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Gurugram News: मानेसर में गिरफ्तार 55 मजदूरों की रिहाई की मांग
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सीटू यूनियन ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। औद्योगिक क्षेत्र में वेतन बढ़ोतरी को लेकर हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 55 लोगों की रिहाई की मांग को लेकर सीटू यूनियन ने गुरुग्राम में प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रतिनिधियों ने लघु सचिवालय में एसडीएम हितेंद्र कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
इस धरने में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेश नौहरा और बसंत कुमार ने संयुक्त रूप से की। धरने को संबोधित करते हुए सीटू उपाध्यक्ष कामरेड सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन को मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक सरकार का रवैया मजदूरों के प्रति सख्त और दमनकारी रहा है। उन्होंने कहा कि 23,196 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग केवल सीटू की नहीं है, बल्कि इस पर बनी कमेटी में सभी पक्षों की सहमति पहले ही बन चुकी है। इस कमेटी में फैक्ट्री मालिकों के प्रतिनिधि, ट्रेड यूनियन, सरकार और श्रम विभाग के अधिकारी शामिल थे।
जिला अध्यक्ष सुरेश नौहरा ने कहा कि मजदूर आंदोलन को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मानेसर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी 55 मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए। धरने में यह भी मुद्दा उठाया गया कि एनसीआर के अलग-अलग राज्यों में न्यूनतम वेतन अलग-अलग है, जबकि काम की स्थिति और जीवन स्तर लगभग समान है। इसलिए पूरे क्षेत्र में एक समान न्यूनतम वेतन लागू किया जाना चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। औद्योगिक क्षेत्र में वेतन बढ़ोतरी को लेकर हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 55 लोगों की रिहाई की मांग को लेकर सीटू यूनियन ने गुरुग्राम में प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रतिनिधियों ने लघु सचिवालय में एसडीएम हितेंद्र कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
इस धरने में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेश नौहरा और बसंत कुमार ने संयुक्त रूप से की। धरने को संबोधित करते हुए सीटू उपाध्यक्ष कामरेड सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन को मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक सरकार का रवैया मजदूरों के प्रति सख्त और दमनकारी रहा है। उन्होंने कहा कि 23,196 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग केवल सीटू की नहीं है, बल्कि इस पर बनी कमेटी में सभी पक्षों की सहमति पहले ही बन चुकी है। इस कमेटी में फैक्ट्री मालिकों के प्रतिनिधि, ट्रेड यूनियन, सरकार और श्रम विभाग के अधिकारी शामिल थे।
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जिला अध्यक्ष सुरेश नौहरा ने कहा कि मजदूर आंदोलन को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मानेसर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी 55 मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए। धरने में यह भी मुद्दा उठाया गया कि एनसीआर के अलग-अलग राज्यों में न्यूनतम वेतन अलग-अलग है, जबकि काम की स्थिति और जीवन स्तर लगभग समान है। इसलिए पूरे क्षेत्र में एक समान न्यूनतम वेतन लागू किया जाना चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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