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Gurugram News: मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी का भय दिखाकर किया डिजिटल अरेस्ट, 19 लाख ठगे

Wed, 03 Apr 2024 11:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2024 11:55 PM IST
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Digital arrest done by showing fear of money laundering and drug smuggling, 19 lakhs cheated
अमर उजाला ब्यूरो
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गुरुग्राम। फर्जी साइबर क्राइम ब्रांच मुंबई का अधिकारी बनकर ठगों ने एक महिला से 19 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने जांच के नाम पर उसे तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़िता को मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी का भय दिखाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।


प्रिंसटन एस्टेट निवासी निशि देसाई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें एक अप्रैल को एक आईवीआर कॉल आई। इसमें दावा किया गया कि एक पार्सल को अवैध सामान होने के कारण रोक दिया गया था। पार्सल भेजने में उनके नाम, नंबर और आधार कार्ड का उपयोग किया गया है। इसके बाद आरोपी ने पार्सल विवरण दिया और मुंबई साइबर अपराध शाखा से बात कराने के नाम पर वीडियो कॉल कनेक्ट कर दी गई।
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पीड़िता ने बताया कि खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताते हुए ठग ने उससे लाइव वीडियो गवाही मांगी। आधार नंबर और व्यक्तिगत विवरण की पुष्टि करने के लिए आईडी की मांग की गई। आरोपियों ने पीड़िता को बताया कि उनके नाम से 25 बैंक खाते धोखाधड़ी की गतिविधियों में संलिप्त थे। ऐसे में वह मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग डीलिंग और तस्करी के लिए संदेह के घेरे में थे। इससे महिला और ज्यादा भयभीत हो गई।
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आरोपियों ने महिला को डराते हुए दावा किया कि उनका आपराधिक संबंध हैं और सक्रिय खातों को सत्यापित कराना होगा। आरोपियों ने धमकी और डराने-धमकाने की रणनीति के साथ तीन घंटे तक पीड़िता को वीडियो कॉल के सामने ही रहने के निर्देश दिए। इस बीच ठगों ने पीड़िचा को आरोपों का एक पत्र भी भेजा। इसमें प्रवर्तन निदेशालय की सरकारी मुहर और एक युवक की गिरफ्तारी की बात थी। ठग ने इसके बाद अपने ही किसी साथी से यह कहते हुए बात कराई कि वह एसीपी शिवाजी राव शिंदे हैं। इस दौरान पीड़िता वीडियो निगरानी में रही और जालसाजों के झांसे में आकर अपने चार अलग-अलग खातों से 19 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने कहा था कि बाद में पैसे वापस कर दिए जाएंगे। उन्हें रात 8 बजे तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। वीडियो कॉल खत्म होने के तुरंत बाद पीड़िता ने गार्ड के फोन से अपने पति को कॉल किया और मामले की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि उसका फोन ट्रैक कर लिया गया है। इसके बाद शिकायत पुलिस को दी गई।



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58 हजार रुपये ठगे



गुरुग्राम। सीवन बिहार निवासी राहुल कुमार भगत सेक्टर-33 में रहते हैं। एक अप्रैल की शाम चार बजे वह ऑटो में बैठ कर इफको चौक मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-33 जा रहे थे। ऑटो में चार लोग सवार थे, जिन्होंने रास्ते में उसे बातों में उलझा लिया और मोबाइल का पासवर्ड व यूपीआई धोखे से ले लिया। आरोपियों ने दो बार में 58000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत पर साइबर थाना ईस्ट ने केस दर्ज कर लिया है।




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ऑनलाइन सामान बेचने के नाम पर 85200 रुपये ठगे



गुरुग्राम। एक युवक को ऑललाइन सामान लेना महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने उससे 85200 रुपये ठग लिए। बिलासपुर निवासी रूपेश ने मानेसर साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 फरवरी को इंडिया मार्ट द्वारा एलडीओ सामान के कुछ सैंपल देखे थे। कम रेट होने के कारण उन्होंने सामान खरीदने का आर्डर दे दिया। पीड़ित का कहना कि 85200 रुपये आरोपी के खाते में भेज दिए। एक सप्ताह तक सामान नहीं मिला। उसने फोन मिलाया तो आरोपी ने बात करना बंद कर दिया। तब उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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