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सट्टा हारने पर हुआ कर्ज तो भांजे से मांगी 1 करोड़ की रंगदारी

Mon, 27 May 2019 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2019 11:21 PM IST
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सट्टा हारने पर हुआ कर्ज तो भांजे से मांगी 1 करोड़ की रंगदारी
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गुरुग्राम। सट्टा हारने से हुए कर्ज को उतारने के लिए एक व्यक्ति ने अपने ही भांजे से 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग ली। आरोपी ने रंगदारी के लिए अपने भांजे की गाड़ी में दो बार पर्ची छोड़ी। सीसीटीवी कैमरे में रंगदारी की पर्ची रखे जाने का खुलासा होने पर इसकी शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर 1 दिन के रिमांड पर लिया। सोमवार को रिमांड पूरा होने पर आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-5 पार्ट-6 निवासी विनोद कुमार ने शिकायत में बताया कि उनकी अशोक विहार फेज-3 में गणेश ट्रेङ्क्षडंग कंपनी है। 28 अप्रैल को उन्हें अपनी गाड़ी में पर्ची मिली थी जिसमें 1 करोड़ रुपये दिए जाने की मांग की गई थी। रुपये न देने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी। विनोद ने पुलिस को बताया कि इस पर्ची को उन्होंने मजाक समझकर फेंक दिया। इसके बाद 25 मई को उनकी गाड़ी में एक बार फिर पर्ची मिली। इस पर्ची में 1 करोड़ रुपये लेकर 27 मई को एंबिंयस मॉल की पार्किंग में पहुंचने को कहा गया था। रुपये न पहुंचाने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी। इस पर उन्होंने इसकी शिकायत सेक्टर-5 थाना पुलिस को दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जांच के दौरान पाया कि विनोद कुमार के मामा मियांवाली कॉलोनी निवासी लक्ष्मी नारायण को रविवार को अशोक विहार फेज-3 से गिरफ्तार कर अदालत से 1 दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान लक्ष्मी नारायण ने पूछताछ में बताया कि उसे अपनी दुकान से घाटा हो गया था। घाटा पूरा करने के लिए उसने सट्टा लगाकर रुपया कमाना चाहा, लेकिन उसमें भी किस्मत ने साथ नहीं दिया। इससे उनके सिर पर काफी अधिक कर्ज हो गया था। इस कर्ज को उतारने के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी। इस पर उन्होंने अपने भांजे के यहां नौकरी करनी शुरू कर दी। भांजे की माली हालत देखते हुए उन्होंने यह योजना बनाई और पर्ची लिखकर गाड़ी के डैशबोर्ड पर रख दी। पहली पर्ची को नजरअंदाज करने के बाद उन्होंने दूसरी पर्ची रख दी। लक्ष्मी नारायण ने बताया कि वह चाहते थे कि रुपये मिलते ही वह अपना सारा कर्ज उतार दें और आराम से जिंदगी गुजारे, लेकिन रुपये मिलने से पहले ही वह पकड़ा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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