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आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कार आत्मसात करें बेटियां: राज्यपाल
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- गुरुग्राम में राष्ट्रीय बालिका दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे राज्यपाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अभिभावक बेटियों को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करें। आज की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहीं हैं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने जिला प्रशासन की ओर से राजकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर बेटियों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बेटियों में आत्मरक्षा और आत्मविश्वास की भावना प्रबल होनी चाहिए। तभी हमारी बेटियां आगे बढ़ सकेंगी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। हरियाणा सरकार बधाई की पात्र है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में प्रदेश ने सफलता हासिल की। राज्य में लिंगानुपात में काफी सकारात्मक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई। हरियाणा सरकार ने इस दिशा में भी आगे कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2025 तक नई शिक्षा नीति को राज्य में लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस शिक्षा नीति में लैंगिक असमानता को दूर करने, डिजिटल एजुकेशन, कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ नैतिक शिक्षा पर पूरा जोर दिया गया है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि प्राचीन काल से हमारे समाज में नारियों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। सावित्री बाई फुले, मीराबाई, प्रतिभा पाटिल, सुषमा स्वराज के साथ ही वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज की महिलाओं के लिए प्रेरक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई जड़ से समाप्त होनी चाहिए। लड़कियों की शिक्षा और सेहत पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। अगर बेटियों को पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएं तो यह पूरे समाज को नई राह दिखा सकती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत संख्या निर्धारित कर सराहनीय काम किया है। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया।
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इससे पहले राज्यपाल ने देवी सरस्वती की प्रतिमा के आगे दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कन्या महाविद्यालय की छात्राओं और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीमों ने नारी शिक्षा पर जोर देते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। एडीसी हितेश कुमार मीणा ने समारोह में आने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पौष्टिक आहार व स्वयं सहायता समूहों के बनाए गए उत्पादों पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर काॅलेज प्राचार्य जितेंद्र मलिक, राज्यपाल के एडीसी हर्ष वर्मा, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी नेहा दहिया, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अभिभावक बेटियों को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करें। आज की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहीं हैं। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने जिला प्रशासन की ओर से राजकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय बालिका दिवस में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर बेटियों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बेटियों में आत्मरक्षा और आत्मविश्वास की भावना प्रबल होनी चाहिए। तभी हमारी बेटियां आगे बढ़ सकेंगी।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। हरियाणा सरकार बधाई की पात्र है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में प्रदेश ने सफलता हासिल की। राज्य में लिंगानुपात में काफी सकारात्मक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई। हरियाणा सरकार ने इस दिशा में भी आगे कदम बढ़ाते हुए वर्ष 2025 तक नई शिक्षा नीति को राज्य में लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस शिक्षा नीति में लैंगिक असमानता को दूर करने, डिजिटल एजुकेशन, कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ नैतिक शिक्षा पर पूरा जोर दिया गया है।
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि प्राचीन काल से हमारे समाज में नारियों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। सावित्री बाई फुले, मीराबाई, प्रतिभा पाटिल, सुषमा स्वराज के साथ ही वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज की महिलाओं के लिए प्रेरक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई जड़ से समाप्त होनी चाहिए। लड़कियों की शिक्षा और सेहत पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। अगर बेटियों को पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएं तो यह पूरे समाज को नई राह दिखा सकती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत संख्या निर्धारित कर सराहनीय काम किया है। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया।
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इससे पहले राज्यपाल ने देवी सरस्वती की प्रतिमा के आगे दीप प्रज्जवलित कर राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कन्या महाविद्यालय की छात्राओं और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीमों ने नारी शिक्षा पर जोर देते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। एडीसी हितेश कुमार मीणा ने समारोह में आने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पौष्टिक आहार व स्वयं सहायता समूहों के बनाए गए उत्पादों पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस मौके पर काॅलेज प्राचार्य जितेंद्र मलिक, राज्यपाल के एडीसी हर्ष वर्मा, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी नेहा दहिया, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेंद्र कुमार उपस्थित रहे।