी एसोसिएशन (एसीबीटीए) की अध्यक्ष डॉ. निमिशा कुमार ने संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी पर चर्चा की। वहीं, अन्य विशेषज्ञों ने तनाव और मानसिक स्वास्थ्य, संगठनात्मक और कार्यस्थल कल्याण, स्थिरता का मनोविज्ञान: बदलती दुनिया में कल्याण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्राे. गायत्री रैना ने बताया कि बृहस्पतिवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन भारत के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालय व कॉलेजों से रिसर्च स्कॉलर्स, प्रोफेसर्स, फैकल्टी सदस्य शामिल होंगे।
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